म्यांमार राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग बोधगया पहुंचे, PM मोदी के निमंत्रण पर 5 दिवसीय भारत दौरा शुरू
सारांश
मुख्य बातें
म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने 30 मई 2026 को अपने पाँच दिवसीय भारत दौरे की शुरुआत बौद्ध धर्म की पवित्र नगरी बोधगया, बिहार से की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर आई इस राजकीय यात्रा में बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने हवाई अड्डे पर उनका औपचारिक स्वागत किया। राष्ट्रपति के रूप में यह उनका पहला भारत दौरा है।
दौरे का कार्यक्रम
30 मई से 3 जून 2026 तक चलने वाली इस यात्रा में राष्ट्रपति ह्लाइंग के साथ कई कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल है। बोधगया के बाद वे 2 जून को मुंबई जाएंगे, जहाँ व्यापार और उद्योग से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता
1 जून को नई दिल्ली में राष्ट्रपति ह्लाइंग और प्रधानमंत्री मोदी के बीच द्विपक्षीय शिखर वार्ता निर्धारित है। इस बैठक में दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को और गहरा करने पर चर्चा होगी। राष्ट्रपति एक बिजनेस फोरम में भी भाग लेंगे, जो व्यापारिक साझेदारी को नई दिशा देने का अवसर होगा।
भारत-म्यांमार संबंधों का रणनीतिक महत्व
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच गहरे आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और पीपल-टू-पीपल संबंधों को रेखांकित करती है। गौरतलब है कि म्यांमार भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट', 'एक्ट ईस्ट' और 'महासागर' नीतियों के केंद्र में है और दोनों देशों के लिए रणनीतिक साझेदार की भूमिका निभाता है।
बोधगया से शुरुआत का सांकेतिक महत्व
यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ सभ्यतागत और आर्थिक संबंधों को एक साथ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। बोधगया — जहाँ गौतम बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था — से यात्रा की शुरुआत करना बौद्ध बहुल म्यांमार के लिए गहरा प्रतीकात्मक संदेश है। माना जा रहा है कि यह दौरा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाई देगा।