2026 द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी की सहभागिता की आशा जताई रूसी उप विदेश मंत्री ने

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2026 द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी की सहभागिता की आशा जताई रूसी उप विदेश मंत्री ने

सारांश

मॉस्को में होने वाले द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी की भागीदारी को लेकर रूसी उप विदेश मंत्री आंद्रेई रुडेंको ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। क्या यह बैठक भारत-रूस संबंधों में एक नई दिशा तय करेगी?

Key Takeaways

  • द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन का आयोजन मॉस्को में होगा।
  • रूसी उप विदेश मंत्री ने पीएम मोदी की भागीदारी की उम्मीद जताई है।
  • भारत-रूस संबंधों में रक्षा और आर्थिक सहयोग पर जोर दिया गया है।
  • 2010 में इस साझेदारी को विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त स्तर पर उन्नत किया गया।
  • रूस भारत का एक पुराना और विश्वसनीय साझेदार है।

मॉस्को, 31 मार्च (आईएएनस)। इस वर्ष के अंत में मॉस्को में एक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। रूसी उप विदेश मंत्री आंद्रेई रुडेंको ने इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भागीदारी की उम्मीद जताई है।

रूस की प्रमुख समाचार एजेंसी तास के अनुसार, रुडेंको ने कहा, “इस साल रूस-भारत शिखर सम्मेलन की मेज़बानी रूस की है। हमें आशा है कि भारतीय प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निमंत्रण का फायदा उठाते हुए, उचित समय पर रूस की आधिकारिक यात्रा करेंगे।”

उन्होंने यह भी कहा कि रूस और भारत के लिए विभिन्न स्तरों पर नियमित और व्यवस्थित संपर्क बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

पिछले दिसंबर में, राष्ट्रपति पुतिन ने भारत की एक महत्वपूर्ण राजकीय यात्रा की थी। यह यात्रा दो दिनों तक दिल्ली में चली, जिसमें शिखर स्तर की वार्ता, औपचारिक कार्यक्रम और कई द्विपक्षीय चर्चाएं शामिल थीं। इन चर्चाओं में रक्षा, आर्थिक सहयोग, ऊर्जा संबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।

इस दौरान, पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ औपचारिक वार्ता की, जिसमें दोनों नेताओं ने भारत-रूस साझेदारी की स्थिति की समीक्षा की।

इसके बाद, 23वां भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमें दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान जारी किया, जिसमें आने वाले वर्षों की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया गया। ऊर्जा, परमाणु शक्ति, व्यापार, रक्षा और प्रौद्योगिकी में सहयोग पर विशेष जोर दिया गया था।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी राष्ट्रपति पुतिन के सम्मान में राष्ट्रपति भवन में एक भोज का आयोजन किया था।

2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो बार रूस का दौरा किया। पहली बार जुलाई में 22वें रूस-भारत शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए और फिर अक्टूबर में कजान में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए।

रूस भारत का एक पुराना और विश्वसनीय साझेदार रहा है। भारत-रूस संबंधों का विकास भारत की विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ रहा है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2000 में ‘भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी’ की घोषणा के बाद से दोनों देशों के संबंधों में गुणात्मक सुधार हुआ है। राजनीतिक, सुरक्षा, रक्षा, व्यापार और अर्थव्यवस्था, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क जैसे लगभग सभी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है।

2010 में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान इस रणनीतिक साझेदारी को “विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी” के स्तर तक उन्नत किया गया था।

Point of View

जो भारत-रूस संबंधों को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
NationPress
02/04/2026

Frequently Asked Questions

2026 में शिखर सम्मेलन कब होगा?
यह शिखर सम्मेलन इस वर्ष के अंत में आयोजित होगा।
रूसी उप विदेश मंत्री कौन हैं?
रूसी उप विदेश मंत्री आंद्रेई रुडेंको हैं।
इस सम्मेलन में किसकी भागीदारी की उम्मीद है?
इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भागीदारी की उम्मीद है।
भारत-रूस संबंधों में क्या महत्वपूर्ण रहा है?
भारत-रूस संबंधों में रक्षा, आर्थिक सहयोग और ऊर्जा संबंधों जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण रहे हैं।
पिछले वर्ष पीएम मोदी ने कब रूस का दौरा किया?
पीएम मोदी ने 2024 में दो बार रूस का दौरा किया।
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