सपा-कांग्रेस गठबंधन हुआ तो भी 2017 जैसा हश्र होगा: ओम प्रकाश राजभर
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 2 सितंबर को लखनऊ में स्पष्ट कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) का संभावित गठबंधन कोई राजनीतिक लाभ नहीं दे पाएगा, और परिणाम 2017 के विधानसभा चुनाव जैसा ही रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सीट-बँटवारे की कवायद से उनकी पार्टी को कोई सरोकार नहीं है।
गठबंधन पर राजभर का दावा
राजभर ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी खुद यह मान रहे हैं कि सपा आगामी चुनाव में पराजय की ओर है, इसलिए ऐसी पार्टी से गठबंधन का कोई अर्थ नहीं। उनके अनुसार, 'अगर ये दोनों गठबंधन कर भी लेते हैं, तो इन्हें कोई फायदा होने वाला नहीं है — पूरा नतीजा 2017 जैसा ही रहेगा।' गौरतलब है कि 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भारी बहुमत से हराया था।
अखिलेश यादव के एआई वीडियो पर प्रतिक्रिया
सपा कार्यालय में अखिलेश यादव की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कथित एआई-निर्मित वीडियो चलाए जाने पर राजभर ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह 'विनाश काले विपरीत बुद्धि' का प्रतीक है और अखिलेश यादव की बुद्धि भ्रष्ट हो चुकी है, इसीलिए वे इस तरह की हरकत कर रहे हैं।
अन्य मुद्दों पर राजभर के विचार
राम मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन की प्रक्रिया को राजभर ने 'बहुत अच्छी पहल' बताते हुए इसका स्वागत किया। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में आतंकवाद पर भारत के कड़े रुख को उन्होंने सराहनीय बताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब भी किसी देश जाते हैं, आतंकवाद की भर्त्सना करते हैं और शांति का संदेश देते हैं।
उत्तराखंड में मदरसों पर हो रही कार्रवाई को उन्होंने उचित बताते हुए कहा कि जिन मदरसों के पास वैध दस्तावेज़ नहीं हैं, वे या तो कागजात बनवाएँ अन्यथा बंद हों। नेपाल में आई बाढ़ की त्रासदी पर उन्होंने दुख व्यक्त किया और इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
आरक्षण विवाद और चुनाव आयोग पर टिप्पणी
जीतन राम मांझी और चिराग पासवान के बीच आरक्षण को लेकर चल रहे मतभेद पर राजभर ने मांझी का पक्ष लिया। उनके अनुसार, यह लड़ाई गरीबों को आरक्षण दिलाने की है, न कि संपन्न वर्ग को। उन्होंने कहा कि वे गरीब पृष्ठभूमि से आते हैं, इसलिए गरीबों की बात करेंगे।
राहुल गांधी द्वारा महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में 'वोट चोरी' के आरोप पर राजभर ने कहा कि चुनाव आयोग (ECI) और BJP दो अलग-अलग संस्थाएँ हैं और दोनों को एक नज़र से देखना उचित नहीं है। साथ ही, अपने विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई को उन्होंने सही ठहराया।
क्या होगा आगे
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ तेज़ होती जा रही हैं और गठबंधन की संभावनाओं पर राजनीतिक बयानबाज़ी का दौर जारी है। राजभर के इस बयान के बाद सपा और कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। आने वाले हफ्तों में गठबंधन की स्थिति और स्पष्ट होगी।