असुंता लाकड़ा के उत्पीड़न आरोपों पर खेल मंत्रालय सख्त, हॉकी इंडिया को ICC जांच का निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
युवा मामले और खेल मंत्रालय ने 14 जुलाई 2026 को हॉकी इंडिया प्रबंधन को निर्देश दिया कि भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान असुंता लाकड़ा द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न और धमकी के आरोपों की जांच फेडरेशन की इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी (ICC) के माध्यम से की जाए। लाकड़ा ने झारखंड के एक कोच पर युवा महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है और साथ ही हॉकी इंडिया के महासचिव पर उन्हें डराने-धमकाने का आरोप भी लगाया है।
मंत्रालय का निर्देश
मंत्रालय ने हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की को निर्देशित किया कि वे पूर्व कप्तान के भेजे ई-मेल पर ध्यान दें और उसे ICC के समक्ष रखें। मंत्रालय के निर्देश में स्पष्ट कहा गया: 'कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013' के प्रावधानों के तहत लाकड़ा के ई-मेल में उठाए गए मुद्दों को ICC के सामने विचार और उचित कार्रवाई के लिए रखा जाए, और परिणाम की जानकारी मंत्रालय को दी जाए।
गौरतलब है कि असुंता लाकड़ा ने भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) से कोच सुधीर गोला के विरुद्ध एक स्वतंत्र जांच की माँग की थी। उन्होंने व्हिसलब्लोअर के खिलाफ बदले की कार्रवाई और शिकायतकर्ताओं को डराने के आरोपों की भी जांच की अपील की थी। आलोचकों का कहना है कि मंत्रालय ने स्वतंत्र जांच की माँग को दरकिनार करते हुए गेंद हॉकी इंडिया के पाले में डाल दी है।
कोच सुधीर गोला पर आरोप
लाकड़ा ने आरोपी कोच की पहचान सुधीर गोला के रूप में की, जो तेलंगाना के रहने वाले हैं और सरकार द्वारा झारखंड ट्रेनिंग सेंटर की देखरेख के लिए नियुक्त किए गए थे। लाकड़ा के अनुसार, गोला पिछले एक-दो वर्षों से टीम को संभाल रहे थे और उनके पति भी उनके साथ काम करते थे।
लाकड़ा ने कहा, 'पहले भी कई लोगों ने उनके बारे में चिंता जताई थी, लेकिन हमने उन पर यकीन नहीं किया। उनके व्यवहार को लेकर विवाद थे और हमने उनका बचाव किया क्योंकि हमें पता नहीं था कि पर्दे के पीछे क्या हो रहा है।' उन्होंने यह भी बताया कि राज्य एसोसिएशन ने यौन उत्पीड़न की शिकायतों को नजरअंदाज किया और चिंता जताने वालों को धमकाया गया।
आंतरिक जांच और खिलाड़ियों की चुप्पी
लाकड़ा के अनुसार, एक आंतरिक जांच के बाद ही सच्चाई सामने आने लगी। उन्होंने बताया, 'जब आंतरिक समिति ने खिलाड़ियों से पूछताछ शुरू की, तो कुछ बोले और कुछ चुप रहे। कई खिलाड़ियों को गलत व्यवहार का सामना करना पड़ा था, लेकिन वे सामने आने को तैयार नहीं थे। जब एक-दो खिलाड़ियों ने आवाज उठाने की हिम्मत जुटाई, तो यह स्पष्ट हो गया कि आरोप सच थे।' यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय खेल जगत में महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर पहले से ही गंभीर सवाल उठते रहे हैं।
महासचिव पर धमकी के आरोप और उनका खंडन
असुंता लाकड़ा ने हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह पर आरोप लगाया कि महिला खिलाड़ियों के उत्पीड़न के बारे में चिंता जताने के बाद उन्हें धमकाया और डराया गया। हालांकि, भोलानाथ सिंह ने इन आरोपों को बेबुनियाद और एक साजिश का हिस्सा बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है।
किन-किन अधिकारियों को भेजी शिकायत
लाकड़ा ने झारखंड के खेल मंत्री, मुख्यमंत्री, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा, हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की और अन्य संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कथित कदाचार के आरोपियों को संरक्षण दिया जा रहा है, जबकि मुद्दा उठाने वालों पर चुप रहने का दबाव बनाया जा रहा है। अब ICC की जांच और उसके परिणाम पर सभी की नज़रें टिकी हैं।