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2027 UP चुनाव: ओपी राजभर का दावा — कांग्रेस-सपा 47 सीटें भी नहीं बचा पाएंगे

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2027 UP चुनाव: ओपी राजभर का दावा — कांग्रेस-सपा 47 सीटें भी नहीं बचा पाएंगे

सारांश

आजमगढ़ में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 2027 को लेकर विपक्ष पर सीधा प्रहार किया — 2017 में साथ लड़कर सिर्फ 47 सीटें जीतने वाले सपा-कांग्रेस गठबंधन के लिए इस बार वही संख्या बचाना भी मुश्किल होगा। जवाब में अखिलेश यादव ने 'वोट की लूट' की चेतावनी देते हुए यूपी चुनाव को देश के लोकतंत्र की अग्निपरीक्षा बताया।

मुख्य बातें

मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 13 जून 2026 को आजमगढ़ में दावा किया कि 2027 में कांग्रेस-सपा गठबंधन 47 सीटें भी नहीं बचा पाएगा।
2017 के विधानसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन को मिलकर केवल 47 सीटें मिली थीं।
राजभर ने 'बुलडोजर मॉडल' का उल्लेख करते हुए अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई जारी रखने की चेतावनी दी।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने BJP पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग और 'वोट की लूट' का आरोप लगाया।
अखिलेश ने महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन को विपक्ष-विरोधी बताते हुए सवाल उठाए।

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में 13 जून 2026 को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान राज्य मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर दावा किया कि विपक्षी गठबंधन अपनी पिछली सीटें भी बचाने में नाकाम रहेगा।

राजभर का चुनावी दावा

ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और सपा ने मिलकर चुनाव लड़ा था, फिर भी दोनों दल मिलकर केवल 47 सीटें ही जीत पाए थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि 2027 में ये दोनों दल साथ मिलकर वही 47 सीटें भी बचा लें, तो यह उनके लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी।

कानून-व्यवस्था पर सरकार का पक्ष

राजभर ने कहा कि प्रदेश में कानून का राज पूरी तरह स्थापित है और अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जो भी कानून तोड़ेगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी और सरकार किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरतेगी। उन्होंने 'बुलडोजर मॉडल' का उल्लेख करते हुए कहा कि अपराधियों को उनके किए की सजा अवश्य मिलेगी।

अखिलेश यादव का पलटवार

दूसरी ओर, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश में भी पश्चिम बंगाल और बिहार की तरह 'वोट की लूट' या चुनावी बेईमानी हुई, तो यह देश का आखिरी चुनाव साबित हो सकता है।

अखिलेश यादव का आरोप है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने की कोशिश की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब 2027 के चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज़ हो रही हैं।

महिला आरक्षण और परिसीमन पर विवाद

सपा प्रमुख ने महिला आरक्षण और परिसीमन (डीलिमिटेशन) के मुद्दे पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर ऐसा परिसीमन लागू करना चाहती है, जिससे विपक्षी दलों और नेताओं के लिए चुनाव जीतना कठिन हो जाए।

2027 की राजनीतिक तस्वीर

आरोपों और जवाबी हमलों के बीच उत्तर प्रदेश की राजनीति दो ध्रुवों में बँटती दिख रही है — विपक्ष चुनावी पारदर्शिता पर सवाल उठा रहा है, जबकि BJP और उसके सहयोगी विकास, सुशासन और कानून-व्यवस्था को अपना प्रमुख चुनावी एजेंडा बता रहे हैं। गौरतलब है कि 2017 में सपा-कांग्रेस गठबंधन की करारी हार के बाद से विपक्ष अब तक एकजुट रणनीति नहीं बना पाया है, और 2027 के चुनाव से पहले यह बहस और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अखिलेश यादव का 'आखिरी चुनाव' वाला बयान भावनात्मक लामबंदी की कोशिश है, लेकिन यह तब तक प्रभावी नहीं होगा जब तक सपा ज़मीनी स्तर पर ठोस गठबंधन नहीं बनाती। असली सवाल यह है कि 2017 की हार से सबक लेते हुए विपक्ष इस बार सीट-बँटवारे और प्रत्याशी चयन में कितनी परिपक्वता दिखाता है — क्योंकि बयानबाज़ी से नहीं, संगठन से चुनाव जीते जाते हैं।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओपी राजभर ने 2027 चुनाव को लेकर क्या कहा?
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और सपा यदि मिलकर अपनी 47 सीटें भी बचा लें, तो यह उनके लिए बड़ी उपलब्धि होगी। उन्होंने याद दिलाया कि 2017 में दोनों दलों ने गठबंधन में चुनाव लड़ा था और केवल 47 सीटें ही जीत पाए थे।
2017 के UP चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन को कितनी सीटें मिली थीं?
2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा था और दोनों को मिलाकर केवल 47 सीटें मिली थीं। BJP ने उस चुनाव में भारी बहुमत से जीत दर्ज की थी।
अखिलेश यादव ने 'आखिरी चुनाव' की चेतावनी क्यों दी?
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि यदि उत्तर प्रदेश में पश्चिम बंगाल और बिहार की तरह 'वोट की लूट' हुई, तो यह देश का आखिरी चुनाव साबित हो सकता है। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर किया जा रहा है।
परिसीमन और महिला आरक्षण पर सपा की क्या आपत्ति है?
अखिलेश यादव का आरोप है कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर ऐसा परिसीमन लागू करना चाहती है, जिससे विपक्षी दलों और नेताओं के लिए चुनाव जीतना कठिन हो जाए। उनके अनुसार यह कदम राजनीतिक रूप से प्रेरित है।
UP में 'बुलडोजर मॉडल' क्या है?
उत्तर प्रदेश सरकार के संदर्भ में 'बुलडोजर मॉडल' उस प्रशासनिक कार्रवाई को कहा जाता है जिसमें अपराधियों और कथित दोषियों की अवैध संपत्तियों को ध्वस्त किया जाता है। राजभर ने इसका उल्लेख करते हुए कहा कि अपराधियों को उनके किए की सजा अवश्य मिलेगी।
राष्ट्र प्रेस
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