पप्पू यादव ने बिहार राज्यपाल को सौंपा 13 सूत्री ज्ञापन, बोले- राहुल गांधी पर आंच आई तो गिर जाएगी सरकार
सारांश
मुख्य बातें
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने 21 अगस्त 2026 को पटना में बिहार के राज्यपाल से मुलाकात कर छात्रों की मांगों से संबंधित 13 सूत्री ज्ञापन सौंपा। बिहार में छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज होती जा रही है, और इसी क्रम में यह मुलाकात हुई।
राज्यपाल से मुलाकात का ब्योरा
पप्पू यादव ने मीडिया को बताया कि राज्यपाल ने छात्रों के साथ हो रहे अन्याय पर चिंता जताई और डीजीपी से बातचीत करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, 'राज्यपाल ने सभी मामलों को सुना और चिंता जाहिर की है।' ज्ञापन में 85 प्रतिशत डोमिसाइल का मुद्दा भी शामिल था।
यादव के अनुसार, राज्यपाल ने स्वीकार किया कि छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है और उन्होंने अधिकांश मुद्दों पर सरकार से चर्चा करने की बात कही। राज्यपाल ने यह भी कहा कि वे बच्चों को परेशान नहीं होने देंगे और छात्रों को अनशन न करने की सलाह दी।
छात्रों की पीड़ा राज्यपाल तक पहुंची
पप्पू यादव ने बताया कि मुलाकात के दौरान छात्रों ने राज्यपाल को अवगत कराया कि वे लाठीचार्ज झेल चुके हैं, जेल जा चुके हैं और अभी भी आंदोलन जारी रखे हुए हैं। यादव के अनुसार, राज्यपाल ने उम्र संबंधी विवाद को छोड़कर अन्य मुद्दों पर बातचीत का आश्वासन दिया।
राहुल गांधी और अखिलेश यादव का हवाला
पप्पू यादव ने कहा कि जब तक सरकार इस विषय पर ठोस निर्णय नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्हें निर्देश दिया है कि छात्रों के साथ खड़े रहना है। यादव ने कहा, 'अगर बच्चों पर आंच आई तो राहुल गांधी और अखिलेश यादव बड़ी संख्या में छात्रों के साथ जंतर-मंतर पहुंचेंगे।'
तीखे बोल: 'राहुल गांधी पर आंच आई तो सरकार जाएगी'
पप्पू यादव ने कहा कि राहुल गांधी इस देश के बच्चों की आवाज बन चुके हैं और उनके रहते किसी पर जुल्म नहीं हो सकता। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, 'अगर राहुल गांधी पर आंच भी आई तो सरकार चली जाएगी।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार में छात्र आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है और विपक्षी दलों की सक्रियता बढ़ रही है।
आगे की राह
गौरतलब है कि बिहार में छात्रों की मांगों को लेकर यह पहली बार नहीं है जब किसी सांसद ने राज्यपाल का दरवाजा खटखटाया हो। राज्यपाल के आश्वासन के बाद अब सभी की निगाहें सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। पप्पू यादव ने स्पष्ट किया कि जब तक ठोस कदम नहीं उठाए जाते, आंदोलन रुकने वाला नहीं है।