शी चिनफिंग की अमेरिका राजकीय यात्रा शुरू, वाशिंगटन में ट्रंप ने किया भव्य स्वागत
सारांश
मुख्य बातें
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 23 सितंबर 2026 को स्थानीय समयानुसार दोपहर बाद विशेष विमान से वाशिंगटन पहुँचकर अमेरिका की राजकीय यात्रा की औपचारिक शुरुआत की। यह यात्रा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निमंत्रण पर हो रही है और वैश्विक कूटनीतिक हलकों में इसे अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भव्य स्वागत और औपचारिक समारोह
जब शी चिनफिंग अपनी पत्नी फंग लीयुएं के साथ हवाई अड्डे पर पहुँचे, तो राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप ने उनकी जोशपूर्ण अगवानी की। इस अवसर पर अमेरिकी बच्चों ने दोनों अतिथियों को फूल भेंट किए और गार्ड ऑफ ऑनर ने लाल कालीन के दोनों किनारों पर खड़े होकर सलामी दी।
सैन्य संगीत बैंड ने दोनों देशों के राष्ट्रगान बजाए, 21 तोपों की सलामी दी गई और लड़ाकू विमानों ने उनके सम्मान में उड़ान भरी। हवाई अड्डे से होटल तक जाने वाले काफिले का प्रवासी चीनियों और वहाँ अध्ययनरत चीनी छात्रों ने दोनों देशों के झंडे लहराकर गर्मजोशी से स्वागत किया।
ट्रंप का स्वागत संदेश
राष्ट्रपति ट्रंप ने अगवानी के दौरान कहा कि वे वाशिंगटन में राष्ट्रपति शी और उनकी पत्नी फंग लीयुएं का हार्दिक स्वागत करते हैं। उन्होंने शी को 'एक महान नेता' बताया और कहा कि इस महत्वपूर्ण अवसर पर वे राष्ट्रपति शी के साथ विचारों का गहन आदान-प्रदान करके द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं।
शी चिनफिंग का वक्तव्य: साझेदारी और सह-अस्तित्व पर जोर
शी चिनफिंग ने अपने लिखित भाषण में चीनी जनता की ओर से अमेरिकी जनता का हार्दिक अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि चीन और अमेरिका दोनों ही महान देश हैं और दोनों देशों की जनता के बीच दीर्घकालिक मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं।
शी ने इस बात पर विशेष बल दिया कि दोनों देशों को एक-दूसरे का प्रतिद्वंद्वी बनने के बजाय साझेदार बनना चाहिए। उन्होंने कहा, 'चीनी राष्ट्र का महान पुनरुत्थान और अमेरिका का 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' का संकल्प साथ-साथ चल सकते हैं। ये दोनों देश एक-दूसरे की सफलता में सहायक बन सकते हैं और पूरे विश्व के कल्याण में योगदान दे सकते हैं।'
शी ने यह भी रेखांकित किया कि विश्व और युग दोनों बदल रहे हैं, किंतु चीन और अमेरिका के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का तर्क नहीं बदला है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को मिलकर नए युग में दो बड़े देशों के रूप में शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का सही रास्ता निकालना चाहिए।
आगामी द्विपक्षीय वार्ता की रूपरेखा
शी चिनफिंग ने स्पष्ट किया कि वे राष्ट्रपति ट्रंप के साथ दोनों देशों के संबंधों और महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर गहराई से विचारों का आदान-प्रदान करने, रणनीतिक स्थिरता वाले रचनात्मक संबंधों को निरंतर समृद्ध करने तथा विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग का विस्तार करने के लिए तैयार हैं। यह यात्रा ऐसे समय में आई है जब अमेरिका-चीन व्यापार और भू-राजनीतिक तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डाल रहे हैं।
गौरतलब है कि यह किसी चीनी राष्ट्राध्यक्ष की हालिया वर्षों में सबसे उच्च-स्तरीय अमेरिकी राजकीय यात्राओं में से एक मानी जा रही है। आने वाले दिनों में दोनों नेताओं के बीच होने वाली शिखर वार्ता के नतीजों पर पूरी दुनिया की नज़र टिकी रहेगी।