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अविका गौर का 13 किलो वजन घटाने का सफर: आईने के सामने टूटीं, फिर बनीं मिसाल

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अविका गौर का 13 किलो वजन घटाने का सफर: आईने के सामने टूटीं, फिर बनीं मिसाल

सारांश

'बालिका वधू' की मासूम आनंदी एक वक्त आईने से नजरें चुराती थीं — बढ़ता वजन और टूटता आत्मविश्वास उनकी असली लड़ाई थी। अविका गौर ने 13 किलो घटाकर और खुद को स्वीकार करके साबित किया कि असली ट्रांसफॉर्मेशन स्क्रीन पर नहीं, भीतर से होती है।

मुख्य बातें

अविका गौर ने 2008 में 'बालिका वधू' से टेलीविजन पर बड़ी पहचान बनाई, जहाँ उन्होंने बाल विवाह की शिकार आनंदी की भूमिका निभाई।
एक दौर में बढ़ते वजन और बदलती शारीरिक छवि के कारण वह आईने के सामने रो पड़ती थीं — यह उनके जीवन का सबसे कठिन मानसिक संघर्ष था।
स्वस्थ जीवनशैली, नियमित वर्कआउट और संतुलित आहार अपनाकर उन्होंने करीब 13 किलो वजन घटाया।
2013 में तेलुगु फिल्म 'उय्याला जम्पला' में लीड रोल के लिए उन्हें SIIMA अवॉर्ड फॉर बेस्ट फीमेल डेब्यू मिला।
अविका ने 'खतरों के खिलाड़ी 9' और '1920: हॉरर्स ऑफ द हार्ट' जैसे प्रोजेक्ट्स में भी काम किया है।

अभिनेत्री अविका गौर, जिन्होंने टेलीविजन के पर्दे पर बाल विवाह की पीड़ा को जीने वाली मासूम 'आनंदी' की भूमिका से करोड़ों दर्शकों के दिल जीते, एक दौर में अपनी खुद की पहचान से जूझ रही थीं। उन्होंने स्वयं स्वीकार किया है कि एक समय ऐसा था जब वह आईने के सामने खड़े होकर रो पड़ती थीं — बढ़ता वजन और बदलता लुक उनके आत्मविश्वास को खोखला कर रहा था। इस मानसिक संघर्ष से उबरकर उन्होंने 13 किलो वजन घटाया और एक नई पहचान गढ़ी।

शुरुआत से सफलता तक का सफर

30 जून 1997 को मुंबई में जन्मीं अविका गौर ने बेहद कम उम्र में अभिनय की राह पकड़ी। 2007 में धारावाहिक 'शश्श्श...कोई है' से उन्होंने छोटे किरदार के साथ टेलीविजन पर पहला कदम रखा। असली पहचान 2008 में आई, जब उन्होंने Colors TV के चर्चित शो 'बालिका वधू' में छोटी आनंदी का किरदार निभाया — एक ऐसी लड़की की कहानी जो बाल विवाह की बेड़ियों में जकड़ी थी। उनके मासूम और संवेदनशील अभिनय ने उन्हें रातोंरात घर-घर में पहचाना जाने वाला चेहरा बना दिया।

टेलीविजन से साउथ सिनेमा तक

इसके बाद अविका ने 'ससुराल सिमर का' में रोली का किरदार निभाया — यह भूमिका उन्होंने महज 14 साल की उम्र में की, जिसमें उनकी और अभिनेता मनीष रायसिंघन की ऑन-स्क्रीन जोड़ी को दर्शकों ने खूब सराहा। 2009 में 'मॉर्निंग वॉक' और 'पाठशाला' जैसी हिंदी फिल्मों में काम करने के बाद, 2013 में तेलुगु फिल्म 'उय्याला जम्पला' में लीड अभिनेत्री के रूप में उन्होंने साउथ सिनेमा में डेब्यू किया। इस फिल्म के लिए उन्हें SIIMA अवॉर्ड फॉर बेस्ट फीमेल डेब्यू से नवाजा गया, जो उनके करियर का एक निर्णायक मोड़ साबित हुआ।

