श्रीशैलम रेस्ट हाउस में परिवार के 5 सदस्य मृत मिले, आर्थिक तंगी से टूटा परिवार
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के तीर्थनगरी श्रीशैलम में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ वडेरा सताराम विश्राम गृह के कमरा नंबर 11 में एक ही परिवार के पाँच सदस्य फंदे से लटके पाए गए। 25 अगस्त 2026 को यह मामला तब उजागर हुआ जब बंद कमरे से बदबू आने पर स्टाफ ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस के अनुसार, माना जाता है कि परिवार ने आर्थिक परेशानियों के चलते यह कठोर कदम उठाया।
घटनाक्रम
पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो पाया कि दो पुरुष कमरे में पंखे से लटके हुए थे, जबकि तीन महिलाएँ वॉशरूम में लटकी हुई मिलीं। अनुमान है कि यह घटना खोज से करीब तीन दिन पहले घटित हुई थी। मृतकों की पहचान पल्लपु सुधाकर (50 वर्ष), गोगुला आदिलक्ष्मी (36 वर्ष), मल्लेश्वरी (45 वर्ष), श्रीदेवी (33 वर्ष) और मणिकंठा (15 वर्ष) के रूप में की गई है। मणिकंठा मल्लेश्वरी के पुत्र थे।
परिवार की पृष्ठभूमि
परिवार श्री सत्य साईं जिले के बट्टलापल्ली का रहने वाला था। आत्माकुर डीएसपी रामंजनेयुलु ने बताया कि सुधाकर अपनी तीन बहनों और एक भतीजे के साथ 28 जुलाई को ऑटो-रिक्शा से श्रीशैलम पहुँचे थे। वे करीब एक महीने से उस कमरे में रह रहे थे और प्रतिदिन ₹29 किराया दे रहे थे।
जब स्टाफ ने उन्हें कमरा खाली करने को कहा, तो परिवार ने अस्वस्थता का हवाला देते हुए अधिक समय माँगा और बताया कि वे श्री मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर में मन्नत माँगना चाहते हैं। पुलिस की प्रारंभिक जाँच के अनुसार, परिवार गंभीर आर्थिक संकट में था — दो महिलाएँ तलाकशुदा थीं और सुधाकर अविवाहित रहकर अपनी बहनों की देखभाल कर रहे थे।
पुलिस की कार्रवाई
सभी पाँच शवों को पोस्टमार्टम के लिए श्रीशैलम के सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है। डीएसपी अंजनयुलु ने पुष्टि की कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जाँच के सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है।
व्यापक संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब आर्थिक दबाव और पारिवारिक संकट से जुड़ी आत्महत्याओं की घटनाएँ देश के विभिन्न हिस्सों में चिंता का विषय बनी हुई हैं। श्री मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बने विश्राम गृहों में इस तरह की घटना ने स्थानीय प्रशासन को भी हिलाकर रख दिया है। जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या परिवार ने कोई सुसाइड नोट छोड़ा था।