25 अगस्त 2026
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आईआईटी दिल्ली छात्र ऋषिकेश की मौत: केजरीवाल ने निष्पक्ष जांच की मांग की, 5 साल में 65 छात्रों की आत्महत्या का दावा

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आईआईटी दिल्ली छात्र ऋषिकेश की मौत: केजरीवाल ने निष्पक्ष जांच की मांग की, 5 साल में 65 छात्रों की आत्महत्या का दावा

सारांश

आईआईटी दिल्ली में छात्र ऋषिकेश की मौत ने देश के प्रीमियर तकनीकी संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य संकट को फिर उजागर किया। केजरीवाल ने निष्पक्ष जांच की माँग करते हुए दावा किया कि पाँच वर्षों में 65 से अधिक IIT छात्रों ने आत्महत्या की — एक आँकड़ा जो संस्थागत सुधार की तत्काल माँग करता है।

मुख्य बातें

आईआईटी दिल्ली के छात्र ऋषिकेश की मौत की घटना 25 अगस्त को सामने आई।
AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की माँग की।
केजरीवाल ने दावा किया कि पिछले पाँच वर्षों में 65 से अधिक IIT छात्रों ने आत्महत्या की है।
उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों के लिए मज़बूत मानसिक स्वास्थ्य सहयोग-तंत्र विकसित करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
केजरीवाल ने कहा कि रैंक और प्लेसमेंट के साथ-साथ छात्रों का भावनात्मक कल्याण भी संस्थान की सफलता का पैमाना होना चाहिए।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आईआईटी दिल्ली के छात्र ऋषिकेश की दुखद मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की माँग की है। 25 अगस्त को सामने आई इस घटना ने देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा-तंत्र को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है।

केजरीवाल की माँग और चिंता

केजरीवाल ने कहा कि जांच के दौरान छात्र से जुड़ी सभी परिस्थितियों और चिंताओं को गंभीरता से परखा जाना चाहिए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि कठिन दौर से गुज़र रहे विद्यार्थियों को समय पर आवश्यक सहायता मिलनी चाहिए और हर छात्र को एक ऐसा वातावरण मिले जहाँ वह बिना किसी भय के अपनी परेशानियाँ साझा कर सके।

उन्होंने यह भी कहा कि मुश्किल घड़ी में छात्रों को यह भरोसा होना चाहिए कि उनकी बात सुनने वाला कोई मौजूद है और ज़रूरत पड़ने पर तत्काल मदद उपलब्ध है। AAP संयोजक ने स्पष्ट किया कि देश के छात्रों का भविष्य सर्वोपरि है और उन्हें किसी भी स्थिति में अकेला नहीं छोड़ा जा सकता।

पाँच वर्षों में 65 से अधिक आत्महत्याओं का दावा

केजरीवाल ने दावा किया कि पिछले पाँच वर्षों में 65 से अधिक आईआईटी छात्रों ने आत्महत्या की है। उन्होंने इस आँकड़े को अत्यंत चिंताजनक बताते हुए कहा कि देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों में व्याप्त मानसिक और शैक्षणिक दबाव को अब और नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। यह ऐसे समय में आया है जब IIT संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पर्याप्तता पर राष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठते रहे हैं।

शैक्षणिक उत्कृष्टता बनाम छात्र कल्याण

केजरीवाल ने स्पष्ट किया कि केवल रैंक, ग्रेड और प्लेसमेंट के आँकड़ों को किसी संस्थान की सफलता का एकमात्र पैमाना नहीं माना जाना चाहिए। उनके अनुसार, विद्यार्थियों का मानसिक और भावनात्मक कल्याण उतना ही महत्वपूर्ण है जितना उनका शैक्षणिक प्रदर्शन।

गौरतलब है कि आईआईटी जैसे संस्थानों ने शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी क्षेत्र में भारत को वैश्विक पहचान दिलाई है। लेकिन केजरीवाल ने कहा कि इस प्रतिष्ठा के साथ-साथ छात्रों के भावनात्मक और व्यक्तिगत संघर्षों को भी संस्थागत स्तर पर समझना होगा।

बेहतर सहयोग प्रणाली की ज़रूरत

AAP संयोजक ने शैक्षणिक संस्थानों से आग्रह किया कि वे छात्रों के लिए मज़बूत सहयोग-तंत्र विकसित करें। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में जहाँ कमियाँ हैं, उन्हें दूर करने के लिए गंभीर आत्मनिरीक्षण ज़रूरी है। छात्रों को ऐसी स्थिति में अकेला नहीं छोड़ा जा सकता जहाँ वे अपनी समस्याओं से जूझते रहें और मदद का कोई सुरक्षित रास्ता न हो।

आगे क्या होगा

केजरीवाल ने उम्मीद जताई कि आईआईटी दिल्ली छात्र ऋषिकेश की मौत की निष्पक्ष जांच होगी और इससे जुड़े सभी पहलू सामने आएँगे। यह घटना देश भर के प्रीमियर संस्थानों को अपनी मानसिक स्वास्थ्य नीतियों की समीक्षा करने का एक और अवसर प्रदान करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे स्वतंत्र स्रोतों से सत्यापित किए जाने की ज़रूरत है — यह संख्या जितनी चौंकाने वाली है, उतनी ही जवाबदेही की माँग करती है। असली सवाल यह है कि IIT जैसे संस्थान, जो वैश्विक रैंकिंग में तो आगे बढ़ रहे हैं, अपने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य ढाँचे में पिछड़ क्यों रहे हैं। शिक्षा मंत्रालय ने पिछले कुछ वर्षों में काउंसलिंग सेवाओं के विस्तार की बात कही है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर क्रियान्वयन की खाई अभी भी चौड़ी है — और यही खाई हर नई त्रासदी के साथ और गहरी होती दिखती है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईआईटी दिल्ली के छात्र ऋषिकेश की मौत क्या हुई?
25 अगस्त को आईआईटी दिल्ली के छात्र ऋषिकेश की मौत की खबर सामने आई। मामले की परिस्थितियों की जांच की माँग की जा रही है और अभी तक आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
केजरीवाल ने इस मामले में क्या माँग की है?
AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की माँग की है। उन्होंने कहा कि जांच में छात्र से जुड़ी सभी परिस्थितियों और चिंताओं को गंभीरता से शामिल किया जाए।
केजरीवाल ने IIT छात्र आत्महत्याओं को लेकर क्या आँकड़ा दिया?
केजरीवाल ने दावा किया कि पिछले पाँच वर्षों में 65 से अधिक IIT छात्रों ने आत्महत्या की है। उन्होंने इसे अत्यंत चिंताजनक बताते हुए संस्थागत स्तर पर गंभीर आत्मनिरीक्षण की आवश्यकता जताई।
IIT जैसे संस्थानों में छात्रों के मानसिक दबाव का क्या कारण है?
विशेषज्ञों और नेताओं के अनुसार, अत्यधिक शैक्षणिक प्रतिस्पर्धा, रैंक और प्लेसमेंट का दबाव, और पर्याप्त भावनात्मक सहयोग-तंत्र की कमी प्रमुख कारण हैं। केजरीवाल ने कहा कि छात्रों को बिना भय के अपनी समस्याएँ साझा करने का सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए।
इस घटना के बाद आगे क्या कदम उठाए जाने की उम्मीद है?
केजरीवाल ने उम्मीद जताई कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और सभी पहलू सामने आएँगे। साथ ही उन्होंने IIT सहित सभी प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों से छात्रों के लिए बेहतर मानसिक स्वास्थ्य सहयोग-तंत्र विकसित करने का आग्रह किया है।
राष्ट्र प्रेस
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