पप्पू यादव पर हमले की कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने की निंदा, प्रशांत किशोर को बांकीपुर जीत पर दीं शुभकामनाएं
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने 3 अगस्त को राजनेता पप्पू यादव पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुए कथित हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि असहमति को हिंसा में बदलना लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। साथ ही, उन्होंने बांकीपुर उपचुनाव की मतगणना के बीच चुनावी रणनीतिकार-से-नेता बने प्रशांत किशोर को शुभकामनाएं दीं।
पप्पू यादव पर कथित हमले की निंदा
सुखदेव भगत ने पप्पू यादव पर हुए कथित हमले को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार बताया। उन्होंने कहा, 'अगर आपसे लोग असहमत हैं तो वे हिंसात्मक कार्रवाई पर उतर जाते हैं, जो लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है। अगर वे (पप्पू यादव) कुछ कह रहे हैं और आप असहमत हो, तो इस प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं आनी चाहिए। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं।'
उन्होंने सरकार से सख्त कार्रवाई की माँग करते हुए कहा, 'एक प्रकार से यह अभिव्यक्ति पर हमला है। सरकार इन चीजों को देखे और कड़ी से कड़ी कार्रवाई करे।' गौरतलब है कि पप्पू यादव एक सक्रिय राजनेता हैं और उन पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कथित हमले की घटना ने राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया उत्पन्न की है।
प्रशांत किशोर को बांकीपुर पर शुभकामनाएं
बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद ने प्रशांत किशोर को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, 'वे पूरे चुनाव के रणनीतिकार खुद रहे हैं। देखना होगा कि वे अपनी नीति में कितने सफल हो पाते हैं और जनता का कितना विश्वास जीत पाते हैं। उन्होंने बहुत सारे वादे किए थे और हम अपेक्षा करते हैं कि वे उन पर खरा उतरेंगे।'
भगत ने यह भी कहा कि जब प्रशांत किशोर ने अपनी पार्टी नहीं बनाई थी, तब उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा था — इस बार वे खुद मैदान में उतरे हैं, जो उनके राजनीतिक सफर में एक नया अध्याय है। यह ऐसे समय में आया है जब किशोर अपनी नई राजनीतिक पारी को लेकर बिहार की जनता के बीच साख बनाने की कोशिश में हैं।
कर्नाटक पुलिस भर्ती परीक्षा पर सवाल
कर्नाटक पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर उठ रहे सवालों पर सुखदेव भगत ने कहा कि सरकार की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह स्पष्ट जवाब दे। उन्होंने कहा, 'बहुत बार होता है कि ट्रैफिक या अन्य कारणों से भी पेपर लाने में देरी होती है। अगर ज्यादा गैप हो तो लोग शक के दायरे में आते हैं। सरकार को स्पष्ट रूप से जवाब देना चाहिए और अपनी जिम्मेदारी को बरकरार रखने का प्रयास करना चाहिए।'
संसद में विधेयकों पर चर्चा की माँग
केंद्र सरकार द्वारा संसद में पेश किए जा रहे विधेयकों पर भगत ने सार्थक बहस की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, 'सरकार के पास बहुमत है और ध्वनिमत से विधेयक पारित करा देती है, लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए कि विधेयकों पर चर्चा ही न हो। सत्तापक्ष की जिम्मेदारी बनती है कि वह विपक्ष को बोलने का अवसर दे और सार्थक चर्चा करे।' आलोचकों का कहना है कि बिना पर्याप्त बहस के पारित कानून दीर्घकालिक लोकतांत्रिक मानदंडों को कमजोर करते हैं।
आगे क्या
बांकीपुर उपचुनाव के अंतिम नतीजे प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी की ज़मीनी पकड़ की पहली बड़ी परीक्षा होंगे। वहीं, पप्पू यादव पर हुए कथित हमले की जाँच की माँग के साथ यह मामला राजनीतिक रूप से गर्म बना रह सकता है।