प्रियंका गांधी का मोदी सरकार पर हमला: NEET लीक, छात्रों पर लाठीचार्ज की जवाबदेही PM पर
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने 23 जुलाई को नई दिल्ली में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प, इंटरनेट बंदी, छात्रों पर लाठीचार्ज और NEET पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार को सीधे जिम्मेदार ठहराया।
मुख्य आरोप: लोकतंत्र पर हमला
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों को व्यवस्थित रूप से कमज़ोर किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में कभी ऐसा हुआ है जब सरकार के अपने सांसद संसद के बाहर प्रदर्शन करने को विवश हों। उनके अनुसार, कई सत्रों से संसद सुचारु रूप से नहीं चल पाई है और सरकार अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों से मुँह फेर रही है। सरकार को 'कमज़ोर और कायर' बताते हुए उन्होंने कहा कि वह लोकतांत्रिक विरोध का सामना करने में नाकाम रही है।
छात्रों पर बल प्रयोग: प्रियंका की चेतावनी
कांग्रेस सांसद ने कहा कि सड़कों पर उतरे युवा आतंकवादी नहीं, बल्कि देश का भविष्य हैं। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दौरान इंटरनेट सेवाएँ बंद कर दी गईं, जिससे छात्र अपने परिवारों से संपर्क तक नहीं कर सके। आँसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एक ओर बच्चों की चिंता जताने वाले संदेश देते हैं, और दूसरी ओर उन्हीं बच्चों पर रात में आँसू गैस छोड़ी जाती है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में छात्र परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की माँग कर रहे हैं। प्रियंका गांधी ने चेतावनी दी कि यदि प्रदर्शन के दौरान किसी भी छात्र के साथ कोई अनहोनी होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर होगी।
NEET और पेपर लीक: दस साल में 152 मामले, एक भी सज़ा नहीं
NEET समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक के मुद्दे पर प्रियंका गांधी ने दावा किया कि पिछले दस वर्षों में 152 पेपर लीक हुए, लेकिन एक भी मामले में दोषियों को सज़ा नहीं मिली। उन्होंने तर्क दिया कि जब प्रधानमंत्री अंतरिक्ष मिशन, ओलंपिक और एशियाई खेलों की हर सफलता का श्रेय लेते हैं, तो युवाओं के भविष्य से जुड़े इस संकट की जवाबदेही भी उन्हीं की बनती है। गौरतलब है कि NEET विवाद पहले से ही संसद और सड़क — दोनों जगह बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है।
सरकार की प्रतिक्रिया
फिलहाल केंद्र सरकार या भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से प्रियंका गांधी के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग के संबंध में अपना पक्ष स्वतंत्र रूप से स्पष्ट नहीं किया है।
आगे क्या
विपक्ष के बढ़ते दबाव और छात्र आंदोलन की तीव्रता को देखते हुए यह मामला संसद के आगामी सत्र में भी गूँजने की संभावना है। NEET पेपर लीक की जाँच और जवाबदेही तय करने की माँग अब केवल शैक्षणिक मुद्दा नहीं रही — यह एक व्यापक राजनीतिक टकराव का केंद्र बन चुकी है।