गया में दिव्यांग पति की हत्या: पत्नी और प्रेमी समेत चार गिरफ्तार, पुलिस ने 6 घंटे में सुलझाया मामला
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के गया जिले के इमामगंज थाना क्षेत्र में 30 जुलाई 2026 को एक दिव्यांग व्यक्ति राजदेव भारती की कथित हत्या का मामला पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज होने के मात्र छह घंटे के भीतर सुलझाने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, मृतक की पत्नी ने अपने कथित प्रेमी राजा आलम उर्फ बुग्लू और दो अन्य साथियों के साथ मिलकर इस हत्या की साजिश रची थी। इस मामले में कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
बुधवार को इमामगंज थाना क्षेत्र के छोटकी कुंजेसर गाँव में राजदेव भारती का शव उनके घर के निकट मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (ANMMCH), गया भेजा गया। साक्ष्य संकलन के लिए तकनीकी शाखा और फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया।
इमामगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के पर्यवेक्षण और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, इमामगंज के नेतृत्व में एक विशेष जाँच टीम गठित की गई।
गिरफ्तारी और खुलासा
विशेष टीम ने तकनीकी अनुसंधान और आसूचना संकलन के आधार पर रोहित कुमार, राजा आलम उर्फ बुग्लू, मोहम्मद मुन्ना और मृतक की पत्नी — इन चारों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
पुलिस के अनुसार, मृतक की पत्नी और राजा आलम के बीच कथित अवैध संबंध को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद की परिणति इस हत्या में हुई। प्रारंभिक अनुसंधान में सामने आया है कि राजा आलम ने कथित रूप से गला दबाकर राजदेव भारती की हत्या की, जबकि अन्य तीनों आरोपियों ने साजिश में सहयोग किया।
घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन भी आरोपियों के पास से बरामद किए गए हैं।
आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, मृतक की पत्नी के विरुद्ध बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत पहले से दो मामले दर्ज हैं। वहीं, गिरफ्तार आरोपी राजा आलम के खिलाफ झारखंड के चतरा जिले के प्रतापपुर थाना में दुष्कर्म, आपराधिक धमकी और पॉक्सो अधिनियम के तहत एक मामला पहले से दर्ज है।
पुलिस की प्रतिक्रिया
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) दिव्यांजली ने गुरुवार को बताया कि मामले के त्वरित खुलासे में तकनीकी शाखा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक अनुसंधान में षड्यंत्र की पूरी कड़ी स्पष्ट हो गई है।
आगे की कार्रवाई
सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है। यह मामला बिहार में पारिवारिक विवादों से उपजी हिंसा की बढ़ती घटनाओं की पृष्ठभूमि में एक गंभीर संकेत है।