14 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

असुंता लाकड़ा के उत्पीड़न आरोपों पर खेल मंत्रालय सख्त, हॉकी इंडिया को ICC जांच का निर्देश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
असुंता लाकड़ा के उत्पीड़न आरोपों पर खेल मंत्रालय सख्त, हॉकी इंडिया को ICC जांच का निर्देश

सारांश

भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान असुंता लाकड़ा के यौन उत्पीड़न और धमकी के आरोपों पर खेल मंत्रालय ने हॉकी इंडिया को ICC जांच का आदेश दिया है। झारखंड के कोच सुधीर गोला पर आरोप हैं, जबकि महासचिव भोलानाथ सिंह ने धमकी के आरोप खारिज किए।

मुख्य बातें

युवा मामले और खेल मंत्रालय ने 14 जुलाई 2026 को हॉकी इंडिया को असुंता लाकड़ा के आरोपों की ICC जांच का निर्देश दिया।
पूर्व कप्तान असुंता लाकड़ा ने झारखंड के कोच सुधीर गोला पर युवा महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया।
लाकड़ा ने हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह पर डराने-धमकाने का आरोप लगाया; सिंह ने आरोप खारिज किए।
लाकड़ा ने SAI से स्वतंत्र जांच की माँग की थी, लेकिन मंत्रालय ने मामला हॉकी इंडिया की ICC को सौंपा।
शिकायत झारखंड के मुख्यमंत्री, खेल मंत्री, पीटी उषा और दिलीप टिर्की सहित कई अधिकारियों को भेजी गई।

युवा मामले और खेल मंत्रालय ने 14 जुलाई 2026 को हॉकी इंडिया प्रबंधन को निर्देश दिया कि भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान असुंता लाकड़ा द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न और धमकी के आरोपों की जांच फेडरेशन की इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी (ICC) के माध्यम से की जाए। लाकड़ा ने झारखंड के एक कोच पर युवा महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है और साथ ही हॉकी इंडिया के महासचिव पर उन्हें डराने-धमकाने का आरोप भी लगाया है।

मंत्रालय का निर्देश

मंत्रालय ने हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की को निर्देशित किया कि वे पूर्व कप्तान के भेजे ई-मेल पर ध्यान दें और उसे ICC के समक्ष रखें। मंत्रालय के निर्देश में स्पष्ट कहा गया: 'कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013' के प्रावधानों के तहत लाकड़ा के ई-मेल में उठाए गए मुद्दों को ICC के सामने विचार और उचित कार्रवाई के लिए रखा जाए, और परिणाम की जानकारी मंत्रालय को दी जाए।

गौरतलब है कि असुंता लाकड़ा ने भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) से कोच सुधीर गोला के विरुद्ध एक स्वतंत्र जांच की माँग की थी। उन्होंने व्हिसलब्लोअर के खिलाफ बदले की कार्रवाई और शिकायतकर्ताओं को डराने के आरोपों की भी जांच की अपील की थी। आलोचकों का कहना है कि मंत्रालय ने स्वतंत्र जांच की माँग को दरकिनार करते हुए गेंद हॉकी इंडिया के पाले में डाल दी है।

कोच सुधीर गोला पर आरोप

लाकड़ा ने आरोपी कोच की पहचान सुधीर गोला के रूप में की, जो तेलंगाना के रहने वाले हैं और सरकार द्वारा झारखंड ट्रेनिंग सेंटर की देखरेख के लिए नियुक्त किए गए थे। लाकड़ा के अनुसार, गोला पिछले एक-दो वर्षों से टीम को संभाल रहे थे और उनके पति भी उनके साथ काम करते थे।

लाकड़ा ने कहा, 'पहले भी कई लोगों ने उनके बारे में चिंता जताई थी, लेकिन हमने उन पर यकीन नहीं किया। उनके व्यवहार को लेकर विवाद थे और हमने उनका बचाव किया क्योंकि हमें पता नहीं था कि पर्दे के पीछे क्या हो रहा है।' उन्होंने यह भी बताया कि राज्य एसोसिएशन ने यौन उत्पीड़न की शिकायतों को नजरअंदाज किया और चिंता जताने वालों को धमकाया गया।

आंतरिक जांच और खिलाड़ियों की चुप्पी

लाकड़ा के अनुसार, एक आंतरिक जांच के बाद ही सच्चाई सामने आने लगी। उन्होंने बताया, 'जब आंतरिक समिति ने खिलाड़ियों से पूछताछ शुरू की, तो कुछ बोले और कुछ चुप रहे। कई खिलाड़ियों को गलत व्यवहार का सामना करना पड़ा था, लेकिन वे सामने आने को तैयार नहीं थे। जब एक-दो खिलाड़ियों ने आवाज उठाने की हिम्मत जुटाई, तो यह स्पष्ट हो गया कि आरोप सच थे।' यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय खेल जगत में महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर पहले से ही गंभीर सवाल उठते रहे हैं।

महासचिव पर धमकी के आरोप और उनका खंडन

असुंता लाकड़ा ने हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह पर आरोप लगाया कि महिला खिलाड़ियों के उत्पीड़न के बारे में चिंता जताने के बाद उन्हें धमकाया और डराया गया। हालांकि, भोलानाथ सिंह ने इन आरोपों को बेबुनियाद और एक साजिश का हिस्सा बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है।

किन-किन अधिकारियों को भेजी शिकायत

लाकड़ा ने झारखंड के खेल मंत्री, मुख्यमंत्री, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा, हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की और अन्य संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कथित कदाचार के आरोपियों को संरक्षण दिया जा रहा है, जबकि मुद्दा उठाने वालों पर चुप रहने का दबाव बनाया जा रहा है। अब ICC की जांच और उसके परिणाम पर सभी की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह उसी फेडरेशन को जांच सौंपता है जिस पर आरोप लगे हैं — यह ठीक वैसी ही संरचनात्मक खामी है जो भारतीय खेलों में बार-बार सामने आती है। लाकड़ा ने स्पष्ट रूप से SAI से स्वतंत्र जांच की माँग की थी, जिसे दरकिनार करना चिंताजनक है। POCSO और POSH कानूनों के बावजूद, खेल संस्थाओं में आंतरिक शिकायत समितियाँ अक्सर दबाव में निष्पक्ष नहीं रह पातीं। जब तक जांच का नियंत्रण किसी स्वतंत्र निकाय के पास नहीं जाता, पीड़ित खिलाड़ियों को न्याय मिलने की संभावना संदिग्ध बनी रहेगी।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असुंता लाकड़ा ने हॉकी इंडिया पर क्या आरोप लगाए हैं?
पूर्व भारतीय महिला हॉकी कप्तान असुंता लाकड़ा ने झारखंड के कोच सुधीर गोला पर युवा महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह पर चिंता जताने के बाद उन्हें डराने-धमकाने का भी आरोप लगाया है।
खेल मंत्रालय ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
युवा मामले और खेल मंत्रालय ने 14 जुलाई 2026 को हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की को निर्देश दिया कि लाकड़ा के ई-मेल में उठाए गए मुद्दों को POSH अधिनियम, 2013 के तहत फेडरेशन की इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी (ICC) के सामने रखा जाए। जांच के परिणाम की जानकारी मंत्रालय को देने का भी निर्देश दिया गया है।
कोच सुधीर गोला कौन हैं और उनकी भूमिका क्या थी?
सुधीर गोला तेलंगाना के रहने वाले हैं और सरकार द्वारा झारखंड ट्रेनिंग सेंटर की देखरेख के लिए नियुक्त किए गए थे। लाकड़ा के अनुसार, वे पिछले एक-दो वर्षों से टीम को संभाल रहे थे और उनके पति भी उनके साथ काम करते थे।
भोलानाथ सिंह ने आरोपों पर क्या कहा?
हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह ने लाकड़ा द्वारा लगाए गए धमकी और डराने के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और एक साजिश का हिस्सा बताते हुए खारिज कर दिया है।
इस मामले में स्वतंत्र जांच की माँग क्यों उठ रही है?
असुंता लाकड़ा ने SAI से स्वतंत्र जांच की अपील की थी क्योंकि उनका आरोप है कि राज्य एसोसिएशन ने शिकायतों को नजरअंदाज किया और आरोपियों को संरक्षण दिया। मंत्रालय ने मामला हॉकी इंडिया की आंतरिक समिति को सौंपा है, जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले