छपरा में मुख्य गवाह पंकज राय की हत्या पर पप्पू यादव बोले — 'यह अपराध नहीं, नरसंहार है'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के छपरा में वकील पिता-पुत्र डबल मर्डर केस के मुख्य गवाह पंकज राय की हत्या ने राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने 30 जून को इस घटना को 'नरसंहार' करार देते हुए बिहार सरकार को कठघरे में खड़ा किया। मृतक की पत्नी अंजलि कुमारी ने भी आरोप लगाया कि परिवार ने बार-बार सुरक्षा माँगी, लेकिन पुलिस ने अनसुना किया।
पप्पू यादव के आरोप
पत्रकारों से बातचीत में पप्पू यादव ने कहा कि यह हत्या पूरे तंत्र की विफलता का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही आपराधिक गिरोह कई घटनाओं में संलिप्त रहा है और लगातार वारदातों को अंजाम दे रहा है। उनके अनुसार, आरोपियों की ओर से पहले से धमकियाँ दी जा रही थीं, फिर भी पंकज राय को कोई सुरक्षा नहीं मुहैया कराई गई।
यादव ने कहा, 'बिहार में अपराध और भय का माहौल बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में जातिगत हिंसा को बढ़ावा मिला है और मौजूदा हालात चिंताजनक हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि छपरा में पिछले एक वर्ष के दौरान वर्चस्व और जमीन विवाद से जुड़ी कई बड़ी हत्याएँ हो चुकी हैं।
पीड़ित परिवार की पुकार
मृतक पंकज राय की पत्नी अंजलि कुमारी ने बताया कि परिवार को पहले से खतरे की आशंका थी। उन्होंने कहा कि पुलिस को शादी समारोह में गोलीबारी की आशंका के बारे में पूर्व में ही सूचित किया गया था। अंजलि कुमारी के अनुसार, पंकज राय की तबीयत खराब थी और वह कहीं जाने की स्थिति में नहीं थे, इसके बावजूद उन्हें गोली मार दी गई।
अंजलि ने बताया कि परिवार ने कई बार पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखकर सुरक्षा की माँग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोपियों के लिए फाँसी की सजा की माँग की और चेतावनी दी कि यदि कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो उनके दो छोटे बच्चों सहित पूरे परिवार के सामने गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
कानून व्यवस्था पर सवाल
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बिहार में गवाहों की सुरक्षा को लेकर पहले से चिंताएँ जताई जाती रही हैं। गौरतलब है कि किसी आपराधिक मामले का मुख्य गवाह होना स्वयं में एक जोखिम बन जाना, न्यायिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सीधा प्रहार है। आलोचकों का कहना है कि राज्य में गवाह संरक्षण कार्यक्रम कागज़ों तक ही सीमित रह गया है।
आगे क्या होगा
पप्पू यादव ने राज्य सरकार से अपराधियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की माँग की है। अंजलि कुमारी ने सरकार से परिवार को सुरक्षा दिए जाने की अपील की है। मामले में आगे की जाँच और राजनीतिक दबाव के बीच पुलिस की भूमिका अब केंद्र में आ गई है।