आकाश आनंद के 'अंकल' वाले बयान पर कांग्रेस का पलटवार: 'उम्र से नहीं, संघर्ष से बनता है युवा नेता'
सारांश
मुख्य बातें
बहुजन समाज पार्टी (BSP) के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 'अंकल' कहे जाने और संविधान पर की गई टिप्पणी के बाद कांग्रेस ने 11 अगस्त को तीखा जवाब दिया। कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने स्पष्ट कहा कि महज कम उम्र होना किसी को युवाओं का नेता नहीं बनाता — नेतृत्व युवाओं के सवालों को उठाने और उनके हक के लिए मैदान में उतरने से साबित होता है।
कांग्रेस का सीधा हमला
कांग्रेस प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि यदि आकाश आनंद वास्तव में खुद को युवाओं और छात्रों का प्रतिनिधि मानते हैं, तो उन्हें पेपर लीक, बेरोज़गारी, और छात्रों पर कथित लाठीचार्ज तथा गोलीबारी जैसे गंभीर मुद्दों पर भी मुखर होना चाहिए। अवस्थी ने आरोप लगाया कि इन्हीं ज्वलंत सवालों पर आकाश आनंद की चुप्पी उनके दावे को खोखला करती है।
संविधान पर टिप्पणी को लेकर तीखी आपत्ति
अंशु अवस्थी ने यह भी कहा कि बहुजन समाज पार्टी दशकों से बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और कांशीराम के विचारों को अपनी विचारधारा का आधार बताती रही है। ऐसे में बाबा साहब आंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान के प्रति अपमानजनक रुख पार्टी की मूल पहचान से सीधा विरोधाभास है। उन्होंने कहा, 'कम से कम भारत के संविधान का अपमान मत करिए। राहुल गांधी और कांग्रेस के बहाने संविधान को अपमानित मत करिए।'
BSP और BJP में फर्क पर सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता ने आकाश आनंद से तीखा सवाल किया — यदि वह भी संविधान बदलने के आरोपों की भाषा बोल रहे हैं, तो BSP और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच वैचारिक अंतर क्या बचता है? उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन संविधान और उसके मूल्यों का सम्मान हर दल की बुनियादी जिम्मेदारी है।
पूरा विवाद कहाँ से शुरू हुआ
गौरतलब है कि BSP प्रमुख मायावती के भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने हाल ही में राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए दोनों को 'अंकल' करार दिया था और कहा था कि वे अब युवाओं के नेता नहीं रहे। इसी बयान के साथ उन्होंने संविधान को लेकर भी एक टिप्पणी की थी, जिसे कांग्रेस ने आपत्तिजनक बताया।
आगे क्या
यह वाकयुद्ध ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में विपक्षी दल अपनी-अपनी युवा राजनीति की ज़मीन तलाश रहे हैं। कांग्रेस की इस प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि वह BSP को भी वैचारिक स्तर पर घेरने की रणनीति अपना रही है। आने वाले दिनों में आकाश आनंद की ओर से जवाब आने की संभावना है, जो इस राजनीतिक बहस को और तेज़ कर सकता है।