मोहसिन रजा का तंज: 'जेन-जी जान गई कौन उनके साथ है', राहुल-अखिलेश को बताया 'असली अंकल'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता मोहसिन रजा ने 10 अगस्त 2026 को लखनऊ में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा तंज कसा। यह प्रतिक्रिया बहुजन समाज पार्टी (BSP) नेता आकाश आनंद के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी और अखिलेश यादव को 'अंकल' की संज्ञा दी थी।
मोहसिन रजा का 'जेन-जी' वाला बयान
रजा ने कहा, 'अब जेन-जी सब कुछ समझता है। देश के युवा छात्र और आने वाली पीढ़ी जानती है कि कौन उनके साथ खड़ा है और कौन उनके खिलाफ। इसीलिए उस युवा ने उन्हें अंकल कहा। अब आप सच में अंकल हैं। आप देश हित में काम नहीं कर सकते। एक अंकल की तरह किनारे बैठ जाइए।' उन्होंने आगे जोड़ा कि जो देश हित में काम करना चाहते हैं, वे 'प्रधान सेवक' को देखें, जो सबकी बात सुनते हैं और सभी के साथ चर्चा करते हैं।
रांची छात्र आंदोलन पर BJP की प्रतिक्रिया
रजा ने रांची में छात्र आंदोलन के दौरान की गई कार्रवाई पर कहा कि जहाँ भी कांग्रेस समर्थित या कांग्रेस की सरकारें हैं, वहाँ छात्रों और जनता के साथ इमरजेंसी जैसा बर्ताव किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन में लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग किया गया, जो आपातकाल की याद दिलाता है। उनका कहना था कि युवा और आम जनता कांग्रेस को इसके लिए कभी माफ नहीं करेगी।
संसद में जंतर-मंतर मुद्दे पर चर्चा
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन को लेकर विपक्ष संसद में चर्चा करना चाहता है। इस पर रजा ने कहा कि BJP हमेशा से मानती है कि सदन चर्चा के लिए होता है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने जंतर-मंतर के मुद्दे पर जनता को गुमराह किया और BJP इसे उजागर करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस सदन में रहना ही नहीं चाहती।
सहारनपुर महासम्मेलन पर तंज
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में 'युवा योद्धा महासम्मेलन' करने वाले हैं, जो जेन-जी को साधने का प्रयास माना जा रहा है। रजा ने इस पर कहा कि जब ये दोनों नेता युवा थे, तब 2017 में एक-दूसरे की बांहों में बांहें डालकर एक ही राह पर चले थे और उस वक्त प्रदेश की जनता ने उन्हें नकार दिया था। उनके अनुसार, अब भी लोगों को लगता है कि ये नेता अपने हित की बात करेंगे, देशहित की नहीं।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा था, जब BJP ने ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया था। यह ऐसे समय में आया है जब युवा राजनीति और जेन-जी मतदाताओं को लुभाने की होड़ तेज हो गई है और सभी प्रमुख दल इस वर्ग को अपनी ओर खींचने में जुटे हैं। आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले इस तरह के बयान राजनीतिक माहौल को और गर्म कर सकते हैं।