राहुल गांधी के नेतृत्व में भाजपा से लड़ाई, बाकी सब सहयोगी: अखिलेश की टिप्पणी पर इमरान मसूद
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 26 अगस्त को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि उत्तर प्रदेश में मुख्य मुकाबला भाजपा बनाम सपा के बीच होगा। मसूद ने स्पष्ट किया कि भाजपा के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर विचारधारा की लड़ाई का नेतृत्व कांग्रेस नेता राहुल गांधी कर रहे हैं, और इस लड़ाई में अन्य दल केवल सहयोगी की भूमिका में हैं।
मुख्य बयान: दो विचारधाराओं की लड़ाई
इमरान मसूद ने कहा, 'देश के अंदर दो विचारधाराओं की लड़ाई है। एक का नेतृत्व राहुल गांधी कर रहे हैं और दूसरी विचारधारा का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'यह विचारधारा और देश के बदलाव की लड़ाई है। इस लड़ाई में कोई इधर से सहयोगी होगा और कोई ऊधर से, लेकिन लड़ाई बिल्कुल साफ है और यह राहुल गांधी के नेतृत्व में ही लड़ी जा रही है।'
गौरतलब है कि अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय में आया है जब इंडिया गठबंधन के भीतर सीट-बँटवारे और नेतृत्व को लेकर सवाल उठते रहे हैं। मसूद की यह प्रतिक्रिया उन सवालों को सीधे संबोधित करती है।
जेपी सेंटर निजीकरण और संविदा भर्ती पर निशाना
लखनऊ के जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर को निजी हाथों में सौंपे जाने के आरोपों पर मसूद ने कहा, 'जो भी चीजें पहले बनाई गई हैं, उन सभी को इस सरकार ने बेचने का काम किया है। इसलिए सरकार ठेके पर चल रही है।' उन्होंने यह भी कहा कि नौकरियाँ न देने के पीछे आरक्षण से बचने की मंशा है, और जब संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों को भी संविदा पर रखा जा सकता है तो देश की दिशा समझी जा सकती है।
शिक्षा और युवा नीति पर सवाल
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जेन-जी को टैबलेट देने के निर्णय को मसूद ने अपर्याप्त बताया। उन्होंने कहा, 'लुभाने से काम नहीं चलेगा। पिछले 5 साल में IIT के 70 छात्रों ने आत्महत्या की। अगर IIT के बच्चे आत्महत्या कर रहे हैं तो देश की स्थिति समझ सकते हैं।'
हिजाब फैसले और कंगना विवाद पर प्रतिक्रिया
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस फैसले पर — जिसमें कहा गया कि हिजाब स्कूल यूनिफॉर्म का हिस्सा नहीं है — मसूद ने कहा, 'कोई क्या पहनता है या क्या नहीं, इसे धर्म के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। सिर ढकना हमारी संस्कृति का हिस्सा है।' वहीं, भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा अभिनेत्री कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन की आलोचना पर मसूद ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि कंगना को पहले अपने पहनावे पर ध्यान देना चाहिए।
आगे क्या
इमरान मसूद के इन बयानों ने इंडिया गठबंधन के भीतर नेतृत्व और भूमिका को लेकर चल रही बहस को और तेज कर दिया है। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और सपा के बीच स्थान-निर्धारण की यह राजनीतिक कवायद निर्णायक साबित हो सकती है।