राहुल गांधी अखिलेश यादव से दूरी बना रहे हैं क्योंकि यूपी में सपा नहीं जीतेगी: ओम प्रकाश राजभर
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने 30 अगस्त को अंबेडकर नगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के गठबंधन पर तीखा हमला बोला। राजभर का दावा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को यह भाँप आ गया है कि उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनने की कोई संभावना नहीं है, इसलिए वे अखिलेश यादव से धीरे-धीरे किनारा कर रहे हैं।
राजभर का मुख्य आरोप
राजभर ने कहा, 'राहुल गांधी और अखिलेश यादव, दोनों की तरफ से जो बयानबाजी हो रही है, उससे राहुल गांधी को पता चल गया है कि समाजवादी पार्टी की सरकार नहीं आनी है तो वह उनसे किनारा कसने लगे हैं। राहुल गांधी को लग रहा है कि यूपी में सपा के हारने से उनकी भी बदनामी होगी।' उन्होंने आगे कहा कि दोनों नेताओं का यूपी में सरकार बनाने का सपना 'खत्म' हो चुका है और '2027 में नहीं, बल्कि अगली पैदाइश में' सरकार बनाने की तैयारी करें।
अखिलेश यादव पर सीधा निशाना
राजभर ने अखिलेश यादव की ओर से 'धैर्य, अनुशासन और एक्शन' की बात किए जाने पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के कार्यकाल में 'चोरी, छिनैती और डकैती के कल्चर को बढ़ावा दिया गया' और अपराधियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। राजभर ने कहा, 'पहले वह अपने लोगों को सिखाएं, दूसरे को क्या बता रहे हैं?'
पीडीए की परिभाषा पर सवाल
राजभर ने अखिलेश यादव के पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) फॉर्मूले की खिल्ली उड़ाते हुए कहा कि उनकी 'रोज परिभाषा बदल रही है' और 'कोई मानने को तैयार नहीं है।' उन्होंने यह भी दावा किया कि अखिलेश यादव 'मानसिक संतुलन खो बैठे हैं' और उनके बयान 'मजाक बन जाते हैं।'
मुस्लिम महिलाओं वाले वादे पर आरोप
राजभर ने यह भी आरोप लगाया कि अखिलेश यादव मुस्लिम महिलाओं से राखी बंधवा रहे हैं और उन्हें ₹11,000 देने का वादा किया था, लेकिन कथित तौर पर केवल ₹1,100 ही दिए गए। उन्होंने इसे 'घोटाला' करार दिया। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सभी दलों की राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज हो रही हैं।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में है जब सपा-कांग्रेस गठबंधन की आंतरिक स्थिति को लेकर अटकलें पहले से चल रही हैं। राजभर, जो भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं, अक्सर विपक्षी गठबंधन पर हमलावर रहते हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नज़दीक आएंगे, ऐसे बयानों की राजनीतिक अहमियत और बढ़ती जाएगी।