जन्माष्टमी 2025: बारामूला से विजयवाड़ा और कोयंबटूर तक मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़, सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल
सारांश
मुख्य बातें
कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर 4 सितंबर को जम्मू-कश्मीर के बारामूला से लेकर आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा और तमिलनाडु के कोयंबटूर तक देशभर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस वर्ष उत्सव केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रहा — बारामूला में जन्माष्टमी, गुरु ग्रंथ साहिब के प्रकाश दिवस और मुस्लिम त्योहार के एक साथ मनाए जाने से सांप्रदायिक सद्भाव की अनूठी तस्वीर सामने आई।
बारामूला में सांप्रदायिक एकता की अनूठी मिसाल
जम्मू-कश्मीर के बारामूला में गुरुद्वारा प्रबंध समिति के सदस्य हरविंदर सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों सिख श्रद्धालुओं ने एक भव्य नगर कीर्तन में भाग लिया। उल्लेखनीय यह रहा कि स्थानीय मुस्लिम युवाओं और सामुदायिक समूहों ने इस आयोजन का गर्मजोशी से स्वागत किया।
हरविंदर सिंह ने कहा, 'आज हम गुरु ग्रंथ साहिब का पहला प्रकाश दिवस मना रहे हैं। वहीं मुसलमान भाई अपना त्योहार मना रहे हैं और हमारे हिंदू भाई जन्माष्टमी का त्योहार मना रहे हैं। बारामूला में रहने वालों समेत देश के सभी लोगों को मेरी ओर से मुबारकबाद। इस दिन गुरु ग्रंथ साहिब जी का पहला प्रकाश हुआ था।' यह ऐसे समय में आया है जब कश्मीर घाटी में सामाजिक समरसता को लेकर सकारात्मक संकेत लगातार बढ़ रहे हैं।
विजयवाड़ा के इस्कॉन मंदिर में दो कैंपस पर उत्सव
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा स्थित इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी बड़े उल्लास के साथ मनाई गई। मंदिर के मैनेजर संदीप वैष्णव ने कहा, 'हम बहुत भाग्यशाली हैं कि विजयवाड़ा में जन्माष्टमी का जश्न मना रहे हैं। विजयवाड़ा में हमारे दो कैंपस हैं और हम दोनों मंदिरों में बड़े पैमाने पर जश्न मना रहे हैं।' उन्होंने पूरे देश और देशवासियों को कृष्ण जन्माष्टमी की बधाई दी।
कोयंबटूर में अखंड नाम संकीर्तन और विशेष अनुष्ठान
तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित इस्कॉन जगन्नाथ मंदिर में भक्तों ने सुबह से ही पूजा-अर्चना आरंभ कर दी। भगवान बलराम, सुभद्रा और कृष्ण को विशेष वस्त्राभूषणों से सजाया गया। भक्तों ने 'हरे राम, हरे कृष्ण' का जाप करते हुए मंदिर की परिक्रमा की और अखंड नाम संकीर्तन में भाग लिया। कई परिवार अपने बच्चों को कृष्ण और राधा के रूप में तैयार करके लाए। शाम को कलश अभिषेक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया तथा भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता रोहन गुप्ता ने राजस्थान और जयपुर के लोगों को जन्माष्टमी की बधाई देते हुए कहा, 'श्रीकृष्ण ने हमेशा हमें सही रास्ता दिखाया है और आगे बढ़ने का मार्गदर्शन किया है। इस दिन मैं सभी को शुभकामनाएं देता हूं और उम्मीद करता हूं कि हम उनके दिखाए रास्ते पर आगे बढ़ते रहेंगे।'
देशव्यापी उत्सव का संदेश
गौरतलब है कि जन्माष्टमी का यह उत्सव भारत की विविधता में एकता को रेखांकित करता है — जहाँ एक ओर कश्मीर में तीन समुदाय एक साथ अपने-अपने पर्व मना रहे हैं, वहीं दक्षिण भारत के मंदिरों में भक्ति और संस्कृति का संगम देखने को मिला। आने वाले दिनों में देशभर में जन्माष्टमी के आयोजन जारी रहने की संभावना है।