बांकीपुर उपचुनाव में BJP की हार पर कांग्रेस सांसद मनोज कुमार बोले, पप्पू यादव पर हमला दुर्भाग्यपूर्ण
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने सोमवार, 3 अगस्त को नई दिल्ली में कई अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी — बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे, पूर्णिया सांसद पप्पू यादव पर हुए हमले, झारखंड में छात्र आंदोलन, अभिनेत्री कंगना रनौत के विवादित बयान और पंजाब कांग्रेस से जुड़े घटनाक्रम। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बांकीपुर का नतीजा भारतीय जनता पार्टी (BJP) की हार का प्रमाण है।
बांकीपुर नतीजे पर प्रतिक्रिया
मनोज कुमार ने कहा, 'यह तानाशाही की हार है। बांकीपुर राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट है। जनता का बड़ा जवाब है कि सरकार जो तानाशाही कर रही है, वह बंद करे, क्योंकि वोटरों ने निर्णय ले लिया है कि BJP को हटाना है और देश को बचाना है।' उनके अनुसार यह जनादेश सत्तारूढ़ दल के लिए स्पष्ट संदेश है।
पप्पू यादव पर हमले की निंदा
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव पर हुए हमले को मनोज कुमार ने दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा, 'ऐसा एक सांसद के साथ नहीं होना चाहिए। एक सांसद के ऊपर चप्पल फेंकना और चाकू चलाना गलत है। ऐसे गलत काम करने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि दिल्ली में जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है और सरकार को सांसदों की सुरक्षा बढ़ानी चाहिए।
कंगना रनौत के बयान पर कड़ी आपत्ति
अभिनेत्री एवं सांसद कंगना रनौत द्वारा मुस्लिम से विवाह के बाद किसी अभिनेत्री के कट्टरपंथी बन जाने संबंधी बयान पर मनोज कुमार ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'वह बयानवीर हैं और समय-समय पर अपना बयान देती रहती हैं।' उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से अपील की कि वे अपने सांसदों को स्पष्ट निर्देश दें कि धर्म, जाति और संप्रदाय को आहत करने वाले बयानों से बचा जाए। उनका कहना था, 'जनता ने हमें चुनकर सदन में भेजा है और हमारे एक-एक शब्द की कीमत है।'
झारखंड छात्र आंदोलन पर रुख
झारखंड में छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर मनोज कुमार ने कहा कि ऐसे आंदोलन पूरे देश में हुए हैं। उन्होंने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा, 'झारखंड की सरकार विकास की सरकार है और वहाँ के मुख्यमंत्री हमेशा जनता के बीच रहते हैं।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब राज्य में छात्र आंदोलन को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की है।
आगे की राजनीतिक तस्वीर
बांकीपुर उपचुनाव परिणाम और पप्पू यादव पर हमले जैसी घटनाएँ आने वाले दिनों में संसदीय बहस का केंद्र बन सकती हैं। सांसदों की सुरक्षा और सत्तारूढ़ दल के जनप्रतिनिधियों के बयानों पर जवाबदेही के मुद्दे विपक्ष के लिए प्रमुख राजनीतिक हथियार बनते दिख रहे हैं।