आईआईटी दिल्ली छात्र ऋषिकेश की मौत: केजरीवाल ने निष्पक्ष जांच की मांग की, 5 साल में 65 छात्रों की आत्महत्या का दावा
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आईआईटी दिल्ली के छात्र ऋषिकेश की दुखद मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की माँग की है। 25 अगस्त को सामने आई इस घटना ने देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा-तंत्र को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है।
केजरीवाल की माँग और चिंता
केजरीवाल ने कहा कि जांच के दौरान छात्र से जुड़ी सभी परिस्थितियों और चिंताओं को गंभीरता से परखा जाना चाहिए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि कठिन दौर से गुज़र रहे विद्यार्थियों को समय पर आवश्यक सहायता मिलनी चाहिए और हर छात्र को एक ऐसा वातावरण मिले जहाँ वह बिना किसी भय के अपनी परेशानियाँ साझा कर सके।
उन्होंने यह भी कहा कि मुश्किल घड़ी में छात्रों को यह भरोसा होना चाहिए कि उनकी बात सुनने वाला कोई मौजूद है और ज़रूरत पड़ने पर तत्काल मदद उपलब्ध है। AAP संयोजक ने स्पष्ट किया कि देश के छात्रों का भविष्य सर्वोपरि है और उन्हें किसी भी स्थिति में अकेला नहीं छोड़ा जा सकता।
पाँच वर्षों में 65 से अधिक आत्महत्याओं का दावा
केजरीवाल ने दावा किया कि पिछले पाँच वर्षों में 65 से अधिक आईआईटी छात्रों ने आत्महत्या की है। उन्होंने इस आँकड़े को अत्यंत चिंताजनक बताते हुए कहा कि देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों में व्याप्त मानसिक और शैक्षणिक दबाव को अब और नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। यह ऐसे समय में आया है जब IIT संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पर्याप्तता पर राष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठते रहे हैं।
शैक्षणिक उत्कृष्टता बनाम छात्र कल्याण
केजरीवाल ने स्पष्ट किया कि केवल रैंक, ग्रेड और प्लेसमेंट के आँकड़ों को किसी संस्थान की सफलता का एकमात्र पैमाना नहीं माना जाना चाहिए। उनके अनुसार, विद्यार्थियों का मानसिक और भावनात्मक कल्याण उतना ही महत्वपूर्ण है जितना उनका शैक्षणिक प्रदर्शन।
गौरतलब है कि आईआईटी जैसे संस्थानों ने शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी क्षेत्र में भारत को वैश्विक पहचान दिलाई है। लेकिन केजरीवाल ने कहा कि इस प्रतिष्ठा के साथ-साथ छात्रों के भावनात्मक और व्यक्तिगत संघर्षों को भी संस्थागत स्तर पर समझना होगा।
बेहतर सहयोग प्रणाली की ज़रूरत
AAP संयोजक ने शैक्षणिक संस्थानों से आग्रह किया कि वे छात्रों के लिए मज़बूत सहयोग-तंत्र विकसित करें। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में जहाँ कमियाँ हैं, उन्हें दूर करने के लिए गंभीर आत्मनिरीक्षण ज़रूरी है। छात्रों को ऐसी स्थिति में अकेला नहीं छोड़ा जा सकता जहाँ वे अपनी समस्याओं से जूझते रहें और मदद का कोई सुरक्षित रास्ता न हो।
आगे क्या होगा
केजरीवाल ने उम्मीद जताई कि आईआईटी दिल्ली छात्र ऋषिकेश की मौत की निष्पक्ष जांच होगी और इससे जुड़े सभी पहलू सामने आएँगे। यह घटना देश भर के प्रीमियर संस्थानों को अपनी मानसिक स्वास्थ्य नीतियों की समीक्षा करने का एक और अवसर प्रदान करती है।