15 जुलाई 2026
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आंध्र प्रदेश: कृषि अधिकारी हत्याकांड के मुख्य आरोपी कुडुमुला हरिकृष्ण ने पत्नी व दो बच्चों समेत ट्रेन के आगे कूदकर जान दी

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आंध्र प्रदेश: कृषि अधिकारी हत्याकांड के मुख्य आरोपी कुडुमुला हरिकृष्ण ने पत्नी व दो बच्चों समेत ट्रेन के आगे कूदकर जान दी

सारांश

आंध्र प्रदेश में कृषि अधिकारी की हत्या का मुख्य आरोपी पुलिस की जांच तेज होते ही फरार हो गया था — और अंततः पत्नी व दो मासूम बच्चों को लेकर रेलवे ट्रैक पर कूद गया। यह मामला एक हत्या से कहीं आगे जाता है: यह पुलिसिया लापरवाही, परिवार के भीतर के विश्वासघात और टूटे हुए शिकायत तंत्र की कहानी है।

मुख्य बातें

कृषि अधिकारी हत्याकांड के मुख्य आरोपी कुडुमुला हरिकृष्ण ने 14 जुलाई को पत्नी व दो बच्चों समेत सिंगरायकोंडा रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी के सामने कूदकर जान दी।
हरिकृष्ण पर अपने ही जीजा श्रीहरि की हत्या का आरोप था, जिसे कथित तौर पर घातक इंजेक्शन से अंजाम दिया गया था।
हत्या का कारण पारिवारिक संपत्ति विवाद और कर्ज की रकम बताई जा रही है।
पीड़ित की पत्नी लावण्या की 6 जुलाई की PGRS शिकायत पर पुलिस ने शुरुआत में कोई कार्रवाई नहीं की — जिसके बाद 23 पुलिसकर्मियों का तबादला हुआ।
हत्या में सहयोग करने वाले दो अन्य आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।

आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले में कृषि अधिकारी की हत्या के मुख्य आरोपी कुडुमुला हरिकृष्ण ने मंगलवार, 14 जुलाई को अपनी पत्नी और दो छोटे बच्चों के साथ सिंगरायकोंडा रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को पटरी पर चारों के शव मिले, जिन्हें पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया है।

मुख्य घटनाक्रम

हरिकृष्ण की पहचान उनके पास मिले आधार कार्ड के आधार पर हुई। वे श्री पोट्टी श्रीरामुलु नेल्लोर जिले के गुडूर मंडल के थोटापल्ली आरवी कंड्रिका गांव के मूल निवासी थे। पुलिस के अनुसार, जैसे ही जांच का दायरा बढ़ा और उनकी गिरफ्तारी तय लगने लगी, हरिकृष्ण फरार हो गए थे। फरारी के दौरान उन्होंने एक वीडियो भी जारी किया था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि कुछ लोग जानबूझकर उनके खिलाफ झूठे आरोप फैला रहे हैं।

हत्याकांड की पृष्ठभूमि

कृषि अधिकारी श्रीहरि की मृत्यु शुरुआत में कार्डियक अरेस्ट से मानी गई थी। परन्तु जब श्रीहरि की पत्नी लावण्या ने 6 जुलाई को पब्लिक ग्रीवेंस रिड्रेसल सिस्टम (PGRS) पर शिकायत दर्ज कराई कि शव पर चोट के निशान हैं, तब मामले ने नया मोड़ लिया। जांच में खुलासा हुआ कि श्रीहरि की हत्या उनके अपने जीजा हरिकृष्ण ने की थी। कथित तौर पर हरिकृष्ण ने कुत्तों को मारने के लिए इस्तेमाल होने वाले घातक इंजेक्शन का प्रयोग कर हत्या को अंजाम दिया था। यह हत्या पारिवारिक संपत्ति विवाद और श्रीहरि द्वारा हरिकृष्ण को दिए गए कर्ज से जुड़ी बताई जा रही है।

पुलिस की भूमिका पर सवाल

बुचिरेड्डीपालेम पुलिस स्टेशन के सर्कल इंस्पेक्टर ने लावण्या की शिकायत के बावजूद न तो प्राथमिकी दर्ज की और न ही संदिग्धों से पूछताछ की। इस कथित लापरवाही के बाद पुलिस अधीक्षक अनीता वेजेंडला ने जांच के आदेश दिए, जिससे हत्या की पुष्टि हुई। नेल्लोर जिले के पुलिस अधीक्षक ने सोमवार को उस थाने में तैनात सभी 23 पुलिसकर्मियों का तबादला कर दिया। सर्कल इंस्पेक्टर मतांगी श्रीनिवास राव को रिजर्व यूनिट में भेज दिया गया है।

गिरफ्तारी और जांच की स्थिति

हत्या में हरिकृष्ण की मदद करने वाले दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब जबकि मुख्य आरोपी की मृत्यु हो गई है, पुलिस इस मामले में शेष पहलुओं की जांच जारी रखेगी। यह घटना आंध्र प्रदेश में पुलिसिया जवाबदेही और शिकायत निवारण तंत्र की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

शव पर चोट के निशान बताए, फिर भी स्थानीय पुलिस ने न FIR दर्ज की, न पूछताछ की — और इस देरी ने आरोपी को फरार होने का मौका दिया। 23 पुलिसकर्मियों का तबादला दंडात्मक कार्रवाई तो है, लेकिन यह सवाल बना रहता है कि जवाबदेही के बिना ऐसी लापरवाही बार-बार क्यों होती है। चार मौतें — जिनमें दो बच्चे शामिल हैं — इस संस्थागत विफलता की सबसे भारी कीमत हैं।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र प्रदेश में कृषि अधिकारी हत्याकांड क्या है?
प्रकाशम जिले में कृषि अधिकारी श्रीहरि की हत्या उनके जीजा कुडुमुला हरिकृष्ण ने कथित तौर पर घातक इंजेक्शन से की थी। यह हत्या पारिवारिक संपत्ति विवाद और कर्ज की रकम से जुड़ी बताई जा रही है।
कुडुमुला हरिकृष्ण ने आत्महत्या कहाँ और कैसे की?
हरिकृष्ण ने 14 जुलाई को अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ सिंगरायकोंडा रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी के सामने कूदकर जान दी। पुलिस को पटरी पर चारों के शव मिले।
पुलिस पर लापरवाही के क्या आरोप हैं?
पीड़ित की पत्नी लावण्या ने 6 जुलाई को PGRS पर शिकायत दर्ज कराई थी कि शव पर चोट के निशान हैं, लेकिन बुचिरेड्डीपालेम थाने के सर्कल इंस्पेक्टर ने न FIR दर्ज की, न पूछताछ की। इस कथित लापरवाही के कारण 23 पुलिसकर्मियों का तबादला किया गया।
इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
हत्या में हरिकृष्ण की मदद करने वाले दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्य आरोपी हरिकृष्ण की मृत्यु हो जाने के बाद पुलिस शेष पहलुओं की जांच जारी रखेगी।
श्रीहरि की मौत को शुरुआत में हत्या क्यों नहीं माना गया?
शुरुआत में श्रीहरि की मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट माना गया था। बाद में पत्नी लावण्या की शिकायत और पुलिस अधीक्षक अनीता वेजेंडला के जांच आदेश के बाद यह स्पष्ट हुआ कि उनकी हत्या घातक इंजेक्शन से की गई थी।
राष्ट्र प्रेस
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