11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नौसेना का पूर्ण नियंत्रण: ट्रंप ने ईरान की मुआवजा मांग ठुकराई, सैन्य विकल्प खुला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नौसेना का पूर्ण नियंत्रण: ट्रंप ने ईरान की मुआवजा मांग ठुकराई, सैन्य विकल्प खुला

सारांश

ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नौसेना का '100 प्रतिशत नियंत्रण' बताया, ईरान की मुआवजा मांग को उलटकर 50 साल के नुकसान का हिसाब माँगा — और सैन्य कार्रवाई बढ़ाने की क्षमता का खुला संकेत दिया। वाशिंगटन का संदेश साफ है: बातचीत चल रही है, लेकिन दबाव कम नहीं होगा।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 अगस्त 2026 को दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नौसेना का 100 प्रतिशत नियंत्रण है।
ट्रंप ने ईरान की मुआवजा मांग खारिज करते हुए कहा कि पिछले 50 वर्षों की ईरानी कार्रवाइयों के लिए उल्टे ईरान को मुआवजा देना चाहिए।
बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई का विकल्प अभी भी खुला बताया, लेकिन कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।
ट्रंप का दावा — ईरान में महंगाई 300 प्रतिशत से अधिक, सैनिकों को वेतन देने में कठिनाई; इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं।
अमेरिकी बलों ने होर्मुज स्ट्रेट को बारूदी सुरंगों से मुक्त करने का दावा किया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 अगस्त 2026 को व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि होर्मुज स्ट्रेट पर इस समय केवल अमेरिकी नौसेना का नियंत्रण है और ईरान की मुआवजा मांग को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि तेहरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई का विकल्प अभी भी मेज पर बना हुआ है।

होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी दावा

ट्रंप ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट फिलहाल खुला है, लेकिन इससे गुजरने वाले जहाजों पर अमेरिकी नौसेना का पूरा नियंत्रण है। उन्होंने कहा, 'इस समय होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण रखने वाला एकमात्र पक्ष अमेरिकी नौसेना है। हमारी नाकाबंदी पूरी तरह प्रभावी रही है — यह एक मजबूत स्टील की दीवार की तरह है।' उन्होंने यह भी बताया कि जहाजों को इस जलमार्ग से गुजरने की अनुमति दी जा रही है, परंतु ईरान की ओर जाने की इजाजत नहीं है।

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी बलों ने होर्मुज स्ट्रेट को बारूदी सुरंगों से मुक्त कर दिया है। उनके अनुसार, ईरान इस क्षेत्र में सुरंगें बिछाकर जहाजों की आवाजाही को बाधित कर सकता था, लेकिन अमेरिकी सेना ने इस खतरे को निष्क्रिय कर दिया है।

सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला

ईरान के साथ हालिया बातचीत के बाद आगे की दिशा पर पूछे गए सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा, 'अगर हम ऐसा करना चाहें तो हमारे पास निश्चित रूप से वह क्षमता है। आपको पता चल जाएगा।' हालांकि, उन्होंने बातचीत की मौजूदा स्थिति या किसी संभावित सैन्य कदम के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक संपर्क जारी बताए जा रहे हैं।

मुआवजे पर तीखी प्रतिक्रिया

ट्रंप ने बताया कि ईरान ने अमेरिकी कार्रवाइयों से हुए नुकसान के लिए मुआवजे की मांग की है। इस पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 50 वर्षों में ईरान की गतिविधियों से प्रभावित लोगों को — जिनमें मारे गए या घायल हुए लोग और उनके परिवार शामिल हैं — मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, 'अगर किसी को मुआवजा दिया जाना है, तो मेरा मानना है कि ईरान को वह भुगतान करना चाहिए।' उन्होंने उन प्रदर्शनकारियों के परिवारों का भी उल्लेख किया जो कथित तौर पर देश में अशांति के दौरान मारे गए थे।

ईरान की आर्थिक स्थिति पर ट्रंप के दावे

ट्रंप ने दावा किया कि ईरान इस समय गंभीर आर्थिक संकट में है, उसके सैनिकों को वेतन देने में कठिनाई हो रही है और वहाँ महंगाई 300 प्रतिशत से भी अधिक है। उन्होंने कहा, 'वे दिवालिया हो चुके हैं, उनके पास पैसे नहीं हैं। ईरान पूरी तरह से कंगाल हो चुका है।' गौरतलब है कि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध प्रतिलेख में नहीं की गई है, इसलिए इन्हें ट्रंप के अपने आकलन के रूप में देखा जाना चाहिए।

आगे क्या होगा

ट्रंप ने ईरान पर आरोप लगाया कि उसने पिछले 50 वर्षों से मध्य पूर्व में अस्थिरता पैदा की है और लाखों लोगों को प्रभावित किया है। अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत जारी रहने के बावजूद वाशिंगटन का कड़ा रुख बरकरार है। विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव वैश्विक तेल आपूर्ति और शिपिंग मार्गों के लिए एक बड़ा जोखिम बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ताकत का प्रदर्शन बंद मत करो। होर्मुज पर नियंत्रण का दावा जितना सैन्य है, उतना ही कूटनीतिक है; यह तेल-आयातक देशों को भी संदेश है कि अमेरिका इस जलमार्ग का 'गेटकीपर' बना रहेगा। ईरान की 300 प्रतिशत महंगाई जैसे असत्यापित दावे घरेलू दर्शकों के लिए हैं, लेकिन मुआवजे की काउंटर-डिमांड एक चतुर कूटनीतिक चाल है जो तेहरान की पहल को ही पलट देती है। असली सवाल यह है कि क्या यह 'नाकाबंदी' अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून की कसौटी पर टिकती है — जिसका जवाब वाशिंगटन ने अभी तक नहीं दिया है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नियंत्रण का ट्रंप का दावा क्या है?
ट्रंप ने 11 अगस्त 2026 को कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पर इस समय केवल अमेरिकी नौसेना का नियंत्रण है और उनकी नाकाबंदी 'पूरी तरह प्रभावी' है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी बल तय करते हैं कि कौन से जहाज इस जलमार्ग से गुजर सकते हैं।
ट्रंप ने ईरान की मुआवजा मांग पर क्या कहा?
ट्रंप ने ईरान की मुआवजा मांग को खारिज करते हुए उल्टे कहा कि पिछले 50 वर्षों में ईरान की कार्रवाइयों से प्रभावित लोगों को ईरान से मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने मारे गए और घायल हुए लोगों के परिवारों का उल्लेख किया।
क्या अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई बढ़ा सकता है?
ट्रंप ने संकेत दिया कि बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई का विकल्प अभी भी मौजूद है। उन्होंने कहा, 'अगर हम ऐसा करना चाहें तो हमारे पास निश्चित रूप से वह क्षमता है,' हालांकि कोई ठोस योजना या समयसीमा नहीं बताई।
होर्मुज स्ट्रेट से बारूदी सुरंगों का क्या मामला है?
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान इस जलमार्ग में बारूदी सुरंगें बिछाकर जहाजों की आवाजाही बाधित कर सकता था, लेकिन अमेरिकी बलों ने पूरे होर्मुज स्ट्रेट को सुरंगों से मुक्त कर दिया है।
ट्रंप ने ईरान की आर्थिक स्थिति के बारे में क्या कहा?
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान में महंगाई 300 प्रतिशत से अधिक है, सैनिकों को वेतन देने में कठिनाई हो रही है और देश 'पूरी तरह कंगाल' हो चुका है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले