आंध्र प्रदेश में दो दर्दनाक घटनाएँ: घरेलू कलह में 7 की मौत, पाँच नाबालिग शामिल
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के प्रकाशम और श्रीकाकुलम जिलों में 19 जून 2026 को दो अलग-अलग दर्दनाक घटनाओं में दो परिवारों के सात सदस्यों की मौत हो गई, जिनमें पाँच नाबालिग बच्चे भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों ही मामलों में घरेलू परेशानियाँ मुख्य कारण बताई जा रही हैं।
प्रकाशम जिले की घटना: पिता ने तीन बेटियों को जहर देकर की हत्या, फिर फाँसी लगाई
प्रकाशम जिले के चिमाकुर्थी मंडल के अग्रहारम गाँव में 35 वर्षीय एकुला सुधाकर ने अपनी तीन नाबालिग बेटियों को खाने में जहर देकर मार डाला और इसके बाद खुद भी फाँसी लगाकर जीवन समाप्त कर लिया। पुलिस के अनुसार, सुधाकर अपनी पत्नी के मायके से वापस न लौटने से अत्यंत परेशान था।
मृत बच्चियों की पहचान गोचिता (13 वर्ष), पूजिता (11 वर्ष) और लोकिता (8 वर्ष) के रूप में की गई है। तीनों की मौत के बाद सुधाकर गाँव के बाहरी इलाके में एक खेत में गया और वहाँ फाँसी लगा ली। पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
श्रीकाकुलम जिले की घटना: माँ ने दो बच्चों सहित ट्रेन के सामने दी जान
श्रीकाकुलम जिले में 28 वर्षीया पूजा ने अपने 5 वर्षीय बेटे कुशांत और 3 वर्षीया बेटी दीक्षिता के साथ चलती ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली। तीनों के शव पलासा और तालाबद्रा के बीच रेलवे ट्रैक पर मिले, जिसकी सूचना स्थानीय लोगों ने रेलवे पुलिस को दी।
पुलिस की प्रारंभिक जाँच के अनुसार, पूजा के अपने पति वेंकटाया के साथ वैवाहिक मतभेद थे। श्रीकाकुलम के भावनापाडु की रहने वाली पूजा ने करीब आठ साल पहले उसी जिले के चलामय्यापेटा के वेंकटाया से विवाह किया था। परिवार विजयवाड़ा में रह रहा था और गर्मियों की छुट्टियों के लिए चलामय्यापेटा आया हुआ था।
बताया जाता है कि पूजा गुरुवार सुबह अपने बच्चों के साथ घर से निकली और उसी रात पलासा रेलवे स्टेशन पर रुकी। इसके बाद वह बच्चों के साथ रेलवे ट्रैक पर गई और तेज़ रफ्तार ट्रेन के सामने आ गई। पूजा की माँ ने आरोप लगाया है कि ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ित किए जाने के कारण उसने यह कदम उठाया — हालाँकि पुलिस इस आरोप की स्वतंत्र रूप से जाँच कर रही है।
सरकार और पुलिस की प्रतिक्रिया
दोनों जिलों की पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि दोनों मामलों में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और जाँच जारी है। श्रीकाकुलम मामले में पूजा की माँ के आरोपों के मद्देनज़र ससुराल पक्ष से भी पूछताछ की जाएगी।
व्यापक परिप्रेक्ष्य: घरेलू संकट और पारिवारिक त्रासदी
यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में घरेलू कलह और वैवाहिक विवादों से उपजी आत्महत्या की घटनाएँ चिंता का विषय बनी हुई हैं। गौरतलब है कि इन दोनों घटनाओं में निर्दोष बच्चे भी काल के गाल में समा गए, जो इन मामलों को और अधिक मार्मिक बनाता है। मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और बाल अधिकार संगठनों ने ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए परिवार परामर्श सेवाओं को मजबूत करने की माँग बार-बार उठाई है।
आगे क्या होगा
पुलिस दोनों मामलों की विस्तृत जाँच कर रही है। श्रीकाकुलम मामले में पूजा के परिवार द्वारा लगाए गए प्रताड़ना के आरोपों की जाँच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। दोनों घटनाओं की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के सटीक कारणों की पुष्टि होने की उम्मीद है।