प्रियंका गांधी का आरोप: छात्रों की आवाज दबा रही सरकार, गृहमंत्री संसद से गायब
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने 7 अगस्त 2026 को केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है और केंद्रीय गृह मंत्री संसद में उपस्थित होकर जवाब देने से बच रहे हैं। नई दिल्ली में कांग्रेस सांसदों ने एकजुट होकर यह माँग उठाई कि गृह मंत्री सदन में आकर छात्रों पर पैलेट गन और आँसू गैस के इस्तेमाल का आदेश देने वाले की पहचान स्पष्ट करें।
प्रयागराज कार्यक्रम और सरकार पर आरोप
प्रियंका गांधी ने प्रयागराज में प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम का हवाला देते हुए कहा कि सरकार इस आयोजन से भयभीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के कार्यक्रमों के साथ हमेशा इसी तरह का व्यवहार किया जाता है। प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि यदि सरकार से कोई चूक हुई है, तो उसकी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए संसद में जवाब देना अनिवार्य है।
गृहमंत्री की संसदीय अनुपस्थिति पर विपक्ष का हमला
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने गृह मंत्री की अनुपस्थिति को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री लोकसभा और संसद दोनों से गायब हैं। वेणुगोपाल ने माँग की कि गृह मंत्री सदन में आकर यह स्पष्ट करें कि छात्रों पर पैलेट गन चलाने और आँसू गैस छोड़ने का आदेश किसने दिया। उन्होंने कहा कि देश और छात्र दोनों इन सवालों का जवाब चाहते हैं। कांग्रेस ने लोकसभा अध्यक्ष से संसदीय कार्य मंत्री को इस संबंध में निर्देश देने का अनुरोध किया है, लेकिन संसद सत्र के केवल चार दिन शेष रहते गृह मंत्री अभी तक सदन में उपस्थित नहीं हुए हैं।
आरएसएस और भागवत के बयान पर कांग्रेस का पलटवार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के 'जेन जी' को लेकर दिए गए बयान पर कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने कहा कि आरएसएस इस समय बैकफुट पर है। टैगोर ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में आरएसएस ने विश्वविद्यालयों और अन्य शिक्षण संस्थानों में अपना प्रभाव स्थापित किया है तथा उससे जुड़े लोगों को विभिन्न पदों पर नियुक्त किया गया है। उनके अनुसार, इसी कारण संघ अब रक्षात्मक स्थिति में नजर आ रहा है।
शिक्षा व्यवस्था पर कांग्रेस के तीखे सवाल
कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि मोहन भागवत कोई सुझाव देना चाहते हैं, तो उन्हें सीधे केंद्र सरकार को देना चाहिए, क्योंकि पिछले 12 वर्षों से वही सत्ता में है। अमर सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार ने शिक्षा को महंगा बना दिया है, जिससे आम परिवारों के लिए बच्चों की पढ़ाई कठिन हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दस वर्षों में देशभर में लगभग एक लाख सरकारी स्कूल बंद हुए हैं, जो शिक्षा व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को उजागर करता है।
कांग्रेस की जवाबदेही की माँग जारी रहेगी
कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि मोहन भागवत जो बातें कह रहे हैं, वही कांग्रेस लंबे समय से उठाती रही है। रंधावा ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपनी कार्यशैली हो सकती है, लेकिन कम से कम गृह मंत्री को सदन में उपस्थित होकर विपक्ष और देश के सवालों का सामना करना चाहिए। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही की माँग आगे भी उठाती रहेगी।