17 जुलाई 2026
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म्यांमार राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग ने NSA अजीत डोभाल से की मुलाकात, 1 जून को PM मोदी से वार्ता

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म्यांमार राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग ने NSA अजीत डोभाल से की मुलाकात, 1 जून को PM मोदी से वार्ता

सारांश

म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग का पाँच दिवसीय भारत दौरा बोधगया से शुरू होकर नई दिल्ली पहुँचा, जहाँ उन्होंने NSA अजीत डोभाल और विदेश मंत्री जयशंकर से मुलाकात की। 1 जून को PM मोदी से वार्ता और मुंबई दौरे के साथ यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश है।

मुख्य बातें

म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने नई दिल्ली में NSA अजीत डोभाल से मुलाकात की।
पाँच दिवसीय दौरे की शुरुआत बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर से हुई।
जयशंकर ने द्विपक्षीय बैठक के बाद एक्स पर सहयोग गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई।
1 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय वार्ता निर्धारित है।
दौरे में मुंबई यात्रा भी शामिल; आर्थिक साझेदारी पर चर्चा संभावित।

म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने नई दिल्ली में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की। विदेश मंत्रालय ने इस बैठक की तस्वीरें साझा कर आधिकारिक पुष्टि की। यह मुलाकात राष्ट्रपति ह्लाइंग के पाँच दिवसीय भारत दौरे के दौरान हुई, जो भारत-म्यांमार द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाई देने की दृष्टि से अहम मानी जा रही है।

दौरे का क्रम और बोधगया से शुरुआत

राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने अपने पाँच दिवसीय दौरे की शुरुआत बिहार के बोधगया स्थित ऐतिहासिक महाबोधि मंदिर से की। बोधगया से वे नई दिल्ली पहुँचे, जहाँ इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका औपचारिक स्वागत किया। यह दौरा दोनों देशों के बीच सभ्यतागत, सांस्कृतिक और जन-स्तरीय संबंधों की गहरी जड़ों को रेखांकित करता है।

विदेश मंत्री जयशंकर से मुलाकात और एक्स पर संदेश

दिल्ली पहुँचने पर राष्ट्रपति ह्लाइंग ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से द्विपक्षीय बैठक की। बैठक के बाद जयशंकर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'आज नई दिल्ली में म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग से मिलकर खुशी हुई। हमारे लंबे समय से चले आ रहे आपसी सहयोग को और गहरा करने की उनकी सकारात्मक भावना की सराहना करता हूँ।' उन्होंने यह भी कहा कि 'शांति, तरक्की और खुशहाली के लिए हमारी साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मीटिंग का इंतजार रहेगा।'

1 जून को PM मोदी से होगी द्विपक्षीय वार्ता

1 जून को राष्ट्रपति ह्लाइंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। इस द्विपक्षीय वार्ता में व्यापार, सुरक्षा, कनेक्टिविटी और सीमावर्ती क्षेत्रों में सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब म्यांमार में आंतरिक संघर्ष और मानवीय संकट को लेकर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की नज़रें टिकी हुई हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया और आधिकारिक बयान

विदेश मंत्रालय ने एक्स पर लिखा, 'म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग का बोधगया से नई दिल्ली पहुँचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। यह दौरा हमारी द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने का मौका देता है।' केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि यह दौरा भारत और म्यांमार के बीच के सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है और क्षेत्र में शांति व खुशहाली के साझा विजन को आगे बढ़ाने का अवसर है।

मुंबई दौरे की भी योजना

नई दिल्ली में आधिकारिक बैठकों के बाद राष्ट्रपति ह्लाइंग मुंबई का भी दौरा करेंगे, जहाँ आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को लेकर चर्चाएँ होने की संभावना है। यह दौरा भारत-म्यांमार संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचकों का कहना है कि सैन्य नेतृत्व के साथ उच्च-स्तरीय जुड़ाव म्यांमार में मानवाधिकार उल्लंघनों पर भारत की चुप्पी को और गहरा करता है। असली कसौटी यह होगी कि इस दौरे से सीमा सुरक्षा, ड्रग तस्करी और कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर ठोस परिणाम निकलते हैं या नहीं।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग का भारत दौरा क्यों हो रहा है?
यह पाँच दिवसीय दौरा भारत-म्यांमार द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित है। इसमें बोधगया, नई दिल्ली और मुंबई की यात्राएँ शामिल हैं, और 1 जून को प्रधानमंत्री मोदी के साथ औपचारिक वार्ता होनी है।
NSA अजीत डोभाल और म्यांमार राष्ट्रपति की बैठक में क्या हुआ?
विदेश मंत्रालय ने बैठक की तस्वीरें साझा कर इसकी पुष्टि की, हालाँकि बैठक के एजेंडे का विस्तृत विवरण आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किया गया। सुरक्षा सहयोग और सीमावर्ती मुद्दे इस तरह की बैठकों के केंद्र में रहते हैं।
विदेश मंत्री जयशंकर ने म्यांमार राष्ट्रपति की यात्रा पर क्या कहा?
जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि ह्लाइंग से मिलकर खुशी हुई और उनकी 'सहयोग गहरा करने की सकारात्मक भावना' की सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ होने वाली बैठक का भी उल्लेख किया।
राष्ट्रपति ह्लाइंग ने बोधगया का दौरा क्यों किया?
उन्होंने बिहार के बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर का दौरा किया, जो बौद्ध धर्म का सबसे पवित्र स्थल माना जाता है। म्यांमार में बौद्ध धर्म की गहरी जड़ें हैं और यह यात्रा दोनों देशों के सभ्यतागत-सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित करती है।
इस दौरे से भारत-म्यांमार संबंधों पर क्या असर पड़ेगा?
यह दौरा व्यापार, सुरक्षा, कनेक्टिविटी और सीमावर्ती सहयोग के क्षेत्र में साझेदारी को आगे बढ़ाने का अवसर है। मुंबई यात्रा से आर्थिक संबंध मजबूत होने की उम्मीद है, जबकि दिल्ली में हुई बैठकें रणनीतिक सहयोग की दिशा तय करेंगी।
राष्ट्र प्रेस
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