बेल्जियम PM बार्ट डी वेवर मुंबई के भारत डायमंड बोर्स पहुंचे, बोले- 'आपके पास दुनिया की कार्यशाला, हमारे पास वैश्विक बाज़ार'
सारांश
मुख्य बातें
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर शुक्रवार, 4 सितंबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद मुंबई पहुंचे और बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्थित भारत डायमंड बोर्स (BDB) का दौरा किया। यहाँ उन्होंने हीरा उद्योग, बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के प्रमुख प्रतिनिधियों एवं हितधारकों से विस्तृत चर्चा की। इस दौरे को भारत-बेल्जियम आर्थिक साझेदारी को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुंबई में स्वागत और कार्यक्रम
मुंबई हवाई अड्डे पर महाराष्ट्र सरकार के विपणन और प्रोटोकॉल मंत्री जयकुमार रावल ने पीएम डी वेवर का औपचारिक स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि मुंबई में उनके कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम निर्धारित हैं। जायसवाल ने उम्मीद जताई कि ये बैठकें भारत और बेल्जियम के बीच आर्थिक संबंधों को मज़बूत बनाने और व्यापार व निवेश के नए अवसरों को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होंगी।
भारत की हीरा उद्योग में भूमिका पर वेवर के विचार
भारत डायमंड बोर्स में संबोधन के दौरान पीएम डी वेवर ने भारत की हीरा उद्योग में बढ़ती भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दशकों में भारत एक कम लागत वाले डायमंड कटिंग केंद्र से आगे बढ़कर एक उच्च गुणवत्ता वाले केंद्र के रूप में उभरा है, जहाँ आधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय कामकाज के मानक अपनाए जाते हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि दुनिया के हर 10 में से 9 से अधिक हीरे भारत में काटे और तराशे जाते हैं।
डी वेवर ने यह भी कहा कि भारत अब केवल हीरों की प्रोसेसिंग करने वाली जगह नहीं रहा — आज भारत हीरे के आभूषणों के लिए दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाज़ार भी बन चुका है। उनके शब्दों में, 'आप सिर्फ कारोबार के लिए हीरे नहीं काटते, बल्कि खुद भी इन उत्पादों के खरीदार हैं।'
एंटवर्प और भारत की पूरकता
पीएम डी वेवर ने एंटवर्प को आज भी हीरा कटाई का एक प्रमुख केंद्र बताया, विशेष रूप से अत्यंत विशिष्ट और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के लिए। उन्होंने कहा, 'सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम एक वैश्विक बाज़ार हैं — एक ऐसी जगह जहाँ दुनिया भर का हीरा व्यापार एक साथ आता है। और यही वह क्षेत्र है जहाँ हम एक-दूसरे के पूरक बनते हैं।' उन्होंने इस साझेदारी को सटीक शब्दों में परिभाषित किया: 'आपके पास दुनिया की कार्यशाला है और हमारे पास वह जगह है जहाँ दुनिया मिलती है। हमारे पास अनुभव है, हम अलग-अलग पक्षों को साथ लाते हैं, खरीदारों से जोड़ते हैं और हमारे पास ऐसा नेटवर्क है जो दुनिया भर तक फैला हुआ है।'
HRT कार्यालय का उद्घाटन और व्यापार समझौता
इस दौरे के दौरान पीएम डी वेवर ने एक नए HRT कार्यालय का उद्घाटन किया, जिसका उद्देश्य भारत और एंटवर्प के बीच हीरा व्यापार को और सुदृढ़ करना है। उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे अंतिम रूप देने में 20 वर्ष लग गए, लेकिन अंततः यह मुकाम हासिल हो गया। इस समझौते के तहत कई उत्पादों पर आयात शुल्क तय किए गए हैं और उन्हें काफी हद तक कम भी किया गया है, जिसमें पॉलिश किए गए हीरे भी शामिल हैं।
डी वेवर ने स्पष्ट किया कि शुल्क तय करना और शुल्क पूरी तरह समाप्त करना दो अलग बातें हैं, और उन्होंने इच्छा जताई कि भविष्य में दोनों दिशाओं में आयात शुल्क को यथासंभव कम किया जाए। उन्होंने कहा, 'बेल्जियम और एंटवर्प हमेशा व्यापार के लिए खुले रहेंगे — खासकर हीरों के लिए और निश्चित रूप से लोगों के लिए भी।'
आगे की संभावनाएँ
यह दौरा ऐसे समय में आया है जब भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत अंतिम चरण में है और दोनों देश हीरा, बंदरगाह एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में निवेश के नए अवसर तलाश रहे हैं। गौरतलब है कि भारत डायमंड बोर्स दुनिया के सबसे बड़े हीरा व्यापार केंद्रों में से एक है और एंटवर्प के साथ इसकी साझेदारी वैश्विक हीरा आपूर्ति श्रृंखला के लिए निर्णायक मानी जाती है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के और अधिक समझौते होने की उम्मीद है।