बेल्जियम के PM बार्ट डी वेवर 2 सितंबर को भारत दौरे पर, मोदी से होगी द्विपक्षीय वार्ता
सारांश
मुख्य बातें
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर 2 से 4 सितंबर 2026 तक आधिकारिक दौरे पर भारत आएंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, पिछले वर्ष फरवरी में पदभार ग्रहण करने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता निर्धारित है।
आगमन और कार्यक्रम की रूपरेखा
विदेश मंत्रालय की जानकारी के अनुसार, बेल्जियम के प्रधानमंत्री बुधवार, 2 सितंबर 2026 को शाम 7:30 बजे एएफएस पालम पर दिल्ली पहुँचेंगे। गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को सुबह 11:10 बजे वे राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
इसके ठीक बाद सुबह 11:30 बजे हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी। दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों के समग्र आयाम के साथ-साथ आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।
समझौता ज्ञापन और प्रेस वक्तव्य
दोपहर 12:55 बजे हैदराबाद हाउस में दोनों देशों के बीच विभिन्न समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान किया जाएगा। इसके उपरांत दोनों नेता संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी करेंगे। शाम 4:30 बजे बार्ट डी वेवर हयात रीजेंसी होटल में आयोजित सीआईआई (CII) के कार्यक्रम में भाग लेंगे, जहाँ व्यापार और निवेश पर चर्चा अपेक्षित है।
मुंबई दौरा और प्रस्थान
4 सितंबर को सुबह 9:30 बजे प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर दिल्ली से मुंबई रवाना होंगे, जहाँ उनके विभिन्न कार्यक्रम निर्धारित हैं। मुंबई में सभी कार्यक्रमों की समाप्ति के बाद वे रात 11:00 बजे भारत से प्रस्थान करेंगे।
प्रतिनिधिमंडल और सहयोग के क्षेत्र
इस यात्रा में बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रैंकेन भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे, जो रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर विशेष ध्यान का संकेत देता है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा, कनेक्टिविटी और लोगों के बीच संबंधों सहित आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने का अवसर देगी।
गौरतलब है कि यह यात्रा भारत-यूरोपीय संघ और भारत-यूरोप संबंधों को और गहरा करने के व्यापक कूटनीतिक प्रयासों के बीच हो रही है। यह ऐसे समय में आई है जब भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत जारी है। आने वाले दिनों में एमओयू के विवरण और दोनों देशों के बीच सहयोग की नई दिशा स्पष्ट होगी।