10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

यूपी में कांग्रेस की अपनी हैसियत नहीं, सपा गठबंधन से ही मिलेगा फायदा: बृजभूषण शरण सिंह

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
यूपी में कांग्रेस की अपनी हैसियत नहीं, सपा गठबंधन से ही मिलेगा फायदा: बृजभूषण शरण सिंह

सारांश

BJP नेता बृजभूषण शरण सिंह ने गोंडा में साफ कहा — यूपी में कांग्रेस की अपनी ज़मीन नहीं, सपा के कंधे पर सवार होकर ही सीटें मिल सकती हैं। 2017 में 106 सीटें मिलीं, जीती सिर्फ 7; 2022 में अकेले लड़े तो सिर्फ 2 सीटें। अब 2024 की 43 सीटों की जीत के बाद 2027 के लिए फिर गठबंधन की कोशिश।

मुख्य बातें

BJP नेता बृजभूषण शरण सिंह ने 10 अगस्त 2026 को कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की कोई स्वतंत्र राजनीतिक हैसियत नहीं है।
उनके अनुसार कांग्रेस केवल समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन करके ही चुनावी फायदा उठा सकती है।
2017 में सपा-कांग्रेस गठबंधन में कांग्रेस को 106 सीटें मिलीं, लेकिन वह केवल 7 सीटें जीत पाई; 2022 में अकेले लड़कर सिर्फ 2 सीटें जीतीं।
2024 लोकसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन ने यूपी की 80 में से 43 सीटें जीतीं।
सपा सांसद राम गोपाल यादव ने बृजभूषण के बयान पर टिप्पणी करने से इनकार किया।
यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा पार्टी 2027 का चुनाव 'बराबरी और सम्मान' के साथ लड़ेगी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता बृजभूषण शरण सिंह ने 10 अगस्त 2026 को गोंडा में स्पष्ट शब्दों में कहा कि उत्तर प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की कोई स्वतंत्र राजनीतिक ज़मीन नहीं है और वह समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन के सहारे ही चुनावी लाभ उठा सकती है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ तेज़ हो रही हैं और दोनों विपक्षी दल सीट-बंटवारे की बातचीत की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।

बृजभूषण का सीधा वार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जुड़े एक सवाल पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, 'उनकी स्वयं की अपनी कोई हैसियत नहीं है। वे समाजवादी पार्टी के कंधे पर सवार होकर ही कुछ सीटें जीत सकते हैं। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की भी अपनी कोई हैसियत नहीं है। अब, अगर वे गठबंधन के तहत चुनाव लड़ते हैं, तो उन्हें कुछ फायदा हो सकता है।' उनका यह बयान विपक्षी गठबंधन की कमज़ोरियों को उजागर करने की BJP की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

सपा की चुप्पी, कांग्रेस का संकल्प

बृजभूषण की टिप्पणी पर समाजवादी पार्टी ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी। सपा सांसद राम गोपाल यादव से जब इस बयान पर प्रतिक्रिया माँगी गई, तो उन्होंने संक्षेप में कहा, 'हम उस पर क्या टिप्पणी कर सकते हैं? मेरे पास कहने के लिए कुछ नहीं है।' दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश के कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा है कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव 'बराबरी और सम्मान' के साथ लड़ेगी।

गठबंधन का इतिहास: उतार-चढ़ाव भरा सफर

2017 के विधानसभा चुनाव में 'यूपी के दो लड़के' के नारे के साथ सपा-कांग्रेस गठबंधन बना था, जिसमें कांग्रेस को 403 में से 106 सीटें आवंटित की गई थीं। परिणाम निराशाजनक रहा और कांग्रेस महज 7 सीटें ही जीत पाई। इसके बाद 2022 में दोनों दलों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा और कांग्रेस की सीटें घटकर सिर्फ 2 रह गईं — जो उसके लिए ऐतिहासिक निचला स्तर था।

