25 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

होर्मुज स्ट्रेट खोलने पर ईरान का अमेरिका को प्रस्ताव: 7 दिनों में वार्ता की पेशकश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
होर्मुज स्ट्रेट खोलने पर ईरान का अमेरिका को प्रस्ताव: 7 दिनों में वार्ता की पेशकश

सारांश

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने के बदले 7 दिनों में शांति वार्ता का प्रस्ताव दिया है — लेकिन परमाणु और नियंत्रण के सवाल पर दोनों पक्षों की खाई जस की तस है। ट्रंप की 'या समझौता, या विनाश' की चेतावनी के बीच यह पेशकश कूटनीति की नई खिड़की खोलती है।

मुख्य बातें

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 25 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान प्रस्ताव का खुलासा किया।
प्रस्ताव में होर्मुज स्ट्रेट दोबारा खोलने और 7 दिनों के भीतर शांति वार्ता शुरू करने की पेशकश है।
विश्व की कुल तेल आपूर्ति का 20–25% होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रता है; इसकी बंदी ने वैश्विक ऊर्जा कीमतें बढ़ाईं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को 'समझौते या पूरी तरह खत्म होने' की दो-टूक चेतावनी दी; ईरानी प्रतिनिधिमंडल सभागार से बाहर चला गया।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने वार्ता की इच्छा जताई, लेकिन 'ताकत की भाषा' अस्वीकार की।
परमाणु कार्यक्रम पर विवाद किसी भी समझौते की राह में सबसे बड़ी रुकावट बना हुआ है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 25 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान पत्रकारों को बताया कि तेहरान ने ट्रंप प्रशासन को एक औपचारिक प्रस्ताव दिया है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने और सात दिनों के भीतर शांति वार्ता फिर शुरू करने की पेशकश की गई है। द वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, यह प्रस्ताव मध्यस्थों के ज़रिए अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिकी अधिकारियों तक पहुँचाया गया है, हालाँकि व्हाइट हाउस की ओर से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

प्रस्ताव की पृष्ठभूमि

यह पहल महीनों से जारी उस संघर्ष की पृष्ठभूमि में आई है, जिसकी शुरुआत कथित तौर पर फरवरी 2026 के अंत में इजरायल और अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद हुई थी। इसके जवाब में ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में बारूदी सुरंगें बिछाईं और जहाज़ों को चेतावनी दी कि बिना तेहरान की सहमति के इस जलमार्ग से न गुज़रें।

गौरतलब है कि दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का लगभग 20 से 25 प्रतिशत हिस्सा इस रणनीतिक जलमार्ग से होकर गुज़रता है। इसकी बंदी ने वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों को प्रभावित किया और कीमतों में उल्लेखनीय उछाल देखा गया।

ईरानी शर्तें और जून की सहमति

अराघची ने स्पष्ट किया कि ईरान की शर्तें काफ़ी हद तक उस समझौता ज्ञापन (MOU) जैसी हैं, जिस पर दोनों पक्ष जून 2026 में सहमत हुए थे। उन्होंने कहा, 'हमने जो शर्तें रखी हैं, उनमें कुछ भी नया नहीं है।'

हालाँकि, एक महत्वपूर्ण विवाद यह है कि तेहरान ने जून की सहमति का अर्थ यह निकाला कि इसमें होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान के नियंत्रण को मान्यता दी गई है — जबकि अमेरिका और क्षेत्र में उसके सहयोगी इस व्याख्या को अस्वीकार करते रहे हैं।

ट्रंप और पेजेश्कियन के तेवर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में ईरान के साथ इस कूटनीतिक संपर्क की बात स्वीकार की। ट्रंप ने कहा कि ईरान या तो संघर्ष खत्म करने के लिए समझौते पर आए या फिर उसे 'पूरी तरह खत्म होने' का सामना करना पड़ सकता है। उनके इस बयान पर ईरानी प्रतिनिधिमंडल के सदस्य सभागार से बाहर चले गए।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने बुधवार को महासभा में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'ईरान को ताकतवर होना चाहिए, ताकि उसे धमकाया न जा सके।' उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान वार्ता और कूटनीति के लिए तैयार है, लेकिन 'ताकत के दम पर बात मनवाने की भाषा' स्वीकार नहीं करेगा।

परमाणु विवाद: सबसे बड़ी रुकावट

ट्रंप का कहना है कि अमेरिका इजरायल के साथ इस संघर्ष में इसलिए शामिल हुआ ताकि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोका जा सके। वहीं, पेजेश्कियन ने दोहराया कि ईरान परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं करेगा, परंतु उसे 'शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक' विकसित करने का अधिकार है।

यह विरोधाभास किसी भी संभावित समझौते में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है — वॉशिंगटन एक पुख्ता सत्यापन व्यवस्था चाहता है, जबकि तेहरान नागरिक परमाणु कार्यक्रम पर किसी बंधन को संप्रभुता के विरुद्ध मानता है।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक तेल बाज़ार महीनों से अस्थिर हैं और कई देश होर्मुज की बंदी के चलते गंभीर ऊर्जा संकट झेल रहे हैं। अगर ट्रंप प्रशासन इस प्रस्ताव का सकारात्मक जवाब देता है, तो सात दिनों की समय-सीमा में कूटनीतिक वार्ता का नया दौर शुरू हो सकता है — हालाँकि परमाणु मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच की खाई अभी भी पाटना बाकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी असल परीक्षा शर्तों की व्याख्या में होगी — जून की सहमति पर दोनों पक्षों की परस्पर विरोधी पठन पहले ही वार्ता को पटरी से उतार चुकी है। होर्मुज नियंत्रण के सवाल पर तेहरान और वॉशिंगटन की दूरी महज़ कूटनीतिक नहीं, बल्कि रणनीतिक है — और परमाणु सत्यापन की माँग उस पर और परत चढ़ाती है। ट्रंप की 'विनाश' वाली भाषा घरेलू दर्शकों के लिए हो सकती है, पर वह वार्ता की मेज़ का माहौल भी बिगाड़ती है। असली सवाल यह है कि क्या दोनों पक्षों के पास इस बार घरेलू दबाव को नज़रअंदाज़ करके एक टिकाऊ समझौते तक पहुँचने की राजनीतिक इच्छाशक्ति है।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान ने अमेरिका को होर्मुज स्ट्रेट पर क्या प्रस्ताव दिया है?
ईरान ने ट्रंप प्रशासन को प्रस्ताव दिया है कि होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोला जाए और सात दिनों के भीतर शांति वार्ता फिर शुरू की जाए। यह प्रस्ताव मध्यस्थों के ज़रिए अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिकी अधिकारियों तक पहुँचाया गया है।
होर्मुज स्ट्रेट की बंदी का वैश्विक तेल आपूर्ति पर क्या असर पड़ा?
दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का लगभग 20 से 25 प्रतिशत होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुज़रता है। ईरान द्वारा बारूदी सुरंगें बिछाने और जहाज़ों को चेतावनी देने के बाद इस जलमार्ग से आवाजाही लगभग बंद हो गई, जिससे वैश्विक ऊर्जा कीमतें बढ़ीं।
ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव पर क्या कहा?
राष्ट्रपति ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कूटनीतिक संपर्क की बात स्वीकार की, लेकिन साथ ही कहा कि ईरान या तो समझौते पर आए या 'पूरी तरह खत्म होने' का सामना करे। व्हाइट हाउस की ओर से इस प्रस्ताव पर तुरंत कोई औपचारिक जवाब नहीं आया।
ईरान-अमेरिका वार्ता में परमाणु मुद्दा क्यों सबसे बड़ी रुकावट है?
अमेरिका चाहता है कि ईरान परमाणु हथियार न बना पाए, इसके लिए पुख्ता सत्यापन व्यवस्था हो। वहीं, ईरान का कहना है कि उसे शांतिपूर्ण और नागरिक उद्देश्यों के लिए परमाणु तकनीक विकसित करने का अधिकार है। राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने परमाणु हथियार न बनाने का संकेत दिया, लेकिन नागरिक कार्यक्रम पर बंधन अस्वीकार किया।
जून 2026 की सहमति और मौजूदा प्रस्ताव में क्या फर्क है?
अराघची के अनुसार, मौजूदा प्रस्ताव की शर्तें काफ़ी हद तक जून 2026 के MOU जैसी ही हैं। मुख्य विवाद यह है कि ईरान उस सहमति का अर्थ होर्मुज पर अपने नियंत्रण की मान्यता मानता है, जबकि अमेरिका और उसके सहयोगी इस व्याख्या को खारिज करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले