पटना: वायरल बॉय आदित्य राज का गर्दनीबाग में धरना, पुलिस कार्रवाई और PM मोदी से मुलाकात की मांग
सारांश
मुख्य बातें
पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर सोशल मीडिया पर चर्चित युवक आदित्य राज ने 30 अगस्त 2026 को विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। उसकी मांग है कि छात्र आंदोलन के दौरान उसके माता-पिता पर कथित तौर पर हमला करने वाले पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उससे मिलें। आदित्य ने स्पष्ट किया है कि जब तक न्याय नहीं मिलता, तब तक उसका धरना जारी रहेगा।
धरने की पृष्ठभूमि
आदित्य राज पहले सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सुर्खियों में आया था। अब उसने अपने माता-पिता के साथ हुई कथित मारपीट को केंद्र में रखकर गर्दनीबाग में यह प्रदर्शन शुरू किया है। उसका आरोप है कि एक छात्र विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उसके माता-पिता के साथ मारपीट की और उन्हें 8 घंटे तक उससे अलग रखा गया।
आदित्य के आरोप और बयान
आदित्य राज ने अपना पक्ष रखते हुए कहा, 'मेरे माता-पिता के साथ मारपीट की गई। हमें उनसे 8 घंटे तक अलग रखा गया। साथ ही एसपी की तरफ से धमकी दी गई कि अगर धरना करोगे तो एफआईआर दर्ज करेंगे। जब तक माता-पिता को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक हम धरना पर बैठेंगे।'
उसने यह भी कहा, 'जब पीएम नरेंद्र मोदी चुप्पी साधकर बैठे हैं तो हम भी मौन व्रत रखेंगे। सरकार को झुकना ही पड़ेगा।' ये बयान सत्ता और विपक्ष दोनों के लिए एक सीधी चुनौती के रूप में देखे जा रहे हैं।
राजनीतिक दलों से समर्थन की अपील
आदित्य ने सभी राजनीतिक दलों को धरने में शामिल होने का आमंत्रण दिया है। उसने विशेष रूप से तेजस्वी यादव, अखिलेश यादव, प्रशांत किशोर और ममता बनर्जी का नाम लेते हुए कहा कि महागठबंधन के सभी नेता उसके साथ आएं। उसने सत्ता पक्ष के नेताओं को भी इस आंदोलन में शामिल होने का न्योता दिया।
डीजीपी से मुलाकात और आश्वासन
आदित्य राज ने बताया कि उसकी डीजीपी से मुलाकात हो चुकी है, जिन्होंने इस मामले में न्यायिक जांच का आश्वासन दिया है। हालांकि, उसने यह भी स्पष्ट किया कि डीजीपी का आश्वासन पर्याप्त नहीं है — वह सीधे प्रधानमंत्री मोदी से मिलना चाहता है। उसके शब्दों में, 'वह सिर्फ गरीब से वोट लेना जानते हैं, लेकिन उनसे मिलना नहीं जानते।'
आगे क्या होगा
न्यायिक जांच का आश्वासन मिलने के बावजूद आदित्य राज का धरना जारी है। अब सबकी नज़रें इस बात पर हैं कि क्या विपक्षी नेता उसके आह्वान पर गर्दनीबाग पहुँचते हैं और क्या राज्य सरकार आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाती है।