होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नौसेना का पूर्ण नियंत्रण: ट्रंप ने ईरान की मुआवजा मांग ठुकराई, सैन्य विकल्प खुला
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 अगस्त 2026 को व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि होर्मुज स्ट्रेट पर इस समय केवल अमेरिकी नौसेना का नियंत्रण है और ईरान की मुआवजा मांग को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि तेहरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई का विकल्प अभी भी मेज पर बना हुआ है।
होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी दावा
ट्रंप ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट फिलहाल खुला है, लेकिन इससे गुजरने वाले जहाजों पर अमेरिकी नौसेना का पूरा नियंत्रण है। उन्होंने कहा, 'इस समय होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण रखने वाला एकमात्र पक्ष अमेरिकी नौसेना है। हमारी नाकाबंदी पूरी तरह प्रभावी रही है — यह एक मजबूत स्टील की दीवार की तरह है।' उन्होंने यह भी बताया कि जहाजों को इस जलमार्ग से गुजरने की अनुमति दी जा रही है, परंतु ईरान की ओर जाने की इजाजत नहीं है।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी बलों ने होर्मुज स्ट्रेट को बारूदी सुरंगों से मुक्त कर दिया है। उनके अनुसार, ईरान इस क्षेत्र में सुरंगें बिछाकर जहाजों की आवाजाही को बाधित कर सकता था, लेकिन अमेरिकी सेना ने इस खतरे को निष्क्रिय कर दिया है।
सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला
ईरान के साथ हालिया बातचीत के बाद आगे की दिशा पर पूछे गए सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा, 'अगर हम ऐसा करना चाहें तो हमारे पास निश्चित रूप से वह क्षमता है। आपको पता चल जाएगा।' हालांकि, उन्होंने बातचीत की मौजूदा स्थिति या किसी संभावित सैन्य कदम के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक संपर्क जारी बताए जा रहे हैं।
मुआवजे पर तीखी प्रतिक्रिया
ट्रंप ने बताया कि ईरान ने अमेरिकी कार्रवाइयों से हुए नुकसान के लिए मुआवजे की मांग की है। इस पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 50 वर्षों में ईरान की गतिविधियों से प्रभावित लोगों को — जिनमें मारे गए या घायल हुए लोग और उनके परिवार शामिल हैं — मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, 'अगर किसी को मुआवजा दिया जाना है, तो मेरा मानना है कि ईरान को वह भुगतान करना चाहिए।' उन्होंने उन प्रदर्शनकारियों के परिवारों का भी उल्लेख किया जो कथित तौर पर देश में अशांति के दौरान मारे गए थे।
ईरान की आर्थिक स्थिति पर ट्रंप के दावे
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान इस समय गंभीर आर्थिक संकट में है, उसके सैनिकों को वेतन देने में कठिनाई हो रही है और वहाँ महंगाई 300 प्रतिशत से भी अधिक है। उन्होंने कहा, 'वे दिवालिया हो चुके हैं, उनके पास पैसे नहीं हैं। ईरान पूरी तरह से कंगाल हो चुका है।' गौरतलब है कि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध प्रतिलेख में नहीं की गई है, इसलिए इन्हें ट्रंप के अपने आकलन के रूप में देखा जाना चाहिए।
आगे क्या होगा
ट्रंप ने ईरान पर आरोप लगाया कि उसने पिछले 50 वर्षों से मध्य पूर्व में अस्थिरता पैदा की है और लाखों लोगों को प्रभावित किया है। अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत जारी रहने के बावजूद वाशिंगटन का कड़ा रुख बरकरार है। विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव वैश्विक तेल आपूर्ति और शिपिंग मार्गों के लिए एक बड़ा जोखिम बना हुआ है।