PM मोदी और म्यांमार राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग की हैदराबाद हाउस में बैठक, द्विपक्षीय सहयोग पर मंथन
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार, 2 जून 2025 को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की। यह बैठक राष्ट्रपति ह्लाइंग की पाँच दिवसीय भारत यात्रा का केंद्रीय राजनयिक पड़ाव रही, जो पद संभालने के बाद उनकी पहली भारत यात्रा है। दोनों नेताओं ने व्यापार, अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी और जनसंपर्क सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की।
मुख्य घटनाक्रम
राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग शनिवार को नई दिल्ली पहुँचे, जहाँ हवाई अड्डे पर केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका औपचारिक स्वागत किया। इससे पहले उन्होंने अपनी यात्रा की शुरुआत बिहार के गया से की थी — एक ऐसा प्रतीकात्मक चुनाव जो भारत और म्यांमार के गहरे बौद्ध आध्यात्मिक संबंधों को रेखांकित करता है।
रविवार को राष्ट्रपति ह्लाइंग ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की और सुरक्षा सहयोग से जुड़े अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। उसी दिन विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी उनसे भेंट की।
जयशंकर का बयान
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मुलाकात के बाद एक्स पर लिखा, "नई दिल्ली में म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात करके खुशी हुई। भारत और म्यांमार के लंबे समय से चले आ रहे सहयोग को और गहरा करने के प्रति उनके सकारात्मक रुख की सराहना करता हूँ।" उन्होंने यह भी कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बैठक से शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए हमारी साझेदारी को और आगे बढ़ाने की उम्मीद है।"
सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयाम
राष्ट्रपति ह्लाइंग दिल्ली के कुतुब गोल्फ कोर्स स्थित राय पिथौरा सांस्कृतिक परिसर में आयोजित 'द लाइट एंड द लोटस: रिलिक्स ऑफ द अवेकेंड वन' प्रदर्शनी का भी दौरा करेंगे। इस अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेष प्रदर्शित किए गए हैं, जो दोनों देशों के सभ्यतागत जुड़ाव का जीवंत प्रतीक है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और जनसंपर्क के गहरे रिश्तों को दर्शाती है।
व्यापार और आर्थिक एजेंडा
राष्ट्रपति ह्लाइंग के साथ कई कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारत आया है। वे एक बिजनेस फोरम में भी हिस्सा लेंगे। 2 जून को राष्ट्रपति ह्लाइंग मुंबई जाएंगे, जहाँ वे उद्योग और व्यापार जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे तथा कुछ महत्वपूर्ण स्थलों का भी दौरा करेंगे।
आगे की राह
राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी उनकी मुलाकात निर्धारित है। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत अपनी 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत म्यांमार सहित दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ संपर्क और सहयोग को नई ऊँचाई देने की कोशिश में है। गौरतलब है कि यह ह्लाइंग की राष्ट्रपति के रूप में पहली भारत यात्रा है, जो दोनों देशों के संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत देती है।