मध्य प्रदेश: रक्षाबंधन पर 'मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा' लॉन्च, 5,206 बसें — 1,164 मार्गों पर महिलाओं को सुरक्षित सफर
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश सरकार रक्षाबंधन के अवसर पर 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' (मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा) का शुभारंभ करने जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को राज्य संचालित बसों में सुरक्षित, सुविधाजनक और भरोसेमंद यात्रा उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस योजना की जानकारी साझा करते हुए बताया कि रक्षाबंधन पर इसका प्रतीकात्मक शुभारंभ किया जाएगा और चरणबद्ध विस्तार के लिए व्यापक रणनीति तैयार की जा रही है। यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की कमी को दूर करने के लिए बनाई गई है।
योजना की पृष्ठभूमि
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था कमज़ोर पड़ी थी और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को क्षमता से अधिक भरे निजी वाहनों में यात्रा करने को मजबूर होना पड़ता था। उनके अनुसार, अब सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार के बाद प्रभावी बस सेवा को पुनर्जीवित करने का उचित समय आ गया है। यह योजना केंद्र सरकार की पीएम ई-बस सेवा के साथ समन्वय में भी संचालित होगी।
इंदौर से होगी पहले चरण की शुरुआत
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा के तहत बसों का संचालन जुलाई से सबसे पहले इंदौर संभाग में शुरू होगा। इंदौर संभाग में बस संचालन की जिम्मेदारी अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड को सौंपी गई है। प्रारंभिक चरण में तीन श्रेणियों की बसें चलाई जाएंगी।
पहली श्रेणी में मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों को जोड़ने वाले 121 अंतरजिला मार्गों पर 608 बसें शामिल हैं। दूसरी श्रेणी में इंदौर शहर और उपनगरीय क्षेत्रों के 28 मार्गों पर बसें चलेंगी। तीसरी श्रेणी में महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले 101 अंतरराज्यीय मार्गों पर 276 बसें संचालित होंगी। इसके अतिरिक्त, पीएम ई-बस सेवा के तहत जुलाई से इंदौर शहर में 150 इलेक्ट्रिक बसें भी चलाई जाएंगी।
राज्यव्यापी विस्तार की रूपरेखा
राज्य स्तर पर सात संभागीय मुख्यालयों और जिला मुख्यालयों को जोड़ने वाले 620 मार्गों की पहचान की गई है, जहाँ 2,432 बसों का संचालन किया जाएगा। पूरी योजना के तहत सातों संभागों में कुल 1,164 मार्गों पर 5,206 बसें चलाने की तैयारी है। पहले चरण में अधिक मांग वाले मार्गों को प्राथमिकता दी जाएगी।
महिलाओं और आम जनता पर असर
सरकार का मानना है कि यह पहल महिलाओं की आवाजाही को सुगम बनाएगी, प्रदेश में संपर्क व्यवस्था को सुदृढ़ करेगी और संगठित सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहन देगी। सुरक्षित यात्रा विकल्प उपलब्ध कराकर सरकार रक्षाबंधन के अवसर को बहनों के लिए और अधिक यादगार बनाने का प्रयास कर रही है। गौरतलब है कि यह योजना ऐसे समय में आई है जब ग्रामीण महिलाओं की गतिशीलता और सार्वजनिक परिवहन तक पहुँच राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनी हुई है।