आत्मविश्वास का संकट और मानसिक संघर्ष

करियर की चमक के बावजूद, एक दौर में अविका खुद से बेहद असंतुष्ट थीं। उन्होंने खुलकर बताया है कि बढ़ते वजन और बदलती शारीरिक छवि को स्वीकार कर पाना उनके लिए कठिन हो गया था। आईने के सामने खड़े होकर रोना उनकी उस दौर की पीड़ा का प्रतीक बन गया था। यह मानसिक संघर्ष ही वह मोड़ था जिसने उन्हें बदलाव के लिए प्रेरित किया।

13 किलो का ट्रांसफॉर्मेशन: कैसे बदली जिंदगी

निर्णय लेने के बाद अविका ने अपनी दिनचर्या पूरी तरह बदल दी। उन्होंने नियमित वर्कआउट शुरू किया, संतुलित और स्वस्थ आहार अपनाया और अपने शरीर के प्रति एक सकारात्मक नजरिया विकसित किया। इस बदलाव के परिणामस्वरूप उन्होंने करीब 13 किलो वजन घटाया। उन्होंने कहा है कि इस यात्रा में सबसे बड़ी सीख यह रही कि पहली बार उन्होंने खुद को वैसे स्वीकार करना सीखा जैसी वह हैं।

करियर का वर्तमान और आगे की राह

अपनी इस व्यक्तिगत जीत के बाद अविका ने रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी 9' में भी हिस्सा लिया और हॉरर फिल्म '1920: हॉरर्स ऑफ द हार्ट' में लीड रोल निभाया। उनके अवॉर्ड्स की सूची में ITA सर्टिफिकेट और SIIMA अवॉर्ड शामिल हैं। अविका की यह कहानी बताती है कि आत्म-स्वीकृति और अनुशासन मिलकर किसी भी संघर्ष को सफलता की कहानी में बदल सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन स्क्रीन पर 'परफेक्ट लुक' की अपेक्षा कम नहीं हुई। गौरतलब है कि टेलीविजन की सफलता के बाद भी आत्मविश्वास का संकट बना रहा — यह दर्शाता है कि बाहरी पहचान और भीतरी स्वीकृति दो अलग यात्राएँ हैं। अविका का खुलकर बोलना इस उद्योग में मानसिक स्वास्थ्य की बातचीत को ज़रूरी जगह देता है।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अविका गौर ने कितना वजन घटाया और कैसे?
अविका गौर ने करीब 13 किलो वजन घटाया। उन्होंने नियमित वर्कआउट, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर यह बदलाव हासिल किया। उन्होंने बताया कि इस यात्रा ने उन्हें खुद को वैसे स्वीकार करना सिखाया जैसी वह हैं।
अविका गौर 'बालिका वधू' में किस किरदार के लिए जानी जाती हैं?
अविका गौर ने 2008 में 'बालिका वधू' में छोटी 'आनंदी' का किरदार निभाया, जो बाल विवाह की कहानी पर आधारित था। इस भूमिका ने उन्हें घर-घर में पहचाना जाने वाला चेहरा बना दिया।
अविका गौर ने आईने के सामने रोने की बात क्यों कही?
अविका ने खुद बताया है कि एक दौर में बढ़ते वजन और बदलती शारीरिक छवि को स्वीकार कर पाना उनके लिए बेहद मुश्किल था, जिससे वह आईने में खुद को देखकर टूट जाती थीं और रो पड़ती थीं। यह मानसिक संघर्ष ही उनके जीवन में बदलाव का कारण बना।
अविका गौर को कौन-से बड़े अवॉर्ड मिले हैं?
अविका गौर को 2013 में तेलुगु फिल्म 'उय्याला जम्पला' के लिए SIIMA अवॉर्ड फॉर बेस्ट फीमेल डेब्यू मिला। इसके अलावा उन्हें ITA सर्टिफिकेट भी प्राप्त हुआ है।
अविका गौर ने टेलीविजन के अलावा किन प्रोजेक्ट्स में काम किया है?
अविका ने 2009 में हिंदी फिल्मों 'मॉर्निंग वॉक' और 'पाठशाला' में काम किया। इसके बाद 2013 में तेलुगु फिल्म 'उय्याला जम्पला' में लीड रोल निभाया। उन्होंने रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी 9' और हॉरर फिल्म '1920: हॉरर्स ऑफ द हार्ट' में भी अभिनय किया है।
राष्ट्र प्रेस
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