22 अगस्त 2026
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आईआईटी दिल्ली में एमएससी छात्र ऋषिकेश कुमार ने लेक्चर हॉल की छठी मंजिल से कूदकर जान दी, पुलिस जांच जारी

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आईआईटी दिल्ली में एमएससी छात्र ऋषिकेश कुमार ने लेक्चर हॉल की छठी मंजिल से कूदकर जान दी, पुलिस जांच जारी

सारांश

आईआईटी दिल्ली के लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स में 22 अगस्त की सुबह एमएससी (फिजिक्स) द्वितीय वर्ष के छात्र ऋषिकेश कुमार ने कथित तौर पर छठी मंजिल से छलांग लगाई। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, कारण अज्ञात — पुलिस काउंसलिंग रिकॉर्ड और मोबाइल फोन खंगाल रही है।

मुख्य बातें

आईआईटी दिल्ली के एमएससी (फिजिक्स) द्वितीय वर्ष के छात्र ऋषिकेश कुमार ने 22 अगस्त की सुबह कथित तौर पर लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स की छठी मंजिल से छलांग लगाई।
सुबह 8 बजकर 33 मिनट पर किशनगढ़ थाने को पीसीआर कॉल मिली; पुलिस और कैंपस अस्पताल ने तत्काल कार्रवाई की, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया।
शरीर पर गिरने के अतिरिक्त अन्य चोट के निशान नहीं; कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ।
मृतक की जेब से मोबाइल फोन मिला, जिसकी फॉरेंसिक जांच की जाएगी।
पुलिस आईआईटी दिल्ली प्रशासन से काउंसलिंग रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज़ एकत्र कर रही है।

नई दिल्ली के आईआईटी दिल्ली परिसर में 22 अगस्त की सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब एमएससी (फिजिक्स) के द्वितीय वर्ष के छात्र ऋषिकेश कुमार ने कथित तौर पर लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स की छठी मंजिल से छलांग लगा ली। कैंपस अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है और पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है।

घटनाक्रम: सुबह 8 बजे से लेकर अस्पताल तक

पुलिस के अनुसार, ऋषिकेश कुमार सुबह लगभग 8 बजे मुख्य गेट से आईआईटी दिल्ली परिसर में दाखिल हुए। इसके बाद वे लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स पहुँचे, लिफ्ट से छठी मंजिल पर गए और इमारत के अग्र भाग से कूद गए। सुबह 8 बजकर 33 मिनट पर किशनगढ़ थाने को पीसीआर कॉल मिली, जिसके बाद पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुँची और घायल अवस्था में उन्हें आईआईटी दिल्ली के कैंपस अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

छात्र का परिचय और आवास

ऋषिकेश कुमार आईआईटी दिल्ली से एमएससी (फिजिक्स) कार्यक्रम में द्वितीय वर्ष के छात्र थे। दिल्ली पुलिस ने बताया कि वे शालीमार स्थित शिवालिक हॉस्टल के आवंटित निवासी थे, लेकिन घटना के समय वे अपनी माँ के साथ परिसर के बाहर रह रहे थे।

जांच की स्थिति

मौके पर क्राइम टीम और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को बुलाया गया। पुलिस के अनुसार, गिरने से हुई चोटों के अतिरिक्त शरीर पर किसी अन्य प्रकार के बाहरी आघात के स्पष्ट निशान नहीं पाए गए। कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है। मृतक की जेब से एक मोबाइल फोन मिला है, जिसकी जांच निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाएगी।

संस्थान से जुटाई जा रही जानकारी

पुलिस आईआईटी दिल्ली प्रशासन से काउंसलिंग रिकॉर्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेज़ एकत्र कर रही है। सभी तथ्यों की पुष्टि की प्रक्रिया जारी है। आत्महत्या के पीछे के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है।

आईआईटी परिसरों में मानसिक स्वास्थ्य की चिंता

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंताएँ लगातार बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में आईआईटी परिसरों से इस तरह की घटनाओं की खबरें सामने आती रही हैं, जिससे शैक्षणिक दबाव, सामाजिक अलगाव और परामर्श सेवाओं की पर्याप्तता पर सवाल उठते रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस व्यापक संकट की ओर भी इशारा करती है जो देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों में पनप रहा है। आईआईटी परिसरों में काउंसलिंग सेवाओं का विस्तार होने के बावजूद, छात्रों पर शैक्षणिक और सामाजिक दबाव की गहराई को मापने का कोई पारदर्शी तंत्र मौजूद नहीं है। यह सवाल उठना लाज़िमी है कि संस्थान के काउंसलिंग रिकॉर्ड क्या बताते हैं और क्या समय पर हस्तक्षेप संभव था। बिना व्यवस्थागत जवाबदेही के, ऐसी घटनाएँ केवल जांच की फाइलों में सिमटकर रह जाती हैं।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईआईटी दिल्ली में आत्महत्या करने वाले छात्र कौन थे?
छात्र का नाम ऋषिकेश कुमार था, जो आईआईटी दिल्ली से एमएससी (फिजिक्स) के द्वितीय वर्ष में अध्ययनरत थे। वे शालीमार स्थित शिवालिक हॉस्टल के आवंटित निवासी थे, लेकिन घटना के समय अपनी माँ के साथ परिसर के बाहर रह रहे थे।
आईआईटी दिल्ली में यह घटना कब और कहाँ हुई?
यह घटना 22 अगस्त की सुबह लगभग 8 बजे आईआईटी दिल्ली के लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स में हुई। छात्र ने लिफ्ट से छठी मंजिल पर पहुँचकर इमारत के अग्र भाग से छलांग लगाई।
क्या आत्महत्या का कारण पता चला है?
अभी तक आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस के अनुसार कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मृतक के मोबाइल फोन की जांच और संस्थान के काउंसलिंग रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
पुलिस इस मामले में क्या कदम उठा रही है?
किशनगढ़ थाना पुलिस ने क्राइम टीम और FSL टीम को मौके पर बुलाया। पुलिस आईआईटी दिल्ली प्रशासन से काउंसलिंग रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज़ एकत्र कर रही है तथा सभी तथ्यों की पुष्टि की प्रक्रिया जारी है।
आईआईटी जैसे संस्थानों में छात्र मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति क्या है?
पिछले कुछ वर्षों में देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों — विशेषकर आईआईटी परिसरों — से इस तरह की घटनाओं की खबरें आती रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शैक्षणिक दबाव, प्रतिस्पर्धा और सामाजिक अलगाव छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डालते हैं, और काउंसलिंग सेवाओं की पहुँच और प्रभावशीलता पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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