14 जुलाई 2026
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म्यांमार राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग बोधगया पहुंचे, 1 जून को PM मोदी से होगी द्विपक्षीय वार्ता

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म्यांमार राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग बोधगया पहुंचे, 1 जून को PM मोदी से होगी द्विपक्षीय वार्ता

सारांश

म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग की भारत यात्रा महज़ एक राजनयिक औपचारिकता नहीं — बोधगया से शुरुआत, PM मोदी से वार्ता और मुंबई में बिज़नेस फोरम मिलाकर यह दौरा भारत की बौद्ध कूटनीति और आर्थिक साझेदारी दोनों को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रयास है।

मुख्य बातें

म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 मई को पाँच दिवसीय भारत यात्रा पर गयाजी पहुँचे।
बिहार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने गयाजी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया।
राष्ट्रपति महाबोधि मंदिर और सुजाता मंदिर में दर्शन करेंगे।
1 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय वार्ता निर्धारित।
2 जून को मुंबई में बिज़नेस फोरम और साइट विजिट का कार्यक्रम।
राष्ट्रपति पद संभालने के बाद यह उनकी भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है।

म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग अपनी पाँच दिवसीय भारत यात्रा के तहत शनिवार, 30 मई को बिहार के गयाजी पहुँचे। गयाजी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनका स्वागत बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने किया। राष्ट्रपति का पदभार संभालने के बाद यह उनकी भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है।

बोधगया में आध्यात्मिक कार्यक्रम

अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग बोधगया स्थित विश्वप्रसिद्ध महाबोधि मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे। इसके अतिरिक्त वे सुजाता मंदिर भी जाएंगे। बोधगया वह पवित्र स्थल है जहाँ भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी — बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए यह स्थान सर्वोच्च आस्था का केंद्र है।

PM मोदी से होगी द्विपक्षीय वार्ता

बताया गया है कि राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 1 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे, जिसमें दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने पर चर्चा होगी। उनके साथ आए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल में कई कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और व्यापार जगत के प्रतिनिधि शामिल हैं।

बिज़नेस फोरम और मुंबई दौरा

यात्रा के दौरान राष्ट्रपति एक बिज़नेस फोरम में भी भाग लेंगे। 2 जून को वे व्यापार और उद्योग से जुड़ी बैठकों तथा साइट विजिट के लिए मुंबई जाएंगे। यह दौरा भारत-म्यांमार के आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने के लिहाज़ से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विजय कुमार सिन्हा का बयान

बिहार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक्स पर लिखा, 'आज गयाजी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पर म्यांमार संघ गणराज्य के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग के पावन बोधगया आगमन के अवसर पर बिहार सरकार की ओर से सौजन्यता प्रकट कर उनका हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया।' उन्होंने आगे कहा कि भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली बोधगया की इस पवित्र धरती पर यह आगमन भारत-म्यांमार के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर है।

बोधगया की बढ़ती कूटनीतिक भूमिका

गौरतलब है कि इसी महीने की शुरुआत में वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम ने भी अपनी भारत यात्रा की शुरुआत बोधगया से की थी और महाबोधि मंदिर में प्रार्थना की थी। यह ऐसे समय में आया है जब भारत बौद्ध कूटनीति को दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ संबंध मज़बूत करने के एक सॉफ्ट-पावर माध्यम के रूप में सक्रिय रूप से उपयोग कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत और म्यांमार के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान, बौद्ध विरासत और पारस्परिक विकास के संबंध नई ऊँचाइयाँ छू रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे नई दिल्ली दक्षिण-पूर्व एशिया में सॉफ्ट पावर के औज़ार के रूप में इस्तेमाल कर रही है — वियतनाम के बाद म्यांमार इसका दूसरा ताज़ा उदाहरण है। हालाँकि, यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब म्यांमार में राजनीतिक स्थिति जटिल बनी हुई है और मानवाधिकार संगठन वहाँ की परिस्थितियों पर सवाल उठाते रहे हैं। मुंबई में बिज़नेस फोरम और PM मोदी से वार्ता यह संकेत देते हैं कि भारत रणनीतिक और आर्थिक हितों को प्राथमिकता देते हुए संबंध आगे बढ़ाने के पक्ष में है। आलोचकों का कहना है कि ऐसे जुड़ाव में मानवाधिकार पहलुओं को भी समान महत्व मिलना चाहिए।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग की भारत यात्रा का उद्देश्य क्या है?
यह पाँच दिवसीय यात्रा भारत-म्यांमार के द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने, बौद्ध धार्मिक स्थलों के दर्शन और व्यापारिक सहयोग बढ़ाने के लिए है। राष्ट्रपति पद संभालने के बाद यह उनकी भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है।
यू मिन आंग ह्लाइंग PM मोदी से कब मिलेंगे?
1 जून को राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे, जिसमें दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने पर चर्चा होगी।
म्यांमार के राष्ट्रपति बोधगया में कहाँ-कहाँ जाएंगे?
राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर और सुजाता मंदिर में दर्शन एवं पूजा-अर्चना करेंगे। महाबोधि मंदिर वह स्थान है जहाँ भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था।
इस यात्रा में आर्थिक सहयोग की क्या भूमिका है?
राष्ट्रपति के साथ आए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल में कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और व्यापार जगत के नेता शामिल हैं। 2 जून को मुंबई में बिज़नेस फोरम और साइट विजिट के ज़रिए द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को मज़बूती देने की योजना है।
बोधगया से भारत की कूटनीतिक यात्राएँ शुरू करने की परंपरा क्यों बढ़ रही है?
इसी महीने वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम ने भी अपनी भारत यात्रा बोधगया से शुरू की थी। बौद्ध धर्म से जुड़े दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के नेताओं के लिए यह स्थान ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व रखता है, जिसे भारत सॉफ्ट-पावर कूटनीति के रूप में उपयोग कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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