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गांधीनगर हत्याकांड: अवैध संबंध के विरोध पर पति की हत्या, तीन आरोपी गिरफ्तार

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गांधीनगर हत्याकांड: अवैध संबंध के विरोध पर पति की हत्या, तीन आरोपी गिरफ्तार

सारांश

गांधीनगर में अवैध संबंध का विरोध करने पर पति की हत्या — आरोपियों ने वाहन में गला दबाकर जान ली और शव खाली प्लॉट में फेंक दिया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने तीन दिनों के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

मुख्य बातें

3 जून 2026 को रंधेजा रेलवे क्रॉसिंग के पास खाली प्लॉट में मगनजी ठाकुर का शव मिला।
मुख्य आरोपी लालाजी ठाकुर मृतक की पत्नी के साथ अवैध संबंध बनाने का प्रयास कर रहा था — इसी विवाद में हत्या हुई।
तीनों आरोपियों ने मगनजी को वाहन में बैठाकर गला दबाकर हत्या की और शव फेंककर फरार हो गए।
पुलिस ने लालाजी ठाकुर , सुरेश सिंह और दिग्विजय सिंह को गिरफ्तार किया।
एएसपी आयुष जैन के नेतृत्व में तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ से मामला सुलझाया गया।

गुजरात के गांधीनगर जिले में 3 जून 2026 को एक व्यक्ति की नृशंस हत्या का मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी लालाजी ठाकुर मृतक मगनजी ठाकुर की पत्नी के साथ अवैध संबंध बनाने का प्रयास कर रहा था, जिसका मगनजी ने विरोध किया — और इसी विवाद ने उनकी जान ले ली।

मुख्य घटनाक्रम

3 जून की शाम पेथापुर पुलिस को सूचना मिली कि रंधेजा रेलवे क्रॉसिंग के निकट एक खाली प्लॉट में एक व्यक्ति का शव पड़ा है। पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुँची और प्रारंभिक जांच में मृतक की पहचान रंधेजा गांव निवासी मगनजी ठाकुर के रूप में की गई।

पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से मगनजी को अपने वाहन में बैठाया और वाहन के भीतर ही गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद सबूत मिटाने के इरादे से शव को रेलवे क्रॉसिंग के पास खाली प्लॉट में फेंककर आरोपी फरार हो गए।

आरोपियों की गिरफ्तारी

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) आयुष जैन ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों और गहन पूछताछ के आधार पर तीन संदिग्धों की पहचान की गई। पुलिस ने लालाजी ठाकुर, सुरेश सिंह और दिग्विजय सिंह को गिरफ्तार कर लिया। तीनों से आगे की पूछताछ जारी है।

जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी लालाजी ठाकुर और मगनजी के बीच इसी विवाद को लेकर पहले भी कहासुनी हो चुकी थी। पुलिस का मानना है कि हत्या पूर्व नियोजित थी।

जांच का आधार

पुलिस ने बताया कि मामले को सुलझाने में तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल डेटा और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान अहम रहे। एएसपी आयुष जैन ने कहा कि साक्ष्यों की शृंखला ने आरोपियों तक पहुँचने में निर्णायक भूमिका निभाई।

यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात में पारिवारिक विवादों से जुड़े अपराधों की घटनाओं पर नज़र रखी जा रही है। गौरतलब है कि इस तरह के सुनियोजित अपराधों में तकनीकी साक्ष्य तेज़ी से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

आगे की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है। मामले में अन्य संभावित संलिप्तता की जांच भी जारी है। पेथापुर पुलिस ने हत्या, षड्यंत्र और साक्ष्य छिपाने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सुनियोजित अपराध का उदाहरण है जहाँ आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने तक की कोशिश की — फिर भी तीन दिनों में गिरफ्तारी हुई, जो पुलिस की तकनीकी क्षमता को दर्शाती है। हालांकि, यह सवाल भी उठता है कि क्या विवाद के पहले के संकेतों पर समय रहते ध्यान दिया गया होता तो यह नौबत आती। पारिवारिक और सामाजिक विवादों से जन्मे इस तरह के अपराध गुजरात समेत पूरे देश में एक गंभीर प्रवृत्ति की ओर इशारा करते हैं, जिसे केवल कानूनी कार्रवाई से नहीं, बल्कि सामुदायिक स्तर पर भी संबोधित करने की ज़रूरत है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गांधीनगर हत्याकांड में क्या हुआ?
गुजरात के गांधीनगर जिले में 3 जून 2026 को रंधेजा गांव निवासी मगनजी ठाकुर की हत्या कर दी गई। आरोपियों ने उन्हें वाहन में बैठाकर गला दबाकर मार डाला और शव रेलवे क्रॉसिंग के पास खाली प्लॉट में फेंक दिया।
हत्या का कारण क्या था?
पुलिस जांच के अनुसार, मुख्य आरोपी लालाजी ठाकुर मगनजी की पत्नी के साथ अवैध संबंध बनाने का प्रयास कर रहा था। मगनजी द्वारा इसका विरोध करने पर दोनों के बीच विवाद हुआ, जो अंततः हत्या में बदल गया।
कितने आरोपी गिरफ्तार हुए और कौन हैं?
पुलिस ने तीन आरोपियों — लालाजी ठाकुर, सुरेश सिंह और दिग्विजय सिंह — को गिरफ्तार किया है। तीनों से आगे की पूछताछ जारी है।
पुलिस ने आरोपियों तक कैसे पहुँची?
एएसपी आयुष जैन के अनुसार, तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल डेटा और गहन पूछताछ के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। साक्ष्यों की शृंखला ने मामला सुलझाने में निर्णायक भूमिका निभाई।
इस मामले में आगे क्या होगा?
तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है। पेथापुर पुलिस ने हत्या, षड्यंत्र और साक्ष्य छिपाने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और अन्य संभावित संलिप्तता की जांच भी जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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