लखनऊ: शादी के 6 महीने बाद श्वेता सिंह की संदिग्ध मौत, परिवार का दहेज हत्या का आरोप — पति और ससुर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ में 26 वर्षीय श्वेता सिंह की 25 मई 2026 को उनके ससुराल में फांसी पर लटकी हुई अवस्था में मौत हो गई — शादी के महज छह महीने बाद। श्वेता के परिजनों ने यह मानने से इनकार किया है कि यह आत्महत्या थी और उन्होंने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए पति भूपेंद्र सिंह और उनके परिवार पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पुलिस ने भूपेंद्र सिंह और उनके पिता कौशलेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।
मुख्य घटनाक्रम
श्वेता के पिता उमेश कुमार सिंह ने 22 नवंबर 2025 को भूपेंद्र सिंह से अपनी बेटी की शादी की थी। उनका आरोप है कि उन्होंने अपनी आर्थिक क्षमता से कहीं अधिक खर्च किया, फिर भी दूल्हे के परिवार ने अतिरिक्त दहेज की माँग जारी रखी — जिसमें एक स्कॉर्पियो एसयूवी और ₹10 लाख नकद शामिल थे। परिवार के अनुसार, विदाई समारोह के दौरान ही ये माँगें खुलेआम रखी गईं और उमेश कुमार सिंह को विवाद से बचने के लिए दूल्हे के पैर पकड़ने पर मजबूर किया गया।
श्वेता की बहनों कोमल और ज्योति ने आरोप लगाया कि शादी के बाद भी उत्पीड़न नहीं रुका। कोमल के अनुसार, श्वेता की सास दहेज के मुद्दों पर उसे लगातार ताने मारती थीं और परिवार के अन्य सदस्यों को भी इसमें शामिल करती थीं। कथित तौर पर नोएडा में रहने वाली श्वेता की भाभी भी घरेलू मामलों में दखल देती थीं और सोशल मीडिया पर अपमानजनक टिप्पणियाँ पोस्ट की जाती थीं।
नौकरी छुड़वाई, परिवार से काटा
शादी से पहले श्वेता HDFC बैंक के डेबिट कार्ड विभाग में कार्यरत थीं। परिवार का आरोप है कि शादी तय होने के तुरंत बाद उन पर नौकरी छोड़ने का दबाव डाला गया। उन्हें आश्वासन दिया गया था कि वे बाद में काम पर लौट सकती हैं, लेकिन कथित तौर पर पति का परिवार चाहता था कि वे गृहिणी बनकर रहें। कोमल के अनुसार, भूपेंद्र श्वेता के रिश्तेदारों से संपर्क सीमित करता था और जब भी वह अपनी बीमार माँ से मिलने जाती थीं, ससुराल में विवाद खड़ा हो जाता था।
मृत्यु से पहले की बातचीत और परिवार का दावा
परिवार के अनुसार, मृत्यु की सूचना मिलने से लगभग दो घंटे पहले श्वेता ने अपने पिता से और लगभग एक घंटे पहले अपनी बहन से फोन पर बात की थी। परिजनों का कहना है कि उन बातचीत में श्वेता का व्यवहार सामान्य था, जिससे उन्हें आत्महत्या की कोई आशंका नहीं हुई। जब परिवार ससुराल पहुँचा, तब तक श्वेता को अस्पताल ले जाया जा चुका था, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुष्टि की है कि मौत फांसी लगाने से हुई।
कानूनी कार्रवाई
लखनऊ पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80 (दहेज हत्या) और धारा 85 (क्रूरता), तथा दहेज निषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। एफआईआर में भूपेंद्र सिंह, उनके माता-पिता, उनके भाई, उनकी पत्नी और उनकी बहन को नामजद किया गया है। पति भूपेंद्र सिंह और उनके पिता कौशलेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है और पूछताछ जारी है।
व्यापक संदर्भ: देशभर में बढ़ते मामले
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देश में विवाहित महिलाओं की संदिग्ध मौतों की घटनाएँ चर्चा में हैं। ग्रेटर नोएडा में 24 वर्षीय दीपिका नागर की शादी के लगभग 18 महीने बाद ससुराल की तीसरी मंजिल की छत से गिरने से मौत हो गई — उनके परिवार ने भी दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया है। इसी महीने भोपाल में अभिनेत्री-मॉडल द्विशा शर्मा (33) अपने ससुराल में मृत पाई गईं; परिजनों ने मानसिक उत्पीड़न और आर्थिक दबाव का आरोप लगाते हुए जाँच के तरीके पर भी सवाल उठाए हैं। गौरतलब है कि ये घटनाएँ दहेज-संबंधी अपराधों पर कड़े कानूनी प्रावधानों के बावजूद सामने आ रही हैं, जो क्रियान्वयन की खामियों की ओर इशारा करती हैं।
श्वेता सिंह मामले में जाँच जारी है और अदालती कार्यवाही आगे बढ़ने के साथ तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।