पप्पू यादव पर कथित हमले की कांग्रेस ने की निंदा, बोले — सरकार लोकतंत्र को डरा रही है
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसदों ने मंगलवार, 3 अगस्त को संसद के मानसून सत्र के बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुए कथित हमले की कड़ी निंदा की और केंद्र सरकार पर लोगों को डराने का आरोप लगाया। पार्टी ने साथ ही प्रस्तावित विधेयकों पर सार्थक संसदीय बहस और छात्रों पर कथित बल प्रयोग के मामले में केंद्रीय गृह मंत्री से संसद में बयान देने की माँग दोहराई।
पप्पू यादव पर हमले की निंदा
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने पप्पू यादव पर हुए कथित हमले को लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार बताया। उन्होंने कहा, 'किसी व्यक्ति के विचारों से असहमत होने का अर्थ यह नहीं कि उसके साथ हिंसक या अनुचित व्यवहार किया जाए। असहमति का जवाब संवाद और लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाना चाहिए।' भगत ने सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भी इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की आज़ादी लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि पप्पू यादव छह बार सांसद रह चुके हैं और उनकी राय को सुनना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अनिवार्य हिस्सा है। तिवारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की हिंसा लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने भी इस घटना को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराने के अनेक संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके मौजूद हैं — पत्र लिखकर, लेख प्रकाशित कर, प्लेकार्ड-बैनर के साथ प्रदर्शन कर या नारे लगाकर — लेकिन हिंसा या डराने-धमकाने की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
विधेयकों पर सार्थक बहस की माँग
सुखदेव भगत ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने और विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम में संशोधन जैसे महत्वपूर्ण विधेयकों पर व्यापक और सार्थक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने बहुमत के बल पर कई बार विधेयकों को ध्वनि मत से पारित करा देती है, जिससे विपक्ष को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाता।
भगत ने कहा कि पहले भी कुछ विधेयकों के दौरान विपक्ष के नेता को पूरा समय नहीं दिया गया और बहस आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रह गई। उनके अनुसार संसद का उद्देश्य केवल विधेयक पारित करना नहीं, बल्कि सभी पक्षों की राय सुनकर लोकतांत्रिक विमर्श को मज़बूत करना भी है।
छात्रों पर बल प्रयोग — गृह मंत्री से बयान की माँग
जेबी माथर ने छात्रों पर कथित तौर पर AK-47 और पैलेट गन के इस्तेमाल के मुद्दे को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन इस मामले पर अपने रुख पर पूरी तरह कायम हैं और माँग की कि केंद्रीय गृह मंत्री संसद के दोनों सदनों में आकर इस पर विस्तृत बयान दें। माथर ने कहा कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
माथर ने स्पष्ट किया कि विपक्ष इस मुद्दे को लगातार उठाता रहेगा क्योंकि छात्रों से जुड़े मामलों पर सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
विधायी एजेंडा और प्रशांत किशोर पर प्रतिक्रिया
प्रमोद तिवारी ने बताया कि संसद में चार विधेयक पेश होंगे या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक दोपहर 1:05 बजे निर्धारित थी, जिसमें यह तय होना था कि सदन में कितने विधेयकों पर चर्चा होगी।
सुखदेव भगत ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की राजनीतिक संभावनाओं पर कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को चुनाव लड़ने का अधिकार है। उन्होंने किशोर को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि जनता ही तय करेगी कि उनके वादों और रणनीति पर कितना भरोसा करती है, और यह नई पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षा होगी।
गौरतलब है कि मानसून सत्र में विपक्ष की यह आक्रामकता ऐसे समय में आई है जब सरकार कई संवेदनशील विधेयक सदन में लाने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर यह टकराव और तेज़ होने के आसार हैं।