अविका गौर का भावुक इज़हार: 'भीड़ में भी अजनबी जैसा महसूस होता है, करियर में सब दिया पर दोस्त नहीं मिले'
सारांश
मुख्य बातें
टेलीविजन अभिनेत्री अविका गौर ने मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर एक भावुक नोट साझा किया, जिसमें उन्होंने अकेलेपन की उस गहरी अनुभूति का ज़िक्र किया जो भीड़ के बीच भी घेर लेती है। अभिनेत्री ने लिखा कि अकेलापन केवल एकांत का नाम नहीं — यह तब भी महसूस होता है जब आप सैकड़ों लोगों के बीच खड़े हों और फिर भी भीतर से पराया महसूस करें।
क्या लिखा अविका ने
अविका ने अपने नोट में लिखा, 'हाल ही के दिनों में मैंने महसूस किया है कि अकेलापन सिर्फ कमरे में अकेले रहने का नाम नहीं है, क्योंकि कई बार हम बहुत सारे लोगों के बीच होते हैं, फिर भी हम बिल्कुल पराया और अकेला महसूस करते हैं।' उन्होंने आगे जोड़ा कि ऐसे क्षणों में करीबी रिश्तों में भी अपनी जगह बनाना थका देने वाला हो जाता है — लोग या तो यह मान लेते हैं कि आपको उनकी ज़रूरत नहीं, या फिर आपको ज़रूरत से ज़्यादा निर्भर समझने लगते हैं।
करियर और रिश्तों के बीच की खाई
अविका गौर ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपना पूरा जीवन अपने करियर को समर्पित कर दिया, लेकिन इस दौड़ में वे यह नहीं समझ पाईं कि समय के साथ बिना शर्त दोस्ती मिलना कितना दुर्लभ हो जाता है। उन्होंने लिखा, 'मैंने अपनी पूरी जिंदगी सिर्फ अपना करियर बनाने में लगा दी, लेकिन मुझे यह अंदाजा नहीं था कि वक्त बीतने के साथ ऐसे लोग मिलना कितना मुश्किल हो जाता है, जो बिना किसी मतलब या शर्त के आपको अपना दोस्त बना लें।'
बड़े होने की अनकही कीमत
अभिनेत्री ने 'बड़े होने' की एक अलग परिभाषा सामने रखी। उन्होंने लिखा, 'कोई आपको यह नहीं बताता कि बड़ा होना सिर्फ उम्र बढ़ने या समय बीतने का नाम नहीं है। इसके साथ यह भी होता है कि ऐसे लोग मिलना मुश्किल हो जाता है, जो आपको उतनी ही अहमियत दें, जितनी आप उन्हें देते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि जब वे रिश्ते बनाने के लिए तैयार नहीं थीं, तब लोग मिल रहे थे — और अब जब वे तैयार हैं, तब ज़्यादातर लोगों का अपना-अपना दायरा बन चुका है।
सबको जानते हैं, फिर भी 'अपना' कोई नहीं
अपने नोट के अंत में अविका ने वह भावना व्यक्त की जो शायद कई लोगों की साझा पीड़ा है — 'ऐसे में कई बार आप सबको जानते तो हैं, लेकिन फिर भी कहीं भी अपना नहीं महसूस करते।' यह पोस्ट सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई और कई प्रशंसकों ने अपनी प्रतिक्रियाएँ साझा कीं। गौरतलब है कि सफल करियर के बावजूद सार्वजनिक जीवन में एकाकीपन की यह अनुभूति मनोरंजन जगत में असामान्य नहीं है।