आईआईटी दिल्ली में एमएससी छात्र ऋषिकेश कुमार ने लेक्चर हॉल की छठी मंजिल से कूदकर जान दी, पुलिस जांच जारी
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के आईआईटी दिल्ली परिसर में 22 अगस्त की सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब एमएससी (फिजिक्स) के द्वितीय वर्ष के छात्र ऋषिकेश कुमार ने कथित तौर पर लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स की छठी मंजिल से छलांग लगा ली। कैंपस अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है और पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है।
घटनाक्रम: सुबह 8 बजे से लेकर अस्पताल तक
पुलिस के अनुसार, ऋषिकेश कुमार सुबह लगभग 8 बजे मुख्य गेट से आईआईटी दिल्ली परिसर में दाखिल हुए। इसके बाद वे लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स पहुँचे, लिफ्ट से छठी मंजिल पर गए और इमारत के अग्र भाग से कूद गए। सुबह 8 बजकर 33 मिनट पर किशनगढ़ थाने को पीसीआर कॉल मिली, जिसके बाद पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुँची और घायल अवस्था में उन्हें आईआईटी दिल्ली के कैंपस अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
छात्र का परिचय और आवास
ऋषिकेश कुमार आईआईटी दिल्ली से एमएससी (फिजिक्स) कार्यक्रम में द्वितीय वर्ष के छात्र थे। दिल्ली पुलिस ने बताया कि वे शालीमार स्थित शिवालिक हॉस्टल के आवंटित निवासी थे, लेकिन घटना के समय वे अपनी माँ के साथ परिसर के बाहर रह रहे थे।
जांच की स्थिति
मौके पर क्राइम टीम और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को बुलाया गया। पुलिस के अनुसार, गिरने से हुई चोटों के अतिरिक्त शरीर पर किसी अन्य प्रकार के बाहरी आघात के स्पष्ट निशान नहीं पाए गए। कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है। मृतक की जेब से एक मोबाइल फोन मिला है, जिसकी जांच निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाएगी।
संस्थान से जुटाई जा रही जानकारी
पुलिस आईआईटी दिल्ली प्रशासन से काउंसलिंग रिकॉर्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेज़ एकत्र कर रही है। सभी तथ्यों की पुष्टि की प्रक्रिया जारी है। आत्महत्या के पीछे के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है।
आईआईटी परिसरों में मानसिक स्वास्थ्य की चिंता
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंताएँ लगातार बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में आईआईटी परिसरों से इस तरह की घटनाओं की खबरें सामने आती रही हैं, जिससे शैक्षणिक दबाव, सामाजिक अलगाव और परामर्श सेवाओं की पर्याप्तता पर सवाल उठते रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।