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UP 2027 चुनाव: भाजपा दो तिहाई बहुमत से सरकार बनाएगी — दिनेश शर्मा का दावा

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UP 2027 चुनाव: भाजपा दो तिहाई बहुमत से सरकार बनाएगी — दिनेश शर्मा का दावा

सारांश

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने लखनऊ में दावा किया कि 2027 के UP विधानसभा चुनाव में भाजपा दो तिहाई बहुमत से सरकार बनाएगी — चाहे विपक्ष एकजुट हो या अलग-अलग लड़े। साथ ही उन्होंने सनातन विवाद, बसपा के आंतरिक घटनाक्रम और FCRA विधेयक पर भी अपनी राय रखी।

मुख्य बातें

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने 4 सितंबर 2026 को दावा किया कि UP 2027 विधानसभा चुनाव में भाजपा दो तिहाई बहुमत से सरकार बनाएगी।
विपक्षी दल साथ आएँ या अलग लड़ें — शर्मा के अनुसार दोनों स्थितियों में भाजपा की जीत सुनिश्चित है।
आकाश आनंद की बसपा में जिम्मेदारियाँ घटाए जाने को शर्मा ने बसपा का आंतरिक मामला बताया, टिप्पणी से परहेज किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सनातन संबंधी बयान को शर्मा ने उचित और जनहितकारी बताया।
FCRA विधेयक की जाँच के लिए सांसदों की विशेष संसदीय समिति गठित की गई है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद दिनेश शर्मा ने 4 सितंबर 2026 को लखनऊ में कहा कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा दो तिहाई बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्षी दल चाहे साथ मिलकर लड़ें या अलग-अलग, दोनों ही स्थितियों में भाजपा को हराना उनके लिए संभव नहीं होगा।

विपक्षी गठबंधन पर भाजपा का रुख

समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव और सीजेपी के प्रवक्ताओं के बीच हुई बैठक पर दिनेश शर्मा ने कहा कि राजनीतिक नेताओं का आपस में मिलना-जुलना उनकी व्यक्तिगत इच्छा पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा, 'चुनाव के दौरान कई नेता और दल एक-दूसरे से मुलाकात कर सकते हैं।' शर्मा के अनुसार, विपक्षी एकता या बिखराव — किसी भी स्थिति में भाजपा की जीत सुनिश्चित है।

बसपा के आंतरिक मामले पर टिप्पणी से परहेज

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) नेता आकाश आनंद की पार्टी में जिम्मेदारियाँ कम किए जाने के सवाल पर दिनेश शर्मा ने इसे बसपा का आंतरिक मामला बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक राजनीतिक दल और व्यक्ति को अपनी पार्टी से जुड़े निर्णय लेने का अधिकार है और इस विषय पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

सनातन परंपरा पर योगी के बयान का समर्थन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सनातन को लेकर दिए गए बयान का बचाव करते हुए दिनेश शर्मा ने कहा कि सनातन परंपरा का इतिहास अत्यंत प्राचीन है और यह किसी धर्म के विरुद्ध नहीं, बल्कि सभी के कल्याण की बात करती है। उनके अनुसार, 'सनातन के खिलाफ बोलना इंसानियत के खिलाफ जाने जैसा है।' उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान को उचित ठहराया।

एफसीआरए विधेयक पर सरकार की स्थिति

एफसीआरए (FCRA) विधेयक को लेकर दिनेश शर्मा ने कहा कि सरकार पारदर्शिता के साथ सभी पहलुओं का अध्ययन करने के बाद ऐसे विधेयक लाती है, जिनका उद्देश्य जनहित सुनिश्चित करना होता है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर सांसदों की एक विशेष समिति गठित की गई है जो विधेयक का परीक्षण करेगी, और उसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इसे लागू किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब FCRA संशोधनों को लेकर विपक्ष और नागरिक समाज में व्यापक बहस जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

चुनाव-पूर्व मनोवैज्ञानिक दबाव की रणनीति लगता है — जो भाजपा 2022 में भी अपनाती रही थी। गौरतलब है कि 2022 में भाजपा ने 403 में से 255 सीटें जीती थीं, जो बहुमत तो था लेकिन दो तिहाई से कम। विपक्ष की हर संभावित रणनीति को 'निष्प्रभावी' बताना एक ओर दावे की ताकत दिखाता है, तो दूसरी ओर यह भी संकेत देता है कि भाजपा विपक्षी एकता की संभावना को नज़रअंदाज़ नहीं कर रही। FCRA विधेयक पर संसदीय समिति गठन की बात सकारात्मक है, लेकिन नागरिक समाज के वास्तविक सवालों का जवाब अभी बाकी है।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिनेश शर्मा ने UP 2027 चुनाव को लेकर क्या दावा किया है?
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने 4 सितंबर 2026 को लखनऊ में कहा कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा दो तिहाई बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उनके अनुसार विपक्षी दल चाहे मिलकर लड़ें या अलग-अलग, भाजपा को हराना उनके लिए संभव नहीं होगा।
अखिलेश यादव और सीजेपी की बैठक पर भाजपा का क्या कहना है?
दिनेश शर्मा ने कहा कि राजनीतिक नेताओं का आपस में मिलना-जुलना उनकी व्यक्तिगत इच्छा पर निर्भर करता है और चुनाव के दौरान ऐसी मुलाकातें सामान्य हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्षी गठबंधन से भाजपा की चुनावी स्थिति पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
आकाश आनंद की बसपा में भूमिका घटाए जाने पर दिनेश शर्मा ने क्या कहा?
दिनेश शर्मा ने इसे बसपा का आंतरिक मामला बताते हुए कोई सीधी टिप्पणी करने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि हर राजनीतिक दल को अपने आंतरिक निर्णय लेने का अधिकार है और उसके पीछे कोई न कोई कारण अवश्य होता है।
FCRA विधेयक पर सरकार की क्या स्थिति है?
दिनेश शर्मा के अनुसार सरकार ने FCRA विधेयक की जाँच के लिए सांसदों की एक विशेष संसदीय समिति गठित की है। समिति के परीक्षण के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विधेयक को लागू किया जाएगा।
योगी आदित्यनाथ के सनातन बयान पर भाजपा का रुख क्या है?
दिनेश शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सनातन संबंधी बयान का पूरा समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा किसी धर्म के विरुद्ध नहीं बल्कि सभी के कल्याण की बात करती है, और इसके खिलाफ बोलना इंसानियत के खिलाफ जाने के समान है।
राष्ट्र प्रेस
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