2024 का समीकरण और 2027 की उम्मीद

हालाँकि, 2024 के लोकसभा चुनावों ने इस समीकरण को पलट दिया। सपा और कांग्रेस ने मिलकर उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 43 सीटें जीतीं, जिसने दोनों दलों के बीच गठबंधन की प्रासंगिकता को फिर से स्थापित किया। इस प्रदर्शन के बल पर कांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए सपा के साथ सीट-बंटवारे की वार्ता जल्द शुरू करने की कोशिश में है। गौरतलब है कि 2024 की सफलता के बावजूद विधानसभा स्तर पर कांग्रेस की ज़मीनी पकड़ को लेकर सवाल बरकरार हैं।

आगे की राह

यूपी की राजनीति में 2027 का चुनाव विपक्षी एकता की असली परीक्षा होगी। सपा-कांग्रेस गठबंधन की शर्तें, सीटों का बँटवारा और नेतृत्व का सवाल — ये सभी मुद्दे आने वाले महीनों में केंद्र में रहेंगे। BJP की रणनीति विपक्षी खेमे में दरार उजागर करने की है, जबकि विपक्ष 2024 की एकजुटता को बनाए रखने पर ज़ोर दे रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें तथ्यात्मक आधार है — 2022 में कांग्रेस की 2 सीटें इसका प्रमाण हैं। विडंबना यह है कि 2024 की 43 सीटों की सफलता ने कांग्रेस को गठबंधन में 'बराबरी' की माँग करने का हौसला दिया है, जबकि विधानसभा स्तर पर उसकी ज़मीनी ताकत अभी भी संदिग्ध है। सपा की चुप्पी भी संकेत देती है कि वह सीट-बंटवारे में कांग्रेस को ज़्यादा हिस्सा देने के मूड में नहीं। 2027 की असली लड़ाई BJP बनाम विपक्ष से पहले, विपक्ष के भीतर ही होगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बृजभूषण शरण सिंह ने कांग्रेस के बारे में क्या कहा?
BJP नेता बृजभूषण शरण सिंह ने 10 अगस्त 2026 को गोंडा में कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की अपनी कोई राजनीतिक हैसियत नहीं है और वह सपा के साथ गठबंधन करके ही कुछ सीटें जीत सकती है। उन्होंने राहुल गांधी के बारे में भी कहा कि उनकी खुद की कोई स्वतंत्र हैसियत नहीं है।
उत्तर प्रदेश में सपा-कांग्रेस गठबंधन का इतिहास क्या है?
2017 में 'यूपी के दो लड़के' के नारे के साथ दोनों दलों ने गठबंधन किया था, जिसमें कांग्रेस को 106 सीटें मिलीं लेकिन वह केवल 7 जीत पाई। 2022 में दोनों अलग लड़े और कांग्रेस सिर्फ 2 सीटें जीत पाई। 2024 के लोकसभा चुनाव में फिर साथ आए और 80 में से 43 सीटें जीतीं।
2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन की क्या स्थिति है?
कांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए सपा के साथ सीट-बंटवारे की बातचीत जल्द शुरू करना चाहती है। यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा है कि पार्टी 'बराबरी और सम्मान' के साथ चुनाव लड़ेगी, हालाँकि अभी तक कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ है।
सपा ने बृजभूषण के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
समाजवादी पार्टी ने इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी। सपा सांसद राम गोपाल यादव ने पूछे जाने पर कहा कि उनके पास इस पर कहने के लिए कुछ नहीं है।
2024 लोकसभा चुनाव में यूपी में सपा-कांग्रेस गठबंधन का प्रदर्शन कैसा रहा?
2024 के लोकसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस ने मिलकर उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 43 सीटें जीतीं। इस प्रदर्शन ने विपक्षी गठबंधन की प्रासंगिकता को फिर से स्थापित किया और 2027 के लिए गठबंधन की उम्मीदें जगाई हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 2 महीने पहले