क्या छत्तीसगढ़ में बाढ़ ने तिरुपत्तूर परिवार को बिखेर दिया?

सारांश
Key Takeaways
- बाढ़ के दौरान यात्रा से बचें।
- स्थानीय मौसम की जानकारी पर ध्यान दें।
- सामुदायिक सहायता महत्वपूर्ण है।
- प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्क रहें।
- अपने प्रियजनों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
तिरुपत्तूर/रायपुर, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ में अचानक आई बाढ़ ने एक परिवार को हमेशा के लिए बिखेर दिया। तिरुपत्तूर जिले के एक परिवार के चार सदस्यों की दुखद मौत हो गई, जिसमें दो बच्चे भी शामिल थे।
यह घटना सुकमा जिले में घटित हुई, जहां परिवार की कार बाढ़ के तेज बहाव में बह गई। मृतकों में सिविल इंजीनियर राजेश कुमार (45), उनकी पत्नी पवित्रा (38), और उनकी बेटियां चौथ्या (8) और चौमिका (6) शामिल हैं।
परिवार एक शादी में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ से अपने गृहनगर तिरुपत्तूर जा रहा था। घटना के समय वे सुकमा जिले से गुजर रहे थे, तभी भारी बारिश के कारण आई बाढ़ ने उनकी मारुति डिजायर कार को बहा लिया। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से शवों को बरामद किया गया और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल ले जाया गया। पोस्टमार्टम के बाद शवों को तिरुपत्तूर लाया गया, जहां अंतिम संस्कार किया गया।
यह परिवार पिछले 15 वर्षों से छत्तीसगढ़ में निवास कर रहा था, जहां राजेश कुमार एक सिविल इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे। वे अपने समुदाय में सम्मानित थे और उनकी अचानक मृत्यु ने उनके रिश्तेदारों व दोस्तों को गहरा सदमा पहुंचाया है। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश और बाढ़ के कारण सड़कों पर यात्रा करना खतरनाक हो गया था, लेकिन परिवार को इसकी जानकारी नहीं हो सकी। यह हादसा बारिश के दौरान सावधानी बरतने और मौसम की जानकारी लेने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। राहत और बचाव कार्यों में प्रशासन जुटा हुआ है, लेकिन इस दुखद घटना से बचाव का कोई उपाय नहीं हो सका।
मुख्य सचिव ने इस हादसे पर दुख जताया और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। साथ ही, उन्होंने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश और बाढ़ के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।