शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा के विरोध में वॉशिंगटन में 2,000+ तिब्बती-उइगर समेत बहु-समुदायी प्रदर्शन
सारांश
मुख्य बातें
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा के विरोध में 24 सितंबर 2026 को वॉशिंगटन में उत्तर अमेरिका के विभिन्न हिस्सों से पहुँचे 2,000 से अधिक तिब्बती प्रदर्शन करेंगे। उनके साथ उइगर, हांगकांग, ताइवान, दक्षिणी मंगोलियाई समुदाय और चीनी लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता भी एकजुट हो रहे हैं — जो इस प्रदर्शन को चीन की नीतियों के विरुद्ध एक व्यापक बहु-समुदायी आवाज़ बना रहा है।
प्रदर्शन का कार्यक्रम और मार्ग
यह दिनभर चलने वाला विरोध प्रदर्शन कई चरणों में आयोजित किया गया है। शुरुआत चीनी दूतावास के बाहर प्रदर्शन से होगी, जिसके बाद प्रदर्शनकारी ड्यूपॉन्ट सर्कल से होते हुए अमेरिकी कैपिटल तक मार्च करेंगे। दोपहर में कैपिटल के निकट एक साझा रैली आयोजित की जाएगी, जिसमें अमेरिकी कांग्रेस के कुछ सदस्य और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। शाम को फ्रैंकलिन पार्क में मोमबत्ती जलाकर (कैंडललाइट) सामुदायिक कार्यक्रम संपन्न होगा।
आयोजक संगठन और प्रमुख वक्ता
तिब्बतियों के प्रदर्शन की अगुवाई तिब्बतन यूथ कांग्रेस और कैपिटल एरिया तिब्बतन एसोसिएशन कर रही हैं। इन्हें इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत, स्टूडेंट्स फॉर ए फ्री तिब्बत और तिब्बतन नेशनल कांग्रेस समेत अनेक संगठनों का समर्थन प्राप्त है।
कैपिटल रैली में तिब्बतन यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष त्सेरिंग चोम्फेल, इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत की अध्यक्ष तेनचो ग्यात्सो और कैपिटल एरिया तिब्बतन एसोसिएशन के अध्यक्ष तेनजिन नोरबू के संबोधन की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त उइगर नेता ओमर कनात, हांगकांग की फ्रांसेस हुई, दक्षिणी मंगोलियाई प्रतिनिधि एंगहेबाटू तोगोचोग और चीनी लोकतंत्र समर्थक नेता शेंगचुन 'सोफी' लुओ भी शामिल होंगे। शाम के कार्यक्रम को इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत के कार्यकारी निदेशक रयान फियोरेसी संबोधित करेंगे।
प्रमुख माँगें
आयोजकों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान 11वें पंचेन लामा और तिब्बत के अन्य राजनीतिक कैदियों की रिहाई की माँग प्रमुखता से उठाई जाएगी। प्रदर्शनकारी चीनी नेताओं और तिब्बती प्रतिनिधियों के बीच वार्ता पुनः शुरू करने की भी माँग करेंगे। इसके साथ ही वे उन कानूनों और नीतियों को समाप्त करने पर ज़ोर देंगे, जिनके बारे में उनका आरोप है कि ये कथित तौर पर जबरन सांस्कृतिक आत्मसातीकरण को बढ़ावा देती हैं और अलग सांस्कृतिक, धार्मिक तथा भाषाई पहचान को कमज़ोर करती हैं।
खुला पत्र और मानवाधिकार गठबंधन
शी जिनपिंग की यात्रा से पूर्व इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत ने 30 मानवाधिकार संगठनों के एक गठबंधन के साथ मिलकर चीनी राष्ट्रपति को एक खुला पत्र भेजा। इस पत्र में चीन से विचारों और मान्यताओं के कारण जेल में बंद व्यक्तियों को रिहा करने, विदेशों में रहने वाले अपने नागरिकों के खिलाफ कथित दमन को बंद करने और मानवाधिकार रिकॉर्ड में ठोस सुधार की माँग की गई। यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चीन की मानवाधिकार नीतियों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।
व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी चीनी राष्ट्राध्यक्ष की अमेरिका यात्रा के दौरान इस स्तर का बहु-समुदायी विरोध देखा जा रहा हो। हालाँकि, इस बार तिब्बती, उइगर, हांगकांग, ताइवान और मंगोलियाई समुदायों का एक साथ एकजुट होना इस प्रदर्शन को पहले से अधिक व्यापक और राजनीतिक रूप से उल्लेखनीय बनाता है। आलोचकों का कहना है कि बीजिंग की नीतियाँ इन विविध समुदायों को एकसूत्र में पिरो रही हैं।