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पप्पू यादव का केंद्र पर हमला: 'विपक्ष पर FIR से राहुल गांधी नहीं डरेंगे', बिहार में कानून-व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

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पप्पू यादव का केंद्र पर हमला: 'विपक्ष पर FIR से राहुल गांधी नहीं डरेंगे', बिहार में कानून-व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

सारांश

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने पटना में केंद्र और बिहार सरकार दोनों को एक साथ घेरा — विदेश में भारतीयों की सुरक्षा से लेकर खगड़िया, सासाराम और नवादा की हिंसा तक। उनका साफ संदेश: विपक्ष पर FIR से राहुल गांधी नहीं डरेंगे।

मुख्य बातें

पप्पू यादव ने 13 जून को पटना में केंद्र सरकार की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि 3 भारतीयों की हत्या , 24 पर हमला और 100 से अधिक भारतीय एक महीने से भूखे हैं, फिर भी केंद्र चुप है।
खगड़िया में 3 हत्याएँ, सासाराम में दुष्कर्म, मुजफ्फरपुर में किसान की हत्या और नवादा में ₹10 के विवाद में गोलीबारी का हवाला दिया।
ममता बनर्जी पर FIR के संदर्भ में कहा — विपक्ष पर मुकदमों से राहुल गांधी नहीं डरेंगे।
पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार के काम पर सवाल उठाते हुए नेहरू द्वारा ₹14,000 करोड़ दान का उल्लेख किया।

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने शनिवार, 13 जून को पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान केंद्र सरकार की कार्यशैली पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने विदेश में भारतीयों पर हमले, परीक्षा विवाद और बिहार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को एक साथ रखते हुए सत्तारूढ़ सरकार को घेरा।

विदेश में भारतीयों की सुरक्षा पर सवाल

पप्पू यादव ने कहा कि तीन भारतीयों की हत्या की गई, 24 भारतीयों पर हमला हुआ और पिछले एक महीने से 100 से अधिक भारतीय भूखे बैठे हैं — फिर भी केंद्र सरकार की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं आया। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि नीट और सीबीएसई परीक्षाओं में विफलता के बावजूद सरकार 'बहादुरी' का दावा करती है। उनके अनुसार, सरकार कभी सुरक्षा, कभी आवास तो कभी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नाम पर असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश करती है।

बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति

पप्पू यादव ने राज्य सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार में हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि ट्रेन में दिनदहाड़े गोलीबारी हो रही है। उन्होंने कई घटनाओं का हवाला दिया — खगड़िया में तीन लोगों की गोली मारकर हत्या, सासाराम में एक महिला के साथ दुष्कर्म, मुजफ्फरपुर में एक किसान की हत्या, पटना में लगातार फायरिंग की घटनाएँ और नवादा में महज ₹10 के विवाद में गोली चलाई जाना। उनका आरोप है कि राज्य सरकार का ध्यान बिहार की समस्याओं पर नहीं, बल्कि दूसरों के मामलों में दखल देने पर है।

ममता बनर्जी पर FIR और विपक्ष की एकजुटता

ममता बनर्जी पर दर्ज एफआईआर के संदर्भ में पप्पू यादव ने स्पष्ट कहा कि विपक्षी नेताओं पर मुकदमे दर्ज करने से कांग्रेस नेता राहुल गांधी या अन्य विपक्षी दल डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि यही रवैया जारी रहा तो वे न्यायालय से अपील करेंगे कि सभी विपक्षी दलों पर एक साथ मुकदमा दर्ज किया जाए और सभी को फाँसी की सज़ा सुनाई जाए — यह बयान स्पष्ट रूप से व्यंग्य के रूप में दिया गया।

नेहरू का संदर्भ और केंद्र सरकार पर आरोप

पप्पू यादव ने यह भी कहा कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार ने देश के लिए कुछ उल्लेखनीय नहीं किया। उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू का उदाहरण देते हुए कहा कि नेहरू जेल में भी रहे, ₹14,000 करोड़ दान में दिए और भारत को विश्व में एक नई पहचान दिलाई। यह बयान केंद्र की वर्तमान नीतियों के विरोध में एक तुलनात्मक संदर्भ के रूप में आया।

आगे क्या

पप्पू यादव के इन बयानों ने बिहार की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। निर्दलीय सांसद के रूप में वे केंद्र और राज्य — दोनों सरकारों पर एक साथ हमलावर हैं, जो आगामी बिहार विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में महत्त्वपूर्ण राजनीतिक संकेत देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन नेहरू के ₹14,000 करोड़ दान के दावे जैसे ऐतिहासिक संदर्भों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। विपक्षी एकजुटता के नाम पर व्यंग्यात्मक 'फाँसी की सज़ा' वाली टिप्पणी मीडिया में सुर्खियाँ तो बटोरेगी, लेकिन ठोस नीतिगत विकल्प की कमी इस विपक्षी आलोचना को कमज़ोर करती है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पप्पू यादव ने केंद्र सरकार पर क्या आरोप लगाए?
पप्पू यादव ने कहा कि विदेश में 3 भारतीयों की हत्या, 24 पर हमला और 100 से अधिक भारतीयों के एक महीने से भूखे रहने पर केंद्र सरकार ने कोई ठोस जवाब नहीं दिया। उन्होंने NEET और CBSE परीक्षा विवाद में भी सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए।
पप्पू यादव ने बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर क्या कहा?
उन्होंने खगड़िया में 3 हत्याओं, सासाराम में दुष्कर्म, मुजफ्फरपुर में किसान की हत्या, पटना में लगातार फायरिंग और नवादा में ₹10 के विवाद में गोलीबारी का हवाला देते हुए बिहार में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर राज्य सरकार को घेरा।
ममता बनर्जी पर FIR के बारे में पप्पू यादव का क्या रुख है?
पप्पू यादव ने स्पष्ट कहा कि विपक्षी नेताओं पर FIR दर्ज करने से राहुल गांधी या कोई भी विपक्षी नेता डरने वाला नहीं है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि यदि यही नीति जारी रहे तो न्यायालय से सभी विपक्षी दलों पर एक साथ मुकदमा चलाने की अपील की जाएगी।
पप्पू यादव ने नेहरू का जिक्र क्यों किया?
केंद्र सरकार के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल की आलोचना करते हुए पप्पू यादव ने पंडित जवाहरलाल नेहरू का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि नेहरू जेल में रहे, ₹14,000 करोड़ दान में दिए और भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई।
पप्पू यादव कौन हैं और उनका राजनीतिक रुख क्या है?
राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद हैं। वे केंद्र की BJP सरकार और बिहार की NDA सरकार — दोनों की नीतियों की आलोचना करते हैं और खुद को जन-पक्षधर राजनेता के रूप में प्रस्तुत करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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