15 जुलाई 2026
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जयशंकर ने म्यांमार राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग से की मुलाकात, 1 जून को PM मोदी से होगी वार्ता

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जयशंकर ने म्यांमार राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग से की मुलाकात, 1 जून को PM मोदी से होगी वार्ता

सारांश

राष्ट्रपति पद संभालने के बाद पहली बार भारत दौरे पर आए म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने विदेश मंत्री जयशंकर से मुलाकात की। 1 जून को PM मोदी के साथ वार्ता और 2 जून को मुंबई में व्यापारिक संवाद — यह दौरा भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति को नई धार देने का प्रयास है।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 30 मई 2026 को नई दिल्ली में म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की।
राष्ट्रपति ह्लाइंग पाँच दिवसीय राजकीय दौरे पर भारत आए हैं — यह उनके राष्ट्रपति बनने के बाद पहली भारत यात्रा है।
1 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता निर्धारित है।
दिल्ली हवाई अड्डे पर केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राष्ट्रपति का स्वागत किया।
2 जून को राष्ट्रपति ह्लाइंग मुंबई में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे।
शिष्टमंडल में कई कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और व्यापार जगत के नेता शामिल हैं।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने शनिवार, 30 मई 2026 को नई दिल्ली में म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने पर विचार-विमर्श किया। पाँच दिवसीय राजकीय दौरे पर भारत पहुँचे ह्लाइंग की यह यात्रा राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद उनका पहला भारत दौरा है।

मुलाकात की मुख्य बातें

बैठक के बाद जयशंकर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'आज नई दिल्ली में म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग से मिलकर खुशी हुई। हमारे लंबे समय से चले आ रहे आपसी सहयोग को और गहरा करने की उनकी सकारात्मक भावना की सराहना करता हूं।' उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ राष्ट्रपति की आगामी बैठक से शांति, तरक्की और खुशहाली की साझेदारी को नई दिशा मिलेगी।

दिल्ली आगमन और स्वागत

राष्ट्रपति ह्लाइंग बोधगया से नई दिल्ली पहुँचे, जहाँ हवाई अड्डे पर केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका औपचारिक स्वागत किया। विदेश मंत्रालय ने इस अवसर पर कहा कि यह दौरा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय साझेदारी को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण अवसर है। राज्यमंत्री सिंह ने भी कहा कि यह यात्रा भारत और म्यांमार के बीच सभ्यतागत, सांस्कृतिक और जन-संपर्क के ऐतिहासिक बंधनों को रेखांकित करती है।

PM मोदी से मुलाकात और व्यापार मंच

दौरे के दौरान राष्ट्रपति ह्लाइंग 1 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे, जहाँ दोनों देशों के बीच संबंधों को और विस्तार देने पर चर्चा होगी। इसके अलावा वे एक व्यापार मंच में भी भाग लेंगे। उनके साथ आए उच्चस्तरीय शिष्टमंडल में कई कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग जगत के प्रमुख नाम शामिल हैं।

मुंबई में व्यापारिक संवाद

2 जून को राष्ट्रपति ह्लाइंग मुंबई का दौरा करेंगे, जहाँ वे उद्योग और व्यापार जगत के प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे तथा स्थल-भ्रमण भी करेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ आर्थिक और रणनीतिक जुड़ाव बढ़ाने पर जोर दे रहा है। गौरतलब है कि म्यांमार भारत के पूर्वोत्तर राज्यों से सीधी सीमा साझा करता है, जिससे दोनों देशों के बीच संपर्क और सुरक्षा सहयोग की विशेष अहमियत है। इस दौरे से दोनों देशों के बीच आर्थिक और कूटनीतिक सहयोग के नए अध्याय की शुरुआत होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके संदर्भ को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता — म्यांमार में 2021 के सैन्य तख्तापलट के बाद से मानवाधिकार संगठन वहाँ की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाते रहे हैं। भारत का यह जुड़ाव व्यावहारिक कूटनीति का उदाहरण है, जहाँ पूर्वोत्तर सीमा सुरक्षा, संपर्क परियोजनाएँ और चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने की रणनीतिक ज़रूरत, लोकतंत्र-संबंधी चिंताओं पर भारी पड़ती दिखती है। असली परीक्षा यह होगी कि मुंबई के व्यापार मंच और मोदी-ह्लाइंग वार्ता से कितनी ठोस परियोजनाएँ और समझौते सामने आते हैं।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग का भारत दौरा क्यों महत्वपूर्ण है?
यह राष्ट्रपति पद संभालने के बाद ह्लाइंग का पहला भारत दौरा है, जो दोनों देशों के बीच कूटनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत म्यांमार एक रणनीतिक साझेदार है।
जयशंकर और म्यांमार राष्ट्रपति की बैठक में क्या हुआ?
30 मई 2026 को नई दिल्ली में हुई बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने पर चर्चा की। जयशंकर ने राष्ट्रपति ह्लाइंग की सकारात्मक भावना की सराहना की और PM मोदी के साथ आगामी वार्ता को लेकर उत्सुकता जताई।
PM मोदी और म्यांमार राष्ट्रपति की मुलाकात कब होगी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के बीच वार्ता 1 जून 2026 को नई दिल्ली में निर्धारित है, जिसमें दोनों देशों के संबंधों को विस्तार देने पर चर्चा होगी।
म्यांमार राष्ट्रपति के दौरे में मुंबई की क्या भूमिका है?
2 जून 2026 को राष्ट्रपति ह्लाइंग मुंबई जाएंगे, जहाँ वे भारतीय उद्योग और व्यापार जगत के प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे और स्थल-भ्रमण करेंगे। यह दौरे का व्यापारिक और आर्थिक आयाम है।
राष्ट्रपति ह्लाइंग के साथ भारत आए शिष्टमंडल में कौन शामिल हैं?
उनके साथ आए उच्चस्तरीय शिष्टमंडल में म्यांमार के कई कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और व्यापार जगत के प्रमुख नेता शामिल हैं, जो दौरे के व्यापक कूटनीतिक और आर्थिक एजेंडे को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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