ब्रिक्स समिट 2026: पुतिन 12-13 सितंबर को नई दिल्ली पहुँचेंगे, सालभर में दूसरी भारत यात्रा

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ब्रिक्स समिट 2026: पुतिन 12-13 सितंबर को नई दिल्ली पहुँचेंगे, सालभर में दूसरी भारत यात्रा

सारांश

रूसी राष्ट्रपति पुतिन 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट के लिए पहुँचेंगे — सालभर में दूसरी बार। दिसंबर 2025 की यात्रा के बाद यह मुलाकात भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी और 'प्रोग्राम 2030' के क्रियान्वयन की दिशा में अगला बड़ा कदम होगी।

मुख्य बातें

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 12-13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
यह सालभर के भीतर पुतिन की दूसरी भारत यात्रा होगी; पहली दिसंबर 2025 में हुई थी।
जानकारी दक्षिण अफ्रीका स्थित रूसी दूतावास ने क्रेमलिन अधिकारी यूरी उशाकोव के हवाले से एक्स पर साझा की।
भारत ने 13 जनवरी 2026 को ब्रिक्स अध्यक्षता संभाली; विदेश मंत्री एस.
जयशंकर ने थीम और लोगो लॉन्च किया।
दिसंबर 2025 की वार्ता में दोनों देशों ने प्रोग्राम 2030 और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को मज़बूत करने की प्रतिबद्धता जताई थी।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 12-13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत पहुँचेंगे। यह जानकारी दक्षिण अफ्रीका स्थित रूसी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर क्रेमलिन के वरिष्ठ अधिकारी यूरी उशाकोव के हवाले से साझा की। उल्लेखनीय है कि यह सालभर के भीतर पुतिन की भारत की दूसरी यात्रा होगी।

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता और समिट की तैयारी

भारत ने 13 जनवरी 2026 को ब्रिक्स समूह की अध्यक्षता आधिकारिक रूप से संभाली थी। इसके तुरंत बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 14 जनवरी के आसपास इस समिट की आधिकारिक थीम, लोगो और वेबसाइट का शुभारंभ किया। भारत की अध्यक्षता में होने वाला यह शिखर सम्मेलन वैश्विक दक्षिण के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक मंच के रूप में देखा जा रहा है।

पुतिन की पिछली भारत यात्रा और द्विपक्षीय संबंध

इससे पहले राष्ट्रपति पुतिन दिसंबर 2025 में दो दिवसीय दौरे पर भारत आए थे, जहाँ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लिया। उस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंध को विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के रूप में और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता जताई।

दोनों नेताओं ने आपसी भरोसे, एक-दूसरे के राष्ट्रीय हितों के सम्मान और रणनीतिक समन्वय को इस साझेदारी की नींव बताया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए बड़ी शक्तियों के बीच यह सहयोग अपरिहार्य है।

व्यापार और आर्थिक सहयोग का खाका

दिसंबर 2025 की वार्ता में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार को संतुलित और टिकाऊ तरीके से बढ़ाने पर सहमति जताई। इसमें रूस को भारत का निर्यात बढ़ाना, औद्योगिक सहयोग को गहरा करना, उच्च-तकनीकी क्षेत्रों में नई निवेश साझेदारी बनाना और प्रोग्राम 2030 — यानी 2030 तक भारत-रूस आर्थिक सहयोग के रणनीतिक विकास का रोडमैप — को अपनाना शामिल था। राजनीतिक, सैन्य, ऊर्जा, परमाणु, अंतरिक्ष, विज्ञान-तकनीक और सांस्कृतिक सहयोग के क्षेत्रों में भी सकारात्मक समीक्षा की गई।

सितंबर समिट का महत्व

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं। भारत की अध्यक्षता में यह मंच बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की दिशा में एक अहम संकेत माना जा रहा है। पुतिन की उपस्थिति इस आयोजन को कूटनीतिक रूप से और अधिक वज़नदार बनाएगी। आगामी महीनों में दोनों देशों के बीच तैयारी-स्तरीय बैठकों की उम्मीद है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुतिन ब्रिक्स समिट 2026 के लिए भारत कब आएंगे?
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 12-13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आएंगे। यह जानकारी क्रेमलिन अधिकारी यूरी उशाकोव के हवाले से सामने आई है।
ब्रिक्स समिट 2026 की मेज़बानी कौन कर रहा है?
भारत वर्ष 2026 में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेज़बानी कर रहा है। भारत ने 13 जनवरी 2026 को ब्रिक्स समूह की अध्यक्षता संभाली और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने समिट की आधिकारिक थीम, लोगो और वेबसाइट का शुभारंभ किया।
पुतिन की यह भारत यात्रा पिछली यात्रा से कैसे अलग है?
पुतिन दिसंबर 2025 में भी दो दिवसीय यात्रा पर भारत आए थे, जहाँ उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की और 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लिया था। सितंबर 2026 की यात्रा एक बहुपक्षीय ब्रिक्स मंच पर होगी, जो इसे कूटनीतिक रूप से और व्यापक बनाती है।
भारत-रूस 'प्रोग्राम 2030' क्या है?
प्रोग्राम 2030 भारत और रूस के बीच 2030 तक आर्थिक सहयोग के रणनीतिक क्षेत्रों के विकास का रोडमैप है, जिसे दिसंबर 2025 की वार्ता में अपनाया गया। इसमें द्विपक्षीय व्यापार संतुलन सुधारना, उच्च-तकनीकी क्षेत्रों में निवेश और औद्योगिक सहयोग को गहरा करना शामिल है।
ब्रिक्स समिट 2026 में कौन-कौन से विषय प्रमुख रहेंगे?
भारत की अध्यक्षता में यह समिट बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था, वैश्विक दक्षिण के हितों और आर्थिक सहयोग पर केंद्रित रहने की उम्मीद है। भारत-रूस के बीच व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और तकनीकी सहयोग के मुद्दे भी द्विपक्षीय एजेंडे पर रहेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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