म्यांमार राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग ने NSA अजीत डोभाल से की मुलाकात, 1 जून को PM मोदी से वार्ता
सारांश
मुख्य बातें
म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने नई दिल्ली में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की। विदेश मंत्रालय ने इस बैठक की तस्वीरें साझा कर आधिकारिक पुष्टि की। यह मुलाकात राष्ट्रपति ह्लाइंग के पाँच दिवसीय भारत दौरे के दौरान हुई, जो भारत-म्यांमार द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाई देने की दृष्टि से अहम मानी जा रही है।
दौरे का क्रम और बोधगया से शुरुआत
राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने अपने पाँच दिवसीय दौरे की शुरुआत बिहार के बोधगया स्थित ऐतिहासिक महाबोधि मंदिर से की। बोधगया से वे नई दिल्ली पहुँचे, जहाँ इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका औपचारिक स्वागत किया। यह दौरा दोनों देशों के बीच सभ्यतागत, सांस्कृतिक और जन-स्तरीय संबंधों की गहरी जड़ों को रेखांकित करता है।
विदेश मंत्री जयशंकर से मुलाकात और एक्स पर संदेश
दिल्ली पहुँचने पर राष्ट्रपति ह्लाइंग ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से द्विपक्षीय बैठक की। बैठक के बाद जयशंकर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'आज नई दिल्ली में म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग से मिलकर खुशी हुई। हमारे लंबे समय से चले आ रहे आपसी सहयोग को और गहरा करने की उनकी सकारात्मक भावना की सराहना करता हूँ।' उन्होंने यह भी कहा कि 'शांति, तरक्की और खुशहाली के लिए हमारी साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मीटिंग का इंतजार रहेगा।'
1 जून को PM मोदी से होगी द्विपक्षीय वार्ता
1 जून को राष्ट्रपति ह्लाइंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। इस द्विपक्षीय वार्ता में व्यापार, सुरक्षा, कनेक्टिविटी और सीमावर्ती क्षेत्रों में सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब म्यांमार में आंतरिक संघर्ष और मानवीय संकट को लेकर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की नज़रें टिकी हुई हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया और आधिकारिक बयान
विदेश मंत्रालय ने एक्स पर लिखा, 'म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग का बोधगया से नई दिल्ली पहुँचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। यह दौरा हमारी द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने का मौका देता है।' केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि यह दौरा भारत और म्यांमार के बीच के सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है और क्षेत्र में शांति व खुशहाली के साझा विजन को आगे बढ़ाने का अवसर है।
मुंबई दौरे की भी योजना
नई दिल्ली में आधिकारिक बैठकों के बाद राष्ट्रपति ह्लाइंग मुंबई का भी दौरा करेंगे, जहाँ आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को लेकर चर्चाएँ होने की संभावना है। यह दौरा भारत-म्यांमार संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत देता है।