21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

प्रियंका गांधी वाड्रा ने NEET छात्र प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग की निंदा की, शिक्षा नीति पर बहस की माँग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
प्रियंका गांधी वाड्रा ने NEET छात्र प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग की निंदा की, शिक्षा नीति पर बहस की माँग

सारांश

NEET-यूजी पेपर लीक के खिलाफ 'संसद चलो' मार्च में छात्रों पर कथित आंसू गैस प्रयोग के बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उनका सीधा सवाल — 'वे हमारे बच्चे हैं, उन्हें क्यों पीटा जा रहा है?' — ने शिक्षा नीति पर जारी राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने 20 जुलाई को संसद के बाहर NEET छात्र प्रदर्शनकारियों पर कथित बल प्रयोग की कड़ी निंदा की।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में 'संसद चलो' मार्च में प्रदर्शनकारियों ने NEET-यूजी पेपर लीक पर जवाबदेही और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग की।
CJP प्रवक्ताओं ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की; मंत्री ने माँगों पर आंतरिक चर्चा का आश्वासन दिया।
दिल्ली पुलिस ने CJP संस्थापक अभिजीत दिपके की गिरफ्तारी या हिरासत की खबरों को खारिज किया।
प्रियंका गांधी ने कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से शिक्षा नीति की खामियाँ उठाते रहे हैं, पर सरकार संसद में चर्चा से बच रही है।

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार, 20 जुलाई को संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और NEET-यूजी पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित तौर पर बल प्रयोग और आंसू गैस के इस्तेमाल की कड़ी निंदा की। उन्होंने सरकार पर शिक्षा नीति की गंभीर खामियों पर संसद में चर्चा से बचने का आरोप लगाया।

मुख्य घटनाक्रम

नई दिल्ली के संसद मार्ग पर सोमवार को उस समय तनाव का माहौल बन गया जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उसके समर्थकों ने 'संसद चलो' विरोध प्रदर्शन के तहत NEET-यूजी पेपर लीक मामले में सरकार से जवाबदेही की माँग की। जब प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन की ओर बढ़ने का प्रयास किया, तो पुलिस ने उन्हें रोका। इस दौरान कथित तौर पर आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया।

प्रियंका गांधी वाड्रा की प्रतिक्रिया

प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ हुए व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, 'आप उन्हें पीट रहे हैं और उन पर आंसू गैस छोड़ रहे हैं। ऐसा क्यों किया जा रहा है? आखिरकार, वे हमारे बच्चे हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'वे देश का भविष्य हैं। यह संसद उनकी है। यह किसी की निजी संपत्ति नहीं है।'

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लंबे समय से शिक्षा नीति की खामियों का मुद्दा उठाते रहे हैं, लेकिन सरकार संसद में इस पर चर्चा करने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा, 'शिक्षा नीति में बड़ी समस्याएं और मुद्दे हैं, लेकिन आप कोई चर्चा करने को तैयार नहीं हैं और दूसरी ओर, आप बच्चों को पीट रहे हैं।'

सरकार की प्रतिक्रिया

CJP के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रंका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी माँगें रखीं। उनके अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि वे प्रदर्शनकारियों की माँगों पर नेतृत्व के साथ आंतरिक रूप से चर्चा करेंगे। वहीं, दिल्ली पुलिस ने उन खबरों को खारिज कर दिया जिनमें दावा किया गया था कि CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके को हिरासत में लिया गया या गिरफ्तार किया गया।

विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि

यह प्रदर्शन NEET-यूजी पेपर लीक मामले और परीक्षाओं से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग के लिए आयोजित किया गया था। गौरतलब है कि NEET-यूजी विवाद पिछले कई हफ्तों से देशभर में छात्र समुदाय में आक्रोश का केंद्र बना हुआ है, और विपक्षी दलों ने इसे संसद में बार-बार उठाया है।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र चल रहा है और विपक्ष NEET मामले पर सरकार को घेरने की कोशिश में है। आलोचकों का कहना है कि जब तक शिक्षा नीति और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शी सुधार नहीं होते, छात्रों का असंतोष जारी रहेगा। सरकार की अगली प्रतिक्रिया और संसद में इस मुद्दे पर होने वाली बहस पर सबकी नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि विपक्ष संसद के भीतर NEET मामले पर ठोस बहस क्यों नहीं करा पाया। 'संसद चलो' मार्च एक राजनीतिक संकेत है, पर NEET-यूजी पेपर लीक की जड़ें परीक्षा तंत्र की संरचनात्मक कमज़ोरियों में हैं जिन पर न सरकार ने पर्याप्त जवाब दिया है, न विपक्ष ने विधायी स्तर पर कोई ठोस विकल्प सामने रखा है। छात्रों पर बल प्रयोग का मुद्दा जायज़ है, लेकिन इसे केवल राजनीतिक बयानबाज़ी तक सीमित रखना उन लाखों छात्रों के साथ न्याय नहीं होगा जिनका भविष्य दाँव पर है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रियंका गांधी वाड्रा ने NEET प्रदर्शनकारियों के बारे में क्या कहा?
प्रियंका गांधी वाड्रा ने 20 जुलाई को संसद के बाहर कहा कि NEET-यूजी पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित तौर पर आंसू गैस और बल प्रयोग किया गया, जिसकी उन्होंने कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि ये छात्र देश का भविष्य हैं और संसद उनकी अपनी है।
'संसद चलो' विरोध प्रदर्शन क्यों आयोजित किया गया था?
यह प्रदर्शन NEET-यूजी पेपर लीक मामले और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के विरोध में आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार से जवाबदेही की माँग की।
क्या CJP संस्थापक अभिजीत दिपके को गिरफ्तार किया गया?
दिल्ली पुलिस ने CJP संस्थापक अभिजीत दिपके की गिरफ्तारी या हिरासत की खबरों को स्पष्ट रूप से खारिज किया है। पुलिस के अनुसार ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने प्रदर्शनकारियों को क्या आश्वासन दिया?
CJP के प्रवक्ताओं से मुलाकात के दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने आश्वासन दिया कि वे प्रदर्शनकारियों की माँगों पर नेतृत्व के साथ आंतरिक रूप से चर्चा करेंगे। हालाँकि, इस पर कोई ठोस घोषणा अभी तक नहीं हुई है।
NEET-यूजी पेपर लीक विवाद क्या है और इसका छात्रों पर क्या असर है?
NEET-यूजी पेपर लीक विवाद राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक होने से जुड़ा है। इससे लाखों छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं और देशभर में छात्र समुदाय में व्यापक आक्रोश है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 1 साल पहले