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PM मोदी और म्यांमार राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग की हैदराबाद हाउस में बैठक, द्विपक्षीय सहयोग पर मंथन

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PM मोदी और म्यांमार राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग की हैदराबाद हाउस में बैठक, द्विपक्षीय सहयोग पर मंथन

सारांश

पद संभालने के बाद पहली भारत यात्रा पर आए म्यांमार राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने PM मोदी, NSA डोभाल और विदेश मंत्री जयशंकर से मुलाकात की। गया से शुरू हुई यह यात्रा बौद्ध आध्यात्मिक संबंधों से लेकर व्यापार और सुरक्षा सहयोग तक — भारत-म्यांमार साझेदारी के पूरे स्पेक्ट्रम को समेटती है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 1 जून 2025 को हैदराबाद हाउस, नई दिल्ली में म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग से द्विपक्षीय वार्ता की।
बैठक में व्यापार, अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी और जनसंपर्क सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
जयशंकर और NSA अजीत डोभाल ने भी राष्ट्रपति ह्लाइंग से अलग-अलग बैठकें कीं।
राष्ट्रपति ह्लाइंग बिहार के गया से यात्रा शुरू कर नई दिल्ली पहुँचे; 2 जून को मुंबई में व्यापारिक बैठकें निर्धारित।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मुलाकात और 'द लाइट एंड द लोटस' बुद्ध अवशेष प्रदर्शनी का दौरा कार्यक्रम में शामिल।
यह ह्लाइंग की राष्ट्रपति पद संभालने के बाद पहली भारत यात्रा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार, 2 जून 2025 को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की। यह बैठक राष्ट्रपति ह्लाइंग की पाँच दिवसीय भारत यात्रा का केंद्रीय राजनयिक पड़ाव रही, जो पद संभालने के बाद उनकी पहली भारत यात्रा है। दोनों नेताओं ने व्यापार, अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी और जनसंपर्क सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्य घटनाक्रम

राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग शनिवार को नई दिल्ली पहुँचे, जहाँ हवाई अड्डे पर केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका औपचारिक स्वागत किया। इससे पहले उन्होंने अपनी यात्रा की शुरुआत बिहार के गया से की थी — एक ऐसा प्रतीकात्मक चुनाव जो भारत और म्यांमार के गहरे बौद्ध आध्यात्मिक संबंधों को रेखांकित करता है।

रविवार को राष्ट्रपति ह्लाइंग ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की और सुरक्षा सहयोग से जुड़े अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। उसी दिन विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी उनसे भेंट की।

जयशंकर का बयान

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मुलाकात के बाद एक्स पर लिखा, "नई दिल्ली में म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात करके खुशी हुई। भारत और म्यांमार के लंबे समय से चले आ रहे सहयोग को और गहरा करने के प्रति उनके सकारात्मक रुख की सराहना करता हूँ।" उन्होंने यह भी कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बैठक से शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए हमारी साझेदारी को और आगे बढ़ाने की उम्मीद है।"

सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयाम

राष्ट्रपति ह्लाइंग दिल्ली के कुतुब गोल्फ कोर्स स्थित राय पिथौरा सांस्कृतिक परिसर में आयोजित 'द लाइट एंड द लोटस: रिलिक्स ऑफ द अवेकेंड वन' प्रदर्शनी का भी दौरा करेंगे। इस अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेष प्रदर्शित किए गए हैं, जो दोनों देशों के सभ्यतागत जुड़ाव का जीवंत प्रतीक है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और जनसंपर्क के गहरे रिश्तों को दर्शाती है।

व्यापार और आर्थिक एजेंडा

राष्ट्रपति ह्लाइंग के साथ कई कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारत आया है। वे एक बिजनेस फोरम में भी हिस्सा लेंगे। 2 जून को राष्ट्रपति ह्लाइंग मुंबई जाएंगे, जहाँ वे उद्योग और व्यापार जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे तथा कुछ महत्वपूर्ण स्थलों का भी दौरा करेंगे।

आगे की राह

राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी उनकी मुलाकात निर्धारित है। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत अपनी 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत म्यांमार सहित दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ संपर्क और सहयोग को नई ऊँचाई देने की कोशिश में है। गौरतलब है कि यह ह्लाइंग की राष्ट्रपति के रूप में पहली भारत यात्रा है, जो दोनों देशों के संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ चीन के बढ़ते म्यांमार-प्रभाव को काउंटर करना प्राथमिकता है। गया से यात्रा शुरू करवाकर बौद्ध सांस्कृतिक कूटनीति का उपयोग एक चतुर नरम-शक्ति चाल है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि व्यापार और कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर ठोस प्रगति कितनी होती है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी और म्यांमार राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग की बैठक में क्या हुआ?
1 जून 2025 को हैदराबाद हाउस, नई दिल्ली में दोनों नेताओं ने व्यापार, अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी और जनसंपर्क सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। यह ह्लाइंग की राष्ट्रपति पद संभालने के बाद पहली भारत यात्रा है।
म्यांमार राष्ट्रपति की भारत यात्रा का कार्यक्रम क्या है?
राष्ट्रपति ह्लाइंग ने बिहार के गया से यात्रा शुरू की, फिर नई दिल्ली में NSA डोभाल, विदेश मंत्री जयशंकर और PM मोदी से मुलाकात की। 2 जून को वे मुंबई जाएंगे, जहाँ उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात और एक बिजनेस फोरम में भागीदारी निर्धारित है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने म्यांमार राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद क्या कहा?
जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि भारत-म्यांमार के दीर्घकालिक सहयोग को गहरा करने के प्रति ह्लाइंग के सकारात्मक रुख की वे सराहना करते हैं। उन्होंने कहा कि PM मोदी के साथ बैठक से शांति, प्रगति और समृद्धि की साझेदारी को आगे बढ़ाने की उम्मीद है।
'द लाइट एंड द लोटस' प्रदर्शनी क्या है और इसका क्या महत्व है?
यह दिल्ली के कुतुब गोल्फ कोर्स स्थित राय पिथौरा सांस्कृतिक परिसर में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी है, जिसमें भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेष प्रदर्शित किए गए हैं। यह प्रदर्शनी भारत और म्यांमार के बीच गहरे बौद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित करती है।
भारत-म्यांमार संबंधों में इस यात्रा का क्या महत्व है?
यह यात्रा भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत म्यांमार के साथ कनेक्टिविटी, व्यापार और सुरक्षा सहयोग को नई गति देने का प्रयास है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दोनों देशों के बीच आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और जनसंपर्क के रिश्तों की मज़बूती को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
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