शी जिनपिंग के वाशिंगटन दौरे पर व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शन, तिब्बत-हांगकांग के लिए उठी आवाज़ें
सारांश
मुख्य बातें
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के हाई-प्रोफाइल वाशिंगटन दौरे के दौरान 25 सितंबर 2026 को व्हाइट हाउस के मुख्य द्वार के बाहर सैकड़ों प्रदर्शनकारी एकजुट हुए और 'फ्री तिब्बत', 'फ्री हांगकांग' के नारे बुलंद किए। यह विरोध-प्रदर्शन तिब्बती, उइगर, हांगकांग, ताइवानी, दक्षिणी मंगोलियाई और चीनी लोकतंत्र समर्थक संगठनों द्वारा समन्वित व्यापक अभियान का हिस्सा था।
मुख्य घटनाक्रम
प्रदर्शनकारियों की आवाज़ें व्हाइट हाउस के नॉर्थ पोर्टिको तक सुनी गईं, जहाँ प्रेस पूल के पत्रकार इमारत की सीढ़ियों की ओर बने राइजर पर प्रतीक्षा कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने 'सीसीपी, यू आर नॉट वेलकम' और 'शी जिनपिंग, यू आर नॉट वेलकम' के नारे भी लगाए। इसके अलावा उन्होंने राजनीतिक कैदियों और जेल में बंद हांगकांग के लोकतंत्र समर्थक मीडिया प्रकाशक जिमी लाई की तत्काल रिहाई की माँग रखी।
आयोजन और प्रतिबंध
आयोजकों ने दिनभर कई कार्यक्रम तय किए थे — चीनी दूतावास के बाहर प्रदर्शन, मध्य वाशिंगटन में मार्च, अमेरिकी कैपिटल में रैली और फ्रैंकलिन पार्क में शाम को कैंडल लाइट विजिल। हालाँकि, तिब्बती आयोजकों के अनुसार, परमिट होने के बावजूद सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को इंटरनेशनल ड्राइव तक पहुँचने से रोक दिया गया और उन्हें वैन नेस स्ट्रीट पर ही रोके रखा गया।
मेट्रोपॉलिटन पुलिस डिपार्टमेंट के परमिट में 2,000 तक प्रतिभागियों, लाउडस्पीकर के उपयोग और 3505 इंटरनेशनल ड्राइव से मार्च की अनुमति दी गई थी। इसके बावजूद भारी सुरक्षा और सड़क प्रतिबंधों के कारण प्रदर्शनकारी निर्धारित स्थान तक नहीं पहुँच सके।
आयोजकों की प्रतिक्रिया
तिब्बतन यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष त्सेरिंग चोंफेल ने कहा, 'हमने सभी जरूरी परमिट हासिल किए थे और हमसे जो भी जरूरी था, उसका पालन किया। यह एक शांतिपूर्ण सभा है। तिब्बती आज यहाँ शांतिपूर्ण विरोध के मौलिक अधिकार का इस्तेमाल करने आए हैं।'
इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत ने आरोप लगाया कि व्हाइट हाउस के बाहर स्वागत करने वाले समूहों को स्वतंत्र रूप से एकत्रित होने की अनुमति दी गई, जबकि तिब्बती प्रदर्शनकारियों को चीनी दूतावास के निकट प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा। संगठन के कार्यकारी निदेशक रयान फियोरेसी ने आरोप लगाया कि कथित तौर पर चीनी व्यक्तियों ने प्रदर्शन के दौरान तिब्बतियों की रिकॉर्डिंग की।
फियोरेसी ने कहा, 'ये तिब्बती अमेरिकी अमेरिकी धरती पर अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। अमेरिका में अपनी बात कहने के लिए तिब्बतियों को निगरानी या धमकी का डर नहीं होना चाहिए।'
प्रमुख माँगें
प्रदर्शनकारियों ने 11वें पंचेन लामा और अन्य तिब्बती राजनीतिक कैदियों की रिहाई की माँग की। उन्होंने चीनी अधिकारियों और तिब्बती प्रतिनिधियों के बीच नए सिरे से बातचीत शुरू करने और उन नीतियों को खत्म करने की भी माँग की जो तिब्बत की धार्मिक, सांस्कृतिक तथा भाषाई पहचान को कमज़ोर करती हैं।
आगे की स्थिति
कैपिटल एरिया तिब्बतन एसोसिएशन के अध्यक्ष तेनजिन नोर्बू ने चिंता जताई कि मौजूदा प्रतिबंधों को देखते हुए अन्य नियोजित प्रदर्शनों और मार्च को अनुमति मिलना अनिश्चित है। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-चीन संबंधों में व्यापार, तकनीक और भू-राजनीतिक मुद्दों पर पहले से ही तनाव बना हुआ है — और शी जिनपिंग की यह यात्रा द्विपक्षीय एजेंडे को नई दिशा देने के उद्देश्य से हो रही बताई जा रही है।