अरुणाचल प्रदेश में पीडब्ल्यूडी कर्मचारी की हत्या: शव बस स्टैंड पर पाया गया

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अरुणाचल प्रदेश में पीडब्ल्यूडी कर्मचारी की हत्या: शव बस स्टैंड पर पाया गया

सारांश

ईटानगर में एक पीडब्ल्यूडी कर्मचारी की संदिग्ध मृत्यु ने पुलिस को आत्महत्या से हत्या की ओर मोड़ दिया है। जांच जारी है।

Key Takeaways

  • ईटानगर में एक सरकारी कर्मचारी की संदिग्ध मृत्यु हुई।
  • पुलिस ने हत्या की संभावना पर जांच शुरू की।
  • शव के पास कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।
  • जांच में महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं।
  • पुलिस सीसीटीवी फुटेज और गवाहों से जानकारी जुटा रही है।

ईटानगर, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में एक सरकारी कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में अपर डिवीजन क्लर्क (यूडीसी) के रूप में कार्यरत बागांग का शव इटानगर-होलोंगी एनएच-415 पर स्थित बस स्टैंड के समीप पाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच आरंभ कर दी है। प्रारंभ में पुलिस ने आत्महत्या की संभावना जताई थी, लेकिन अब हत्या की आशंका भी व्यक्त की जा रही है।

ईटानगर रेंज के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीआईजी) तुम्मे अमो ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या जैसा दिख रहा था। लेकिन, जांच के आगे बढ़ने पर हत्या की संभावना पर विचार किया जा रहा है। डीआईजी ने यह भी बताया कि रंजिश के चलते हत्या की आशंका है। उन्होंने कहा कि जल्द ही आरोपी को पकड़ा जाएगा, और जांच जारी है। कुछ महत्वपूर्ण सबूत जुटाए गए हैं, जिनके आधार पर संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की जा रही है।

पुलिस ने घटनास्थल से शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शव के पास कोई सुसाइड नोट या अन्य स्पष्ट सबूत नहीं मिले हैं। जांच में हत्या की ओर इशारा करने वाले कुछ संकेत मिले हैं, जिनके आधार पर पुलिस ने इसे हत्या का मामला मानते हुए जांच शुरू कर दी है।

पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और शव पर चोट के निशानों का अध्ययन आरंभ कर दिया है। पीडब्ल्यूडी और स्थानीय प्रशासन ने भी मामले की जानकारी ली है। बागांग के परिवार को सूचित किया जा चुका है।

गौरतलब है कि 3 मार्च को तिराप जिले में प्रतिबंधित संगठन उल्फा (आई) के एक हार्डकोर उग्रवादी ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण किया। उसकी पहचान स्वयंभू सेकेंड लेफ्टिनेंट बिटुल बरुआ (31) के रूप में हुई है। उसने एक 40 कैलिबर पिस्तौल, एक मैगजीन और 40 कैलिबर की दो गोलियां सुरक्षा बलों को सौंपीं।

Point of View

जिसमें सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल उठता है। पुलिस की जांच से पता चलता है कि यह मामला आत्महत्या से अधिक जटिल हो सकता है।
NationPress
06/03/2026

Frequently Asked Questions

क्या यह मामला आत्महत्या है?
प्रारंभिक जांच में यह आत्महत्या जैसा प्रतीत हो रहा था, लेकिन अब हत्या की संभावना पर विचार किया जा रहा है।
पुलिस ने क्या कदम उठाए हैं?
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और जांच शुरू कर दी है।
क्या कोई सबूत मिला है?
शव के पास कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन कुछ संकेत हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं।
जांच में क्या प्रगति हुई है?
पुलिस सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान का अध्ययन कर रही है।
क्या आरोपी को गिरफ्तार किया गया है?
अभी आरोपी की पहचान नहीं हुई है, लेकिन जल्द ही गिरफ्तार करने की योजना है।
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