11 अगस्त 2026
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आकाश आनंद के 'अंकल' वाले बयान पर कांग्रेस का पलटवार: 'उम्र से नहीं, संघर्ष से बनता है युवा नेता'

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आकाश आनंद के 'अंकल' वाले बयान पर कांग्रेस का पलटवार: 'उम्र से नहीं, संघर्ष से बनता है युवा नेता'

सारांश

BSP संयोजक आकाश आनंद ने राहुल गांधी को 'अंकल' कहा और संविधान पर टिप्पणी की — कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि युवा नेतृत्व उम्र से नहीं, पेपर लीक और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर आवाज़ उठाने से साबित होता है। BSP की आंबेडकरवादी विरासत और संविधान पर रुख का विरोधाभास भी उजागर हुआ।

मुख्य बातें

आकाश आनंद ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव को 'अंकल' कहते हुए उन्हें युवाओं का नेता मानने से इनकार किया।
कांग्रेस प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने 11 अगस्त को एक्स पर पलटवार करते हुए कहा कि केवल उम्र कम होने से युवा नेता नहीं बना जाता।
अवस्थी ने आकाश आनंद से पेपर लीक , बेरोज़गारी और छात्रों पर कथित लाठीचार्ज जैसे मुद्दों पर चुप्पी का हिसाब माँगा।
कांग्रेस ने BSP को उसकी आंबेडकरवादी विरासत याद दिलाते हुए संविधान पर टिप्पणी को आपत्तिजनक बताया।
कांग्रेस ने सवाल उठाया कि संविधान को लेकर BSP और BJP के रुख में आखिर फर्क क्या है।

बहुजन समाज पार्टी (BSP) के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 'अंकल' कहे जाने और संविधान पर की गई टिप्पणी के बाद कांग्रेस ने 11 अगस्त को तीखा जवाब दिया। कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने स्पष्ट कहा कि महज कम उम्र होना किसी को युवाओं का नेता नहीं बनाता — नेतृत्व युवाओं के सवालों को उठाने और उनके हक के लिए मैदान में उतरने से साबित होता है।

कांग्रेस का सीधा हमला

कांग्रेस प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि यदि आकाश आनंद वास्तव में खुद को युवाओं और छात्रों का प्रतिनिधि मानते हैं, तो उन्हें पेपर लीक, बेरोज़गारी, और छात्रों पर कथित लाठीचार्ज तथा गोलीबारी जैसे गंभीर मुद्दों पर भी मुखर होना चाहिए। अवस्थी ने आरोप लगाया कि इन्हीं ज्वलंत सवालों पर आकाश आनंद की चुप्पी उनके दावे को खोखला करती है।

संविधान पर टिप्पणी को लेकर तीखी आपत्ति

अंशु अवस्थी ने यह भी कहा कि बहुजन समाज पार्टी दशकों से बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और कांशीराम के विचारों को अपनी विचारधारा का आधार बताती रही है। ऐसे में बाबा साहब आंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान के प्रति अपमानजनक रुख पार्टी की मूल पहचान से सीधा विरोधाभास है। उन्होंने कहा, 'कम से कम भारत के संविधान का अपमान मत करिए। राहुल गांधी और कांग्रेस के बहाने संविधान को अपमानित मत करिए।'

BSP और BJP में फर्क पर सवाल

कांग्रेस प्रवक्ता ने आकाश आनंद से तीखा सवाल किया — यदि वह भी संविधान बदलने के आरोपों की भाषा बोल रहे हैं, तो BSP और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच वैचारिक अंतर क्या बचता है? उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन संविधान और उसके मूल्यों का सम्मान हर दल की बुनियादी जिम्मेदारी है।

पूरा विवाद कहाँ से शुरू हुआ

गौरतलब है कि BSP प्रमुख मायावती के भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने हाल ही में राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए दोनों को 'अंकल' करार दिया था और कहा था कि वे अब युवाओं के नेता नहीं रहे। इसी बयान के साथ उन्होंने संविधान को लेकर भी एक टिप्पणी की थी, जिसे कांग्रेस ने आपत्तिजनक बताया।

आगे क्या

यह वाकयुद्ध ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में विपक्षी दल अपनी-अपनी युवा राजनीति की ज़मीन तलाश रहे हैं। कांग्रेस की इस प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि वह BSP को भी वैचारिक स्तर पर घेरने की रणनीति अपना रही है। आने वाले दिनों में आकाश आनंद की ओर से जवाब आने की संभावना है, जो इस राजनीतिक बहस को और तेज़ कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह BSP के वैचारिक अंतर्विरोध को सामने लाता है — एक तरफ आंबेडकर की विरासत का दावा, दूसरी तरफ उन्हीं के बनाए संविधान पर सवाल उठाने वाली भाषा। यह भी ध्यान देने योग्य है कि पेपर लीक और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर BSP की सक्रियता का रिकॉर्ड कमज़ोर रहा है, जो कांग्रेस के आरोप को ज़मीनी ताकत देता है। उत्तर प्रदेश में युवा राजनीति की यह लड़ाई आने वाले चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आकाश आनंद ने राहुल गांधी को 'अंकल' क्यों कहा?
BSP के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव को 'अंकल' कहते हुए तर्क दिया कि वे अब युवाओं के नेता नहीं रहे। यह बयान उन्होंने खुद को युवा राजनीति के विकल्प के रूप में पेश करने के संदर्भ में दिया।
कांग्रेस ने आकाश आनंद के बयान पर क्या जवाब दिया?
कांग्रेस प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने 11 अगस्त को एक्स पर लिखा कि उम्र कम होने से कोई युवा नेता नहीं बनता — नेतृत्व पेपर लीक, बेरोज़गारी और छात्रों पर कथित लाठीचार्ज जैसे मुद्दों पर आवाज़ उठाने से साबित होता है। उन्होंने आकाश आनंद पर इन्हीं मुद्दों पर चुप रहने का आरोप लगाया।
संविधान को लेकर विवाद क्या है?
आकाश आनंद ने संविधान पर एक टिप्पणी की थी जिसे कांग्रेस ने आपत्तिजनक बताया। कांग्रेस का तर्क है कि BSP बाबा साहब आंबेडकर की विरासत का दावा करती है, इसलिए उन्हीं के बनाए संविधान का अपमान पार्टी की मूल पहचान से विरोधाभासी है।
कांग्रेस ने BSP और BJP की तुलना क्यों की?
अंशु अवस्थी ने सवाल उठाया कि यदि आकाश आनंद भी संविधान को लेकर वैसी ही भाषा बोल रहे हैं जैसी BJP पर आरोप लगाई जाती है, तो दोनों दलों में वैचारिक फर्क क्या बचता है। यह कांग्रेस की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह संविधान रक्षा को अपनी पहचान बनाना चाहती है।
इस राजनीतिक विवाद का उत्तर प्रदेश की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
यह वाकयुद्ध ऐसे समय में उभरा है जब UP में विपक्षी दल युवा मतदाताओं को साधने की कोशिश में हैं। BSP, कांग्रेस और सपा के बीच यह खींचतान आगामी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है, खासकर युवा और दलित वोटबैंक को लेकर।
राष्ट्र प्रेस
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