गोपालगंज में दहेज हत्या का आरोप: शादी के दो माह बाद ज्योति देवी की संदिग्ध मौत, पति गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के झुर्बाती दक्षिण टोला गांव में 22 वर्षीय नवविवाहिता ज्योति देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतिका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज में गाड़ी की मांग को लेकर प्रताड़ना और गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाया है। 8 जून को सामने आई इस घटना के बाद पुलिस ने मृतिका के पति मुन्ना राम को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
परिजनों के अनुसार, शादी के कुछ ही दिनों बाद ससुराल पक्ष ने दहेज में गाड़ी की मांग शुरू कर दी थी। मांग पूरी न होने पर ज्योति को कथित तौर पर लगातार प्रताड़ित किया जाता था। जब मायके वाले मौके पर पहुंचे तो घर में कई सदस्य फरार मिले, जिससे परिजनों का संदेह और गहरा हो गया। परिजनों का आरोप है कि ससुराल पक्ष इस मौत को सामान्य बताने की कोशिश कर रहा था।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही बैकुंठपुर थाना पुलिस और एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मॉडल सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मायके पक्ष के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।
एसडीपीओ का बयान
सदर एसडीपीओ-2 सिधवलिया राजेश कुमार ने बताया कि नवविवाहिता की संदिग्ध मौत की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक कार्रवाई के तहत महिला के पति को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा वैज्ञानिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आम जनता पर असर
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बिहार में दहेज उत्पीड़न के मामले लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। गौरतलब है कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार बिहार दहेज मृत्यु के मामलों में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल रहा है। इस मामले ने स्थानीय स्तर पर व्यापक आक्रोश उत्पन्न किया है और परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं।
क्या होगा आगे
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल की वैज्ञानिक जांच के निष्कर्ष यह तय करेंगे कि मौत का कारण दहेज हत्या है या कोई अन्य। पुलिस के अनुसार फरार परिवार के सदस्यों की तलाश जारी है और मामले के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है।