30 जून 2026
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छपरा में मुख्य गवाह पंकज राय की हत्या पर पप्पू यादव बोले — 'यह अपराध नहीं, नरसंहार है'

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छपरा में मुख्य गवाह पंकज राय की हत्या पर पप्पू यादव बोले — 'यह अपराध नहीं, नरसंहार है'

सारांश

छपरा में वकील पिता-पुत्र हत्याकांड के मुख्य गवाह पंकज राय की हत्या ने बिहार की कानून व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सांसद पप्पू यादव ने इसे 'नरसंहार' कहा, जबकि मृतक की पत्नी का आरोप है कि बार-बार पुलिस से सुरक्षा माँगने के बावजूद कोई मदद नहीं मिली।

मुख्य बातें

बिहार के छपरा में वकील पिता-पुत्र डबल मर्डर केस के मुख्य गवाह पंकज राय की हत्या कर दी गई।
निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने इसे 'अपराध नहीं, नरसंहार' बताते हुए बिहार सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए।
पत्नी अंजलि कुमारी का आरोप — परिवार ने कई बार पुलिस को पत्र लिखकर सुरक्षा माँगी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अंजलि ने बताया कि पुलिस को शादी समारोह में गोलीबारी की आशंका की पूर्व सूचना दी गई थी।
पप्पू यादव के अनुसार, एक ही आपराधिक गिरोह छपरा में कई वारदातों में शामिल रहा है।
अंजलि कुमारी ने आरोपियों के लिए फाँसी की सजा और परिवार को तत्काल सुरक्षा देने की माँग की।

बिहार के छपरा में वकील पिता-पुत्र डबल मर्डर केस के मुख्य गवाह पंकज राय की हत्या ने राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने 30 जून को इस घटना को 'नरसंहार' करार देते हुए बिहार सरकार को कठघरे में खड़ा किया। मृतक की पत्नी अंजलि कुमारी ने भी आरोप लगाया कि परिवार ने बार-बार सुरक्षा माँगी, लेकिन पुलिस ने अनसुना किया।

पप्पू यादव के आरोप

पत्रकारों से बातचीत में पप्पू यादव ने कहा कि यह हत्या पूरे तंत्र की विफलता का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही आपराधिक गिरोह कई घटनाओं में संलिप्त रहा है और लगातार वारदातों को अंजाम दे रहा है। उनके अनुसार, आरोपियों की ओर से पहले से धमकियाँ दी जा रही थीं, फिर भी पंकज राय को कोई सुरक्षा नहीं मुहैया कराई गई।

यादव ने कहा, 'बिहार में अपराध और भय का माहौल बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में जातिगत हिंसा को बढ़ावा मिला है और मौजूदा हालात चिंताजनक हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि छपरा में पिछले एक वर्ष के दौरान वर्चस्व और जमीन विवाद से जुड़ी कई बड़ी हत्याएँ हो चुकी हैं।

पीड़ित परिवार की पुकार

मृतक पंकज राय की पत्नी अंजलि कुमारी ने बताया कि परिवार को पहले से खतरे की आशंका थी। उन्होंने कहा कि पुलिस को शादी समारोह में गोलीबारी की आशंका के बारे में पूर्व में ही सूचित किया गया था। अंजलि कुमारी के अनुसार, पंकज राय की तबीयत खराब थी और वह कहीं जाने की स्थिति में नहीं थे, इसके बावजूद उन्हें गोली मार दी गई।

अंजलि ने बताया कि परिवार ने कई बार पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखकर सुरक्षा की माँग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोपियों के लिए फाँसी की सजा की माँग की और चेतावनी दी कि यदि कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो उनके दो छोटे बच्चों सहित पूरे परिवार के सामने गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।

कानून व्यवस्था पर सवाल

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बिहार में गवाहों की सुरक्षा को लेकर पहले से चिंताएँ जताई जाती रही हैं। गौरतलब है कि किसी आपराधिक मामले का मुख्य गवाह होना स्वयं में एक जोखिम बन जाना, न्यायिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सीधा प्रहार है। आलोचकों का कहना है कि राज्य में गवाह संरक्षण कार्यक्रम कागज़ों तक ही सीमित रह गया है।

आगे क्या होगा

पप्पू यादव ने राज्य सरकार से अपराधियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की माँग की है। अंजलि कुमारी ने सरकार से परिवार को सुरक्षा दिए जाने की अपील की है। मामले में आगे की जाँच और राजनीतिक दबाव के बीच पुलिस की भूमिका अब केंद्र में आ गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न्याय प्रक्रिया की हत्या है। बिहार में गवाह संरक्षण कानून कागज़ पर मौजूद है, लेकिन पंकज राय का मामला बताता है कि ज़मीन पर उसका कोई वजूद नहीं। परिवार के बार-बार पुलिस को पत्र लिखने और चेतावनी देने के बावजूद सुरक्षा न मिलना, तंत्र की लापरवाही नहीं — जवाबदेही का पूर्ण अभाव है। राजनीतिक बयानबाजी से ऊपर उठकर असली सवाल यह है: क्या बिहार में कोई गवाह अब अदालत में सच बोलने की हिम्मत करेगा?
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छपरा में मुख्य गवाह पंकज राय की हत्या किस मामले से जुड़ी है?
पंकज राय वकील पिता-पुत्र डबल मर्डर केस के मुख्य गवाह थे। उनकी हत्या छपरा में की गई, जिसके बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बिहार की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
पप्पू यादव ने पंकज राय की हत्या को 'नरसंहार' क्यों कहा?
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव का कहना है कि यह घटना पूरे सिस्टम की विफलता है। उनके अनुसार, एक ही आपराधिक गिरोह लगातार वारदातों को अंजाम दे रहा है और धमकियों के बावजूद गवाह को कोई सुरक्षा नहीं दी गई, इसीलिए उन्होंने इसे महज अपराध नहीं बल्कि 'नरसंहार' करार दिया।
पंकज राय की पत्नी अंजलि कुमारी ने पुलिस पर क्या आरोप लगाए?
अंजलि कुमारी ने कहा कि परिवार ने कई बार पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखकर सुरक्षा माँगी थी। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस को शादी समारोह में गोलीबारी की आशंका के बारे में पहले से सूचित किया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पीड़ित परिवार ने सरकार से क्या माँगें की हैं?
अंजलि कुमारी ने आरोपियों के लिए फाँसी की सजा और परिवार को तत्काल सुरक्षा देने की माँग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि कड़ी कार्रवाई न होने पर उनके दो छोटे बच्चों सहित पूरे परिवार के सामने गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
छपरा में कानून व्यवस्था की स्थिति कैसी बताई जा रही है?
पप्पू यादव के अनुसार, छपरा में पिछले एक वर्ष में वर्चस्व और जमीन विवाद से जुड़ी कई बड़ी हत्याएँ हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में अपराध और भय का माहौल बढ़ रहा है और जातिगत हिंसा की घटनाएँ चिंताजनक स्तर पर पहुँच गई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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