3 अगस्त 2026
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पप्पू यादव पर कथित हमले की कांग्रेस ने की निंदा, बोले सांसद — सरकार विपक्ष को डरा रही है

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पप्पू यादव पर कथित हमले की कांग्रेस ने की निंदा, बोले सांसद — सरकार विपक्ष को डरा रही है

सारांश

मानसून सत्र में कांग्रेस ने एक साथ तीन मोर्चे खोले — पूर्णिया सांसद पप्पू यादव पर कथित हमले की निंदा, विधेयकों पर बिना बहस पारित कराने का आरोप, और छात्रों पर एके-47 व पैलेट गन के कथित इस्तेमाल पर गृह मंत्री से संसद में जवाब की माँग। विपक्ष का संदेश साफ है — सरकार डरा रही है, संवाद नहीं कर रही।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत , प्रमोद तिवारी और जेबी माथर ने 3 अगस्त को पूर्णिया सांसद पप्पू यादव पर कथित हमले की कड़ी निंदा की।
पप्पू यादव छह बार सांसद रह चुके हैं; कांग्रेस ने हमले को लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया।
कांग्रेस ने सर्वोच्च न्यायालय के जजों की संख्या बढ़ाने और FCRA संशोधन विधेयक पर व्यापक संसदीय बहस की मांग की।
जेबी माथर ने छात्रों पर एके-47 और पैलेट गन के कथित इस्तेमाल पर केंद्रीय गृह मंत्री से संसद में बयान देने की मांग की।
बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक दोपहर 1:05 बजे निर्धारित थी, जिसमें सत्र के विधायी एजेंडे पर निर्णय होना था।
सुखदेव भगत ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर को बांकीपुर उपचुनाव के लिए शुभकामनाएँ दीं, कहा — जनता फैसला करेगी।

कांग्रेस सांसदों ने मंगलवार, 3 अगस्त को संसद के मानसून सत्र के बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुए कथित हमले की कड़ी निंदा की। पार्टी ने इसे लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार बताते हुए केंद्र सरकार पर विपक्षी आवाज़ों को दबाने का आरोप लगाया।

पप्पू यादव पर कथित हमला: कांग्रेस का रुख

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि किसी व्यक्ति के विचारों से असहमति का अर्थ यह कतई नहीं है कि उसके साथ हिंसक या अनुचित व्यवहार किया जाए। उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है और असहमति का जवाब संवाद और लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाना चाहिए।' उन्होंने सरकार से मामले को गंभीरता से लेकर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भी इस कथित हमले को अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि पप्पू यादव छह बार सांसद रह चुके हैं और उनकी राय को सुनना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा है। तिवारी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी ने मंच पर अपनी बात रखी है, तो उसका उत्तर भी तर्क और शब्दों से ही दिया जाना चाहिए — हिंसा से नहीं।

कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने भी इस घटना को पूरी तरह अस्वीकार्य करार दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध के अनेक संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके मौजूद हैं — पत्र लिखना, लेख प्रकाशित करना, प्लेकार्ड-बैनर के साथ प्रदर्शन करना या नारे लगाना — लेकिन हिंसा या डराने-धमकाने की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

विधायी एजेंडे पर विपक्ष की चिंता

सुखदेव भगत ने मानसून सत्र में प्रस्तावित प्रमुख विधेयकों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने और विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम में संशोधन जैसे महत्वपूर्ण विधेयकों पर व्यापक और सार्थक बहस होनी चाहिए। उनका आरोप था कि सरकार अपने बहुमत के बल पर विधेयकों को ध्वनि मत से पारित करा देती है, जिससे विपक्ष को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाता।

भगत ने कहा कि पहले भी कुछ विधेयकों पर बहस के दौरान विपक्ष के नेता को पूरा समय नहीं मिला और चर्चा आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रह गई। उनके अनुसार, संसद का उद्देश्य केवल विधेयक पारित करना नहीं, बल्कि सभी पक्षों की राय सुनकर लोकतांत्रिक विमर्श को मज़बूत करना भी है।

छात्रों पर बल प्रयोग: गृह मंत्री से बयान की मांग

जेबी माथर ने छात्रों पर कथित तौर पर एके-47 और पैलेट गन के इस्तेमाल के मुद्दे को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन इस मामले पर अपने रुख पर कायम हैं। उन्होंने मांग की कि केंद्रीय गृह मंत्री संसद के दोनों सदनों में आकर इस पूरे मामले पर विस्तृत बयान दें। माथर ने कहा कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है और विपक्ष यह मुद्दा लगातार उठाता रहेगा।

बांकीपुर उपचुनाव और प्रशांत किशोर पर प्रतिक्रिया

इसी दौरान बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की राजनीतिक संभावनाओं पर भी सुखदेव भगत ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को चुनाव लड़ने और जनता के बीच अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने प्रशांत किशोर को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि अब यह जनता तय करेगी कि उनके वादों और रणनीति पर कितना भरोसा करती है और नई पार्टी के रूप में जन सुराज के लिए यह एक महत्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षा होगी।

आगे क्या होगा

विधायी एजेंडे पर प्रमोद तिवारी ने बताया कि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक दोपहर 1:05 बजे निर्धारित थी, जिसमें यह तय होना था कि सदन में कितने विधेयकों पर चर्चा होगी। पप्पू यादव पर कथित हमले की जाँच और गृह मंत्री के संसद में बयान को लेकर विपक्ष का दबाव मानसून सत्र के शेष दिनों में बना रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

विधेयकों पर बहस की माँग, और छात्रों पर बल प्रयोग का मुद्दा — मानसून सत्र में विपक्ष की रणनीतिक एकजुटता दर्शाता है, लेकिन इसकी प्रभावशीलता पर सवाल बना रहता है। गृह मंत्री से बयान की माँग पिछले कई सत्रों से दोहराई जा रही है और अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। विधेयकों को ध्वनि मत से पारित कराने की परंपरा नई नहीं है — यह यूपीए सरकार के दौर में भी देखी गई थी, जो कांग्रेस की नैतिक स्थिति को कमज़ोर करती है। असली सवाल यह है कि क्या विपक्ष सिर्फ बयानबाजी से आगे जाकर संसदीय प्रक्रियाओं का इस्तेमाल कर सरकार को जवाबदेह बना पाएगा।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पप्पू यादव पर कथित हमला क्या था और कब हुआ?
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कथित तौर पर हमला किया गया। कांग्रेस सांसदों ने 3 अगस्त को इस घटना की निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया।
कांग्रेस ने इस मामले पर क्या मांग की है?
कांग्रेस ने सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही पार्टी ने छात्रों पर कथित बल प्रयोग के मामले में केंद्रीय गृह मंत्री से संसद के दोनों सदनों में विस्तृत बयान देने की माँग दोहराई है।
कांग्रेस ने संसद में किन विधेयकों पर चिंता जताई?
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने सर्वोच्च न्यायालय के जजों की संख्या बढ़ाने और विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) में संशोधन से जुड़े विधेयकों पर व्यापक बहस की माँग की। उनका आरोप था कि सरकार बहुमत के बल पर विधेयकों को ध्वनि मत से पारित करा देती है।
छात्रों पर एके-47 और पैलेट गन के इस्तेमाल का मामला क्या है?
कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने आरोप लगाया कि छात्रों पर कथित तौर पर एके-47 और पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने इसे बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है और इंडिया गठबंधन यह मुद्दा संसद में उठाता रहेगा।
प्रशांत किशोर और बांकीपुर उपचुनाव पर कांग्रेस का क्या कहना है?
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर को बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को चुनाव लड़ने का अधिकार है और अब जनता तय करेगी कि किशोर के वादों पर कितना भरोसा करती है।
राष्ट्र प्रेस
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