30 अगस्त 2026
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हल्द्वानी 'शुद्धिकरण' विवाद: पवन खेड़ा का BJP सरकार पर तंज — 'देखते हैं कब दर्ज होगी FIR'

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हल्द्वानी 'शुद्धिकरण' विवाद: पवन खेड़ा का BJP सरकार पर तंज — 'देखते हैं कब दर्ज होगी FIR'

सारांश

हल्द्वानी के 'शुद्धिकरण' वीडियो विवाद पर कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने उत्तराखंड की BJP सरकार को घेरा — FIR न होने पर सवाल उठाए, मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित अपमान पर PM और गृह मंत्री की चुप्पी को निशाने पर लिया।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने 30 अगस्त को हल्द्वानी 'शुद्धिकरण' विवाद में FIR न दर्ज होने पर उत्तराखंड की BJP सरकार की आलोचना की।
खेड़ा ने आरोप लगाया कि इस मामले में धर्म को अनावश्यक रूप से लाया जा रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित अपमान पर PM मोदी और गृह मंत्री शाह की चुप्पी पर सवाल उठाए गए।
सपा नेता राजकुमार भाटी ने 2017 में अखिलेश यादव का आवास गंगाजल से धुलवाने का संदर्भ दिया।
खेड़ा ने दावा किया कि NDA सहयोगियों में भी संविधान-परिवर्तन की आशंका है।

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने 30 अगस्त को नई दिल्ली में हल्द्वानी के तथाकथित 'शुद्धिकरण' विवाद पर उत्तराखंड की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अब तक इस मामले में कोई प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने सरकार की निष्क्रियता पर तंज कसते हुए कहा कि वे प्रतीक्षा में हैं कि राज्य सरकार कब इस मामले में कार्रवाई करेगी।

मुख्य घटनाक्रम

खेड़ा ने कहा कि 'शुद्धिकरण' का वीडियो सभी ने अपनी आँखों से देखा है और इसमें किसी को संदेह नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में धर्म को अनावश्यक रूप से घसीटा जा रहा है, जबकि असली सवाल कानूनी कार्रवाई का है। उनके अनुसार, मामला तूल पकड़ने के बाद भी BJP सरकार यह तय नहीं कर पा रही कि आगे क्या कदम उठाए।

खड़गे अपमान प्रकरण पर प्रतिक्रिया

खेड़ा ने इस विवाद को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित अपमान से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि देश के एक वरिष्ठ नेता के साथ हुई इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या गृह मंत्री अमित शाह की ओर से निंदा का एक भी शब्द नहीं आया। उन्होंने इसे संविधान का अपमान करार दिया।

समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी के नेता राजकुमार भाटी ने इस प्रसंग को व्यापक संदर्भ में रखते हुए याद दिलाया कि वर्ष 2017 में जब सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपना सरकारी आवास खाली किया था, तब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उसे गंगाजल से धुलवाया था। भाटी ने कहा कि 21वीं सदी में भी ऐसी मानसिकता का होना चिंताजनक है जो पशुओं को देवता और इंसानों को हेय दृष्टि से देखती है।

संविधान और NDA पर खेड़ा का बयान

खेड़ा ने यह भी दावा किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भागीदार दलों के भीतर भी यह आशंका बनी हुई है कि संविधान के साथ छेड़छाड़ हो सकती है। उन्होंने कहा कि BJP 240 सीटों पर रुक गई, अन्यथा वे संविधान को ही समाप्त कर देते — यह उनका आरोप था।

मन की बात पर टिप्पणी

खेड़ा ने प्रधानमंत्री मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' पर भी टिप्पणी करते हुए दावा किया कि भारत बदल चुका है और अब लोग इस कार्यक्रम को पहले जैसी रुचि से नहीं सुनते। यह बयान उन्होंने बिना कोई आँकड़ा प्रस्तुत किए दिया। हल्द्वानी 'शुद्धिकरण' विवाद पर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ होती जा रही है और आने वाले दिनों में सरकार की कार्रवाई — या उसकी अनुपस्थिति — इस मुद्दे की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या विपक्ष इस मुद्दे को जवाबदेही की माँग के रूप में आगे बढ़ाएगा या महज़ बयानबाज़ी तक सीमित रहेगा। 2017 के गंगाजल प्रसंग का संदर्भ देना दर्शाता है कि यह विवाद एकाकी घटना नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक राजनीतिक पैटर्न का हिस्सा है। मल्लिकार्जुन खड़गे के अपमान पर केंद्र सरकार की चुप्पी — अगर सत्यापित हो — तो वह भी उतनी ही बड़ी खबर है जितना मूल विवाद।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हल्द्वानी 'शुद्धिकरण' विवाद क्या है?
हल्द्वानी में एक स्थान पर 'शुद्धिकरण' किए जाने का वीडियो सामने आया, जिसने धार्मिक और राजनीतिक विवाद को जन्म दिया। कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने इसे सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाते हुए उत्तराखंड की BJP सरकार से FIR दर्ज करने की माँग की है।
पवन खेड़ा ने BJP सरकार पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड की BJP सरकार ने इस मामले में अब तक FIR दर्ज नहीं की है और मामले में अनावश्यक रूप से धर्म को लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह तय नहीं हो रहा कि क्या कदम उठाए।
मल्लिकार्जुन खड़गे के अपमान का इस विवाद से क्या संबंध है?
पवन खेड़ा ने हल्द्वानी विवाद को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित अपमान से जोड़ते हुए कहा कि PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की ओर से इस पर निंदा का एक भी शब्द नहीं आया। उन्होंने इसे संविधान का अपमान बताया।
सपा नेता राजकुमार भाटी ने 2017 का संदर्भ क्यों दिया?
सपा नेता राजकुमार भाटी ने बताया कि 2017 में अखिलेश यादव के सरकारी आवास खाली करने के बाद CM योगी आदित्यनाथ ने उसे गंगाजल से धुलवाया था। उन्होंने इसे उसी मानसिकता का हिस्सा बताया जो 21वीं सदी में भी जातीय और धार्मिक भेदभाव को बढ़ावा देती है।
क्या इस मामले में अब तक कोई कानूनी कार्रवाई हुई है?
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा के अनुसार, 30 अगस्त तक इस मामले में कोई FIR दर्ज नहीं की गई थी। उत्तराखंड सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
राष्ट्र प्रेस